दिनांक 26 मई, 2021


अंक 794

राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

      राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम ने आज राजभवन पहुँच कर, सौजन्य भेंट की। राज्यपाल को उन्होंने स्मृति चिन्हृ भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नारियल का पौधा लगाया

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास परिसर में नारियल का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान अपने संकल्प के अनुसार प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण में तेजी से गिरावट

मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में 10 हजार से अधिक मरीजों का नि:शुल्क इलाज
किल-कोरोना अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सर्वेक्षण पूर्ण
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना के प्रकरणों में तेजी से गिरावट आ रही है। अब प्रदेश के 45 जिलों में कोरोना संक्रमण 5% से कम है। संक्रमण की दृष्टि से प्रदेश का देश में 19 वाँ स्थान है। आगामी 31 मई तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण शून्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में प्रदेश में अभी तक 10 हजार 33 कोविड मरीजों का संबंद्ध निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज किया गया है। योजना में वर्तमान में कोरोना के 5810 मरीज उपचार प्राप्त कर रहे हैं और 4223 मरीज स्वस्थ्य हो गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किल-कोरोना अभियान के अंतर्गत शत-प्रतिशत (6 करोड़ 7 लाख 73 हजार 15) ग्रामीण जनता का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया है।  घर-घर जाकर सर्दी, बुखार, खाँसी के मरीजों की पहचान की गई  तथा उन्हें नि:शुल्क मेडिकल-किट वितरित किए गए। शहरी क्षेत्रों में कोविड सहायता केन्द्र के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण एवं नि:शुल्क मेडिकल किट वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। 

2182 नए प्रकरण 

प्रदेश में कोरोना के 2182 नए प्रकरण आए हैं। गत 24 घंटों में 7486 मरीज स्वस्थ हुए हैं। सक्रिय प्रकरणों की संख्या 43 हजार 258 रह गई है। प्रदेश की सात दिनों की औसत पॉजिटिविटी रेट 4.5% है तथा आज की पॉजिटीविटी दर 3.1% है।

सात जिलों में ही 5 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिविटी दर

प्रदेश के सात जिलों इंदौर (8.6%), भोपाल (8.4%), सागर (7.3%), रतलाम (7%), रीवा (6.5%), सीधी (5.2%) तथा अनूपपुर (7.3 %) में ही 5% से अधिक साप्ताहिक औसत पॉजिटिविटी दर है। तीन जिलों इंदौर (623), भोपाल (433)  तथा सागर (108 ) में 100 से अधिक नए प्रकरण आए हैं।

इंदौर में अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर जिले की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि वहाँ कोरोना संक्रमण तेजी से कम करने के लिए अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है। अभी प्रकरणों में गिरावट धीमी है। यदि ऐसा ही रहता है तो 'अनलॉक' करने पर संक्रमण बढ़ सकता है। वार्ड समितियों को सक्रिय किया जाए और संक्रमण रोकने के हर संभव प्रयास किए जाएँ। इंदौर की साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 8.6% तथा आज की पॉजिटिविटी दर 7.2% है। किल-कोरोना अभियान सर्वे के अंतर्गत शहरी क्षेत्र की पॉजिटिविटी दर 8.2% तथा ग्रामीण क्षेत्र की 3.4% है।

सागर की पॉजिटिविटी क्यों बढ़ रही है ?

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर जिले की समीक्षा के दौरान कलेक्टर से पूछा कि जब पूरे प्रदेश में कोरोना पॉजिटिविटी दर कम हो रही है, तो सागर की पॉजिटिविटी दर क्यों बढ़ रही है? कहाँ ढिलाई है? सागर की आज की पॉजिटिविटी दर 9.9% आई है तथा यहाँ नए 108 प्रकरण आए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीना रिफायनरी क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये।

सख्ती करें पर जनता से अभद्र व्यवहार न हो 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों  को निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सख्ती करें, परंतु जनता के साथ अभद्र व्यवहार नहीं होना चाहिए। कुछ प्रकरण आए हैं, जो शर्मनाक हैं। जनता के साथ शालीन व्यवहार होना चाहिए।

उद्योगों को ऑक्सीजन उपलब्ध करायें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि अब प्रदेश में ऑक्सीजन की अतिरिक्त उपलब्धता है, अत: उद्योगों को उनके उपयोग के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराएं।

भरपूर टेस्टिंग करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में कोरोना की अधिक से अधिक टेस्टिंग की जाए, जिससे यथास्थिति का पता चलता रहे तथा उसके अनुरूप प्रयास किए जा सकें।

दूसरे मरीजों के उपचार की भी व्यवस्था रहे 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी जिलों के अस्पतालों में कोरोना के अलावा अन्य रोगों के उपचार की व्यवस्थाओं पर भी पूरा ध्यान दिया जाए।

प्रदेश में अभियान के रूप में किया जाए कोरोना वैक्सीनेशन कार्य

वैक्सीन का एक भी डोज न हो व्यर्थ
18+ के वैक्सिनेशन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की प्रदेश में वैक्सीनेशन कार्य की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वैक्सीन कोरोना के विरूद्ध सुरक्षा चक्र का कार्य करता है। प्रदेश में अभियान के रूप में वैक्सीनेशन का कार्य किया जाए। इस कार्य में ग्राम, शहर, कस्बों में कार्यरत क्राइसिस मैनेजमेंट समूह सहित समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वैक्सीन अत्यधिक महत्वपूर्ण है, अत: ऐसे प्रयास किए जाएं कि वैक्सीन का एक भी डोज व्यर्थ न हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन लगवाने के लिए पूर्व पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी। ग्रामीणजन वैक्सीनेशन केन्द्र पर सीधे जाकर वैक्सीन लगवा सकेंगे। शहरी क्षेत्रों में सायं चार बजे के बाद शेष वैक्सीन बिना पूर्व पंजीयन के लगवाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज निवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वैक्सीनेशन कार्य की समीक्षा की।

प्रदेश में एक करोड़ से अधिक डोज़ लगे

प्रदेश में अभी तक 45 वर्ष से ऊपर आयु वाले तथा 18 वर्ष से ऊपर आयु वाले व्यक्तियों को कुल एक करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन के डोज़ लगाए जा चुके हैं। इनमें 7 लाख 70 हजार 613 डोजेज़ हैल्थ वर्कर्स को, 7 लाख चार हजार 818 डोजेज़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को, 37 लाख 03 हजार 698 डोजेज़  60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को, 39 लाख 46 हजार 793 डोजेज़ 45 से 60 वर्ष तक की उम्र के व्यक्तियों को तथा 9 लाख 56 हजार 663 डोजेज़ 18 से 24 वर्ष की उम्र के व्यक्तियों को लगाए गए हैं।

ऑफ लाइन डोज़ लगवाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई.डी. आदि मान्य 

बिना पूर्व पंजीयन के ऑफ लाइन कोरोना का वैक्सीन लगवाने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं होगी। वोटर आई.डी. और ड्राइविंग लाइसेंस आदि भी मान्य होंगे।

प्राथमिकता समूह भी बनाएं 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि 18+ के वैक्सीनेशन में प्राथमिकता समूह भी बनाए जाएं। ऐसे लोगों को पहले वैक्सीन लगाया जाए, जो अधिक लोगों के संपर्क में आते हैं। इनमें हाथ ठेले वाले, फेरी वाले आदि को शामिल किया जा सकता है। छोटे बच्चों के माता-पिता को भी प्राथमिकता समूह में रखा जा सकता है।

जागरूकता अभियान चलाया जाए, भ्रान्तियाँ दूर करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि कोरोना के सुरक्षा चक्र के रूप में वैक्सीन के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा वैक्सीन के संबंध में भ्रान्तियों को दूर किया जाए। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए वैक्सीन बहुत आवश्यक है।

विभिन्न वैक्सीन की स्थिति

प्रदेश को अभी कोवैक्सीन एवं कोविशील्ड वैक्सीन प्राप्त हो रहे हैं। इनके अलावा राज्य सरकार स्पूतनिक (डॉ रैड्डीज़ लैब) वैक्सीन प्राप्त करने के प्रयास कर रही है। जॉनसन एण्ड जॉनसन वैक्सीन, जिसका केवल एक डोज लगेगा भारत में बनेगी। फाइज़र एवं मॉडर्ना वैक्सीन संबंधित कंपनियों द्वारा सीधे केन्द्र सरकार को प्रदान की जाएगी। जाइडस कैडिला वैक्सीन, जिसके तीन डोज़ लगेंगे को अभी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इमरजेंसी यूज़ ऑथराईजेशन नहीं दिया है।

संकल्प लें कि प्रदेश को कोरोना से मुक्त रखना है: मुख्यमंत्री श्री चौहान

संक्रमण नियंत्रण के लिए जन-समुदाय के सहयोग का मॉडल प्रभावी रहा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना अनुकूल व्यवहार पर प्रदेशवासियों को दिया संदेश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज बुद्ध पूर्णिमा है। आज ही के दिन बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था। भगवान बुद्ध ने कहा था- सर्वं दु:खं, दु:ख समुदय, दु:ख निरोध और दु:ख निरोध गामिनी प्रति पथ अर्थात दु:ख है़, दु:ख का कारण है और कारण का निवारण भी किया जा सकता है। इसके लिए गौतम बुद्ध ने अष्टांग मार्ग बताया। उन्होंने हमें मध्यम मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। गौतम बुद्ध ने हमें अनुशासित जीवन जीने का मार्ग बताया। आज कोरोना संकट ने मानवता को एक बार फिर झकझोर कर रख दिया है। कोरोना वायरस का दु:ख हमारे सामने है, वायरस फैलने का कारण भी है पर इस कारण का निवारण किया जा सकता है। इसके कुछ उपाय हमने किए हैं। आज मुझे यह बताते हुए संतोष है कि सबके प्रयासों से कोरोना संक्रमण अब प्रदेश में नियंत्रण की स्थिति में है।

रिकवरी रेट 93.39 प्रतिशत है पर सावधानी भी जरूरी है

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों के नाम जारी संदेश में कहा कि कल 70 हजार से अधिक टेस्ट हुए। जिनमें से पॉजिटिव केस केवल 2 हजार 189 आए और 7 हजार 846 व्यक्ति स्वस्थ हुए। पॉजिटिविटी रेट घटकर 3.1 प्रतिशत रह गया है। रिकवरी रेट बढ़कर 93.39 प्रतिशत है। यह प्रतिशत लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन हमें निश्चिंत नहीं होना है। संकट अभी टला नहीं है। खतरा अभी बाकी है वायरस हमारे बीच है। यह बात सही है कि 17 जिलों में आज 10 से कम केस आए लेकिन अभी भी इन्दौर और भोपाल में बहुत सावधानी की आवश्यकता है। दोनों स्थानों पर लगातार 500 से अधिक पॉजिटिव केस आ रहे हैं। रतलाम, रीवा, अनूपपुर, सीधी आदि जिलों को भी सावधानी की जरूरत है। इन जिलों के साथ ही संपूर्ण प्रदेश में सावधानी की आवश्यकता है।

संक्रमण नियंत्रण में जनता का जनता के लिए जनता द्वारा मॉडल प्रभावी रहा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू लागू करने के परिणामस्वरूप संक्रमण की दर में कमी आई है। संक्रमण को नियंत्रित करने में जनता का जनता के लिए जनता द्वारा मॉडल प्रदेश की अलग पहचान बना है। संक्रमण नियंत्रण अकेले सरकार ने नहीं किया। हमने संकट से निपटने के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाए। ग्राम, वार्ड, ब्लाक, शहर और जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप गठित किए गए। जिला स्तर पर प्रभारी मंत्रियों के साथ -साथ सांसदगण, विधायकगण, कलेक्टर्स, एसपी सहित सभी स्तर के जन-प्रतिनिधि, सामाजिक, राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने दायित्व संभाला। विकासखंड स्तर पर विधायक ने नेतृत्व प्रदान किया। यह हमारा अभिनव प्रयोग रहा।

गाँव से लेकर जिले तक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने संभाली जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप में सरपंच-पंच, सामाजिक -राजनैतिक कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आँगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, पटेल, मुकद्दम, ए.एन.एम. और चौकीदार अर्थात ग्राम स्तर का अमला जुटा। जो भी निर्णय हमने लिए वे विक्रेन्द्रित तरीके से लिए। ग्राम स्तर पर कोरोना कर्फ्यू कैसे लगेगा, इसका निर्णय ग्राम स्तर पर लिया गया। गाँव में आना-जाना ग्रामीणों ने बंद किया, गाँव में कौनसी गतिविधि चलेगी, काम कैसे चलेगा इसका तरीका गाँव वालों ने तय किया। क्राइसिस मैनेजमेंट की टीम सर्वे दलों के साथ घर-घर पहुँची। ये टीमें अगर घर-घर नहीं जाती तो कई लोगों के सर्दी, खाँसी, जुकाम का पता ही नहीं चलता। ग्रामस्तर पर यह योगदान अमूल्य है। इसी प्रकार शहरों में वार्ड के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने वार्ड स्तर की व्यवस्थाएँ संभाली है। जनपद स्तर पर वहाँ के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने व्यवस्थाएँ संभाली। माइक्रो कन्टेनमेन्ट एरिया बनाना हो या कोविड केयर सेंटर का संचालन सभी दायित्व क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने संभाला। संपूर्ण जिलों में कोरोना कर्फ्यू कैसे लागू होगा। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल, इलाज की बाकी व्यवस्थाएँ सभी का नियंत्रण और प्रबंधन जिले के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप द्वारा किया गया।   

भीड़, मेले, ठेलों और आयोजनों से अभी बचना होगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का मॉडल जन-भागीदारी का मॉडल है और इसी मॉडल के कारण संक्रमण की दर को नियंत्रित करने में सफलता मिली। लेकिन अभी लम्बा रास्ता तय करना है। कोरोना कर्फ्यू अभी लागू है, पर यह अनंत काल तक लागू नहीं रह सकता। हमने तय किया है कि एक जून से धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियाँ खोलेंगे। कोरोना का वायरस रहेगा अत: अभी पूरी सावधानी से गतिविधियों का संचालन आवश्यक है। भीड़, मेले, ठेलों आयोजनों से अभी बचना होगा। यदि हमने यह नहीं किया तो संक्रमण को बढ़ने में देर नहीं लगेगी और हम पुन: संकट में फँस जाएंगे।

कोरोना के कष्ट को हम फिर से नहीं देखना चाहते

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश उस स्थिति से भी गुजरा है जब अस्पतालों के सभी बिस्तर भरे थे। ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए दिन-रात एक करने पड़ रहे थे। कितने ही लोगों को ऑक्सीजन लगी, कुछ लोग वेन्टीलेटर पर चले गए और कुछ लोग तो इस दुनिया से ही चले गए। प्रश्न यह है कि क्या हम उस कष्ट को फिर से देखना चाहते हैं? निश्चित ही हम ऐसी परिस्थितियाँ नहीं बनने देंगे। इसके लिए सावधानी की आवश्यकता है।

कोरोना कर्फ्यू धीरे-धीरे खोला जाएगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू धीरे-धीरे खोला जाएगा। कौनसी गतिविधि कब आरंभ होगी, क्या खुला रहेगा, क्या बन्द रहेगा, यह ग्राम, वार्ड, ब्लाक, नगर और जिला स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ तय करेगी। अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग व्यवस्थाएँ होंगी। यह भी स्थानीय स्तर पर ही तय होगा। जो जिले पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो गए हैं, वहाँ की गतिविधियाँ अलग होंगी। जहाँ संक्रमण फैला है वहाँ क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी अलग से विचार करेगी।

स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समितियाँ निर्णय लेंगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी रणनीति के बारे में एक जून से पहले निर्णय लेना आवश्यक है। उसके लिए एक-दो दिन में ही चर्चा कर पूरी सावधानी बरतते हुए निर्णय लिया जाए। अनलॉक का जो वैज्ञानिक तरीका है उससे समितियों को अवगत कराया जाएगा और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समितियाँ निर्णय लेंगी।

तीसरी लहर को रोकना है

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब तीसरी लहर की संभावना है। यदि हम असावधान रहे तो संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता रहेगा। यदि इस संक्रमण का विस्फोट हुआ तो वही तीसरी लहर हो जाएगी। अत: हमें दिन-प्रतिदिन की जरूरी गतिविधियाँ चलाते हुए तीसरी लहर को रोकने की कोशिश करना है। इसके लिए रोडमैप तैयार किया गया है। गतिविधियाँ आरंभ होंगी लेकिन पूरी तरह से नहीं। राजनैतिक रैलियाँ, सभाएँ, धार्मिक आयोजन पूरी तरह से बन्द रहेंगे। शादी-विवाह में न्यूनतम संख्या का बंधन होगा। जो लोग सम्मिलित हों वह टेस्ट कराकर आएँ, आयोजन स्थल पर टेस्ट की व्यवस्था की जाएगी।

प्रतिदिन होंगे 75 हजार टेस्ट

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यदि बाजार खुलेंगे तो दुकानदार और ग्राहक के व्यवहार को तय करना होगा। संक्रमण एक से दूसरे में न फैले इसके लिए मास्क का उपयोग, दुकान के सामने गोले बनाने और उसके अनुशासन का अनुसरण आवश्यक होगा। भीड़ इकट्ठी नहीं हो पाए इसलिए धारा 144 लगी रहेगी। इसके साथ-साथ टेस्ट भी जारी रहेंगे। लगभग 75 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाएंगे। फीवर क्लीनिक चलते रहेंगे, मोबाइल टेस्टिंग टीम भी कार्य करेगी। टेस्टिंग का यह लाभ होगा कि यदि कोई संक्रमित है तो उसका तत्काल पता चल जाएगा। संक्रमित को होम आइसोलेशन में, मेडिकल किट देकर अथवा कोविड केयर सेंटर में उसके रहने की व्यवस्था की जाएगी। इससे संक्रमण नहीं फैलेगा। कोविड केयर सेंटर अभी बन्द नहीं होंगे।

कान्टेक्ट ट्रेंसिंग और माइक्रो कन्टेनमेन्ट एरिया की प्रक्रिया जारी रहेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कान्टेक्ट ट्रेसिंग जारी रहेगी। संक्रमितों की संख्या कम होने से ट्रेसिंग प्रभावी तरीके से हो सकेगी। परिवार का यदि एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया तो परिवार के सभी सदस्यों का टेस्ट कराया जाएगा और संक्रमित से मिलने वाले सभी व्यक्तियों की टेस्टिंग होगी। इससे यदि संपर्क में आया कोई व्यक्ति संक्रमित हुआ है तो उसका भी इलाज होगा और संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। जिन स्थानों पर अधिक संख्या में संक्रमित व्यक्ति मिलेंगे उन क्षेत्रों को माइक्रो कन्टेनमेन्ट एरिया बनाया जाएगा। इन क्षेत्रों में आना-जाना बन्द कर संक्रमण को फैलने से रोका जाएगा।

आज से आरंभ होगा चौथा किल-कोरोना अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहाँ कि किल-कोरोना अभियान जारी रहेगा। आज से किल-कोरोना अभियान-चार आरंभ किया जा रहा है। गाँव-गाँव में टीमें जाकर सर्दी, जुकाम, खाँसी वालों को चिन्हित करेंगी। ऐसे व्यक्तियों का तत्काल इलाज आरंभ किया जाएगा। इससे जहाँ भी संक्रमण की थोड़ी सी भी संभावना होगी उसे वहीं नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।  इन उपायों से हम संक्रमण को बड़ी लहर नहीं बनने देंगे। यह सब करना आवश्यक है। यदि इसमें लापरवाही हुई तो तीसरी लहर का विस्फोट हो जाएगा।

कोरोना सक्रंमण से लड़ाई को सामाजिक आंदोलन बनाना होगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब कोरोना के साथ ही जीना है अत: यह सब सावधानियाँ हमें अपनानी होगीं। इसमें आप सबका सहयोग आवश्यक है। अनुशासित और संयत व्यवहार आवश्यक है। हमें यह प्रण करना होगा कि हम मास्क लगाकर ही बाहर निकलेंगे और जो बिना मास्क के दिखेगा उसे हम टोकेंगे भी। क्योंकि बिना मास्क का व्यक्ति स्वयं अपने लिए ही खतरा नहीं अपितु बाकी सबके लिए भी खतरनाक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मास्क लगाने और लगवाने, दूरी बनाए रखने, सेनेटाइजर से हाथ साफ करने, बार-बार हाथ धोने जैसे नियमों का पालन करने का दायित्व जन-जन को निभाना होगा और इसका अपने आसपास के लोगों से पालन भी करवाना होगा। यह प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में कार्यरत एक लाख 17 हजार कोरोना वालेंटियर्स से यह दायित्व निभाने की अपील की। स्वयं को कोरोना वालेंटियर्स के रूप में रजिस्टर कराने के लिए भी प्रदेशवासियों का आव्हान किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ-साथ स्व-सहायता समूह, जन-अभियान परिषद की टीम, सामाजिक, राजनैतिक संगठन सक्रिय हों और कोरोना संक्रमण से लड़ाई को सामाजिक आंदोलन बना दिया जाए। राज्य सरकार अपना दायित्व निभा रही है। शासन स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

धर्मगुरू , राजनैतिक, सामाजिक संगठन और स्वंयसेवी दल भी सक्रिय हों

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने जनता को राहत देने के लिए कई तरह की योजनाएँ बनाई हैं वह जारी रहेंगी। इस समय सबसे बड़ा कार्य है कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी धर्म गुरुओं से अपील की कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए अपने अनुयायियों को अनुशासित रहने के लिए प्रेरित करें। राजनैतिक दल, सामाजिक संगठन, स्वयं सेवी दल भी इस दिशा में सक्रिय हों। मध्यप्रदेश को कोरोना नियंत्रण के मॉडल के रूप में स्थापित करें। दुनिया चलाते हुए कोरोना पर नियंत्रण की हम एक अलग राह बना देंगे।

सब साथ मिलकर चलें और कोरोना पर नियंत्रण करके दिखाएँ

 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना नियंत्रण के लिए प्रदेशवासियों का आव्हान करते हुए कहा कि आईये हम संकल्प करें कि मैं अपने ड्यूटी निभाऊँगा, मैं अनुशासन का पालन करूंगा और नियमों को मानूंगा। यदि हमने यह कर लिया तो हमारा प्रदेश कोरोना से मुक्त ही रहेगा। कोई लहर हम नहीं आने देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम इलाज की और बाकी सभी व्यवस्थाएँ जारी रखेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेंगे। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती, ऑक्सीजन प्लांट जैसे कार्य जारी रखेंगे। स्थिति को बिगड़ने नहीं देंगे। यह संकल्प सबसे बढ़ा है आईये हम सब मिलकर साथ चलें, कोरोना पर नियंत्रण करके दिखाएँ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना पर नियंत्रण के लिए दिनकर की कविता की पंक्तियों से प्रदेशवासियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि 'खम ठोक ठेलता है जब नर,पर्वत के जाते पाँव उखड़, मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है'

आनंदपूर्वक जीने के लिए स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर और स्वस्थ वातावरण का होना आवश्यक- मंत्री सुश्री ठाकुर

राज्य आनंद संस्थान के आनंद शिविर का वर्चुअली आयोजन

पर्यटन, संस्कृति और अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि आनंदपूर्वक जीने के लिए स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर और स्वस्थ वातावरण का होना अत्यंत आवश्यक है। आपसी सहयोग, सहायता और परस्पर विकास के भाव के साथ आनन्द विभाग पूरे प्रदेश में सकारात्मकता का विस्तार करने के लिए कटिबद्ध है। मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, अध्यात्म विभाग के राज्य आनंद संस्थान द्वारा 'आनंद का आधार-स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर, स्वस्थ वातावरण' के विषय पर वर्चुअली आयोजित पांच दिवसीय आनंद शिविर को संबोधित कर रही थी।

'सीख ले फूलों से गाफिल मुद्दआ -ए- जिन्दगी,

खुद महकना ही नहीं, गुलशन को महकाना भी है।'

इन पंक्तियों को दोहराते हुए सुश्री ठाकुर ने आव्हान किया कि मानव जीवन को सार्थकता प्रदान करते हुए, नैतिक दायित्व को पहचाने और दुनिया को सुंदर, सुखद और सकारात्मक बनाने में जुट जाए। सुश्री ठाकुर ने ओजोन परत संरक्षण और पर्यावरण शुद्धि के लिए पौधारोपण और यज्ञ करने का आव्हान भी किया।

राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आनंद शिविर एक आपसी संवाद की प्रक्रिया पर आधारित है। जिसमें प्रतिभागी आनंद की परिभाषा और उसे चरितार्थ करने के विषय में अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यू और एआईसीटीई के सहयोग से पाँच दिवसीय शिविर का आयोजन 26 मई से 30 मई 2021 तक किया जा रहा है।

सुश्री ठाकुर ने कहा कि स्वस्थ मन से आशय स्वयँ में सही समझ, भाव-विचार, सत्य का ज्ञान और प्रेम भाव का होना है। स्वस्थ शरीर से निरोगी काया और स्वस्थ वातावरण से आशय स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ पर्यावरण से है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ वातावरण के मूल में स्वस्थ मन का होना बहुत आवश्यक है। 

कार्यक्रम में राज्य आनंद संस्थान के एडवाइजर श्री सत्य प्रकाश आर्य, निदेशक श्री शिव प्रवीण गंगराड़े, एनसीसी आईपी के चेयरमैन प्रो. रजनीश अरोरा, एनसी यूएचवी के चेयरमैन प्रो. चरण, मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी इंदौर के वाइस चांसलर प्रो. सोमानी, एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे, राज्य आनंद संस्थान के सीईओ डॉ अखिलेश अर्गल और निदेशक श्री इंद्रपाल सिंह सहित 71 प्रतिभागी वर्चुअली उपस्थित थे।

बिजली उपभोक्ताओं और जन-प्रतिनिधियों से रखें सतत संवाद

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री गणेश शंकर मिश्रा ने मैदानी इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि जन-प्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं से सतत संवाद रखा जाए। उनकी समस्याओं को समय पर हल किया जाए। उपभोक्ताओं के बिजली बिल की एक्यूरेसी (शुद्धता) पर ध्यान रखें, ऑनलाइन भुगतान को मैदानी स्तर पर प्रोत्साहित करें। मीटर रीडिंग एवं मीटर रीडर के कार्यों पर निगरानी रखें।

          श्री मिश्रा ने कहा कि सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को घोषित अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखें। आबादी को 24 घंटे एवं कृषि कार्य के लिए 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी मैदानी अधिकारी अपने मोबाइल फोन चालू रखें। उन्होंने कहा कि बिल सुधार के प्रयासों, मेंटिनेंस आदि की जानकारी उपभोक्ताओं और जन-प्रतिनिधियों को समय पर दी जाए। यदि किसी फीडर पर फाल्ट हो गया है तो उसकी सूचना भी वितरण केन्द्र स्तर तक के वाट्सएप ग्रुप या फोन से प्रमुख उपभोक्ता एवं जन-प्रतिनिधियों को दी जाए, ताकि मैदानी अमले को जन-सहयोग मिलता रहे। 

     श्री मिश्रा ने कहा कि मॉनसून के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए  मेंटिनेंस को प्रभावी ढंग से किया जाय, ताकि वहाँ जल्दी कोई खराबी  सामने न आए। प्रबंध संचालक ने कहा कि  मेंटिनेंस समेत बिजली के सभी कार्यों में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। लाइनों पर कार्य के दौरान झूला, हेलमेट, ग्लब्ज आदि को पहनकर काम किया जाए।

राजस्व संग्रह पर ध्यान दें

कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मिश्रा ने कहा कि राजस्व संग्रह पर विशेष ध्यान दें। बकायादार उपभोक्ताओं से फोन, ई-मेल, एस.एम.एस., व्हाट्सएप के जरिए बिल जमा करने का आग्रह करें। लाइन स्टाफ एवं अन्य स्टाफ को राजस्व संग्रह के लिए बकायादारों से संपर्क के लिए कहें ताकि राजस्व संग्रह प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो सके।

डॉ. मिश्रा ने बुद्ध पूर्णिमा पर की गरीबों को खाद्य सामग्री वितरित

बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने गरीबों और जरूरतमंदों को नि:शुल्क खाद्य सामग्री वितरित की, प्रातः डॉ मिश्रा ने क्रांतिश्वर शिव मंदिर आश्रम भोपाल में सर्वप्रथम पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क खाद्य सामग्री के पैकेट  प्रदान किए। अपरान्ह डॉ. मिश्रा ने अपने निवास चार इमली पर रेलवे स्टेशन पर कार्य करने वाले कुलियों को खाद्य सामग्री के पैकेट नि:शुल्क वितरित किए।

भारत सरकार द्वारा चार जिलों में खेलो इण्डिया सेंटर के लिए 40 लाख रुपए की मंजूरी

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम, खेल मंत्रालय, नई दिल्‍ली द्वारा मध्य प्रदेश को चार जिलों में खेलो इण्डिया सेंटर बनाने के लिए 40  लाख रुपयों की मंजूरी प्रदान की गई है। दतिया में रोईंग, मुरैना में एथलेटिक्‍स, सागर में हॉकी एवं देवास में बेडमिंटन के सेंटर स्‍थापित किए जायेंगें। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने इस संबंध में केन्द्र सरकार के स्तर पर पहल की थी। श्रीमती सिंधिया प्रदेश में नये खेलो इंडिया सेंटर की मंजूरी के लिये केन्द्रीय खेल मंत्री और केन्द्र सरकार को साधुवाद दिया है। पूर्व में प्रदेश के छह जिलों में खेलो इंडिया सेंटर की स्वीकृति केंद्र सरकार द्वारा दी जा चुकी है। इनमें सिवनी, मंदसौर, बैतूल, दमोह होशंगाबाद और शिवपुरी में एक-एक हॉकी का खेलो इंडिया सेंटर शामिल है।

    खेलो इंडिया भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। योजना में जमीनी स्तर पर खेल अधोसंरचना की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्‍यों एवं केन्‍द्र शासित प्रदेशों में 1000 खेलो इण्डिया स्‍मॉल सेन्टर स्‍थापित किए जाना है। इस योजना को विकसित करने का निर्णय जून, 2020 में लिया गया था। देश में खेलो इण्डिया स्‍मॉल सेंटर की संख्‍या 360 हो गई है। भारत सरकार द्वारा प्रत्‍येक खेलो इंडिया सेंटर के लिए वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराई जायेगी। इसमें प्रशिक्षकों का मानदेय, उपकरण खरीदी, खेल किट और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन शामिल होगा। जमीनी स्‍तर पर खेल अधोसंरचना की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिए खेलो इण्डिया सेंटर प्रारंभ किए जा रहे हैं।

रियो ओलंपियन श्री अंकित शर्मा ने कहा कि खेलो इंडिया योजना से निश्चित ही प्रदेश के अधिकतम खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मैं चंबल संभाग से हूँ जहाँ पूर्व में कम खेल सुविधाएँ थीं परंतु प्रदेश की खेल मंत्री श्रीमती सिंधिया के प्रयासों से खेलों के विकास में महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए, जिससे संभाग में खेलों को बढ़ावा मिला। प्रदेश में स्थापित खेल अकादमियों के माध्यम से अनेक एथलीट उच्च स्‍तर पर अपना और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 

बन्द नल-जल योजनाओं को चालू कराएं- मंत्री श्री पटेल

कृषि मंत्री ने की उपार्जन सहित अन्य कार्यों की समीक्षा

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने हरदा जिले में  बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को अविलंब चालू कराने के निर्देश दिए हैं। वे जिले में नल-जल योजनाओं और गेहूँ उपार्जन की समीक्षा कर रहे थे।

नल-जल योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 89 गाँवों में नवीन योजनाओं का कार्य प्रगतिरत है एवं 206 गाँवों में डीपीआर तैयार कर लिए गए हैं। जिले में पूर्व से संचालित 149 नल जल योजना में से विभाग के द्वारा 130 नल जल योजनाओं को चालू स्थिति में बताया गया। मंत्री श्री पटेल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया कि प्रत्येक गाँव की नल-जल योजनाओं की वस्तु-स्थिति से विस्तृत जांच कर अवगत कराया जाए। 

मंत्री श्री पटेल ने बैठक में कहा कि ग्राम प्रतापपुरा, नीमगांव, भुन्नास की नल-जल योजना के कार्यों की ग्रामीणों के द्वारा बार-बार शिकायतें आ रही है। यहाँ की नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हुई है। विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर नल-जल योजनाओं को प्रारंभ करवाया जाए।

आदिवासी विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 5040 वनाधिकार पट्टों का वितरण किया गया है, जिसमें 353 पट्टे वन मित्र पोर्टल के शामिल है। बैठक में सहकारिता विभाग के द्वारा रबी उपार्जन की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले के 112 उपार्जन केंद्रों पर 35 हजार 150 किसानों से 36 लाख एक हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जिले में कुल उपार्जन हेतु 44 हजार 231 किसानों का पंजीकरण किया गया है। मंत्री श्री पटेल ने निर्देशित कि किसानों से गेहूँ उपार्जन करने की कार्यवाही शीघ्र की जाए। 

बैठक में कलेक्टर , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर किया लोगों को जागरूक

होम आइसोलेशन वाले मरीजों से की चर्चा
कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद भी गाइडलाइन का पालन करने को कहा

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के विभिन्न स्थानों पर जाकर होम आइसोलेशन वाले पॉजीटिव मरीजों से चर्चा की। साथ ही उन्होंने लोगों को सजगता के साथ सतर्क रहने और कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिये जागरूक किया।

मंत्री श्री सारंग अशोका गार्डन, पंजाबी बाग, बिजली नगर, गुरूनानकपुरा सहित अन्य स्थानों पर भी गये। उन्होंने कहा कि भोपाल को अगर कोरोना कर्फ्यू से मुक्त करना है, तो कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना और स्वच्छता पर ध्यान देना होगा।

श्री सारंग ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही उनसे जाना कि मेडिकल किट प्राप्त हुई या नहीं। किसी प्रकार की अन्य कोई तकलीफ तो नहीं। इसी के साथ उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि लोग आपस में दूरी बनाकर रखें। घर में पॉजीटिव मरीज के अलग से रहने की व्यवस्था हो। उन्होंने वैक्सीनेशन के बारे में भी लोगों से जाना। उन्होंने कहा कि हर मोहल्ला और कॉलोनी कोरोना से मुक्त हो, इसके लिये संक्रमित व्यक्ति की पहचान कर उन्हें घर में रहने का परामर्श दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें घर से बाहर न निकलने की भी समझाईश भी दी जा रही है। डॉक्टर की टीम भी इनके सतत् सम्पर्क में है। एस.डी.एम., सी.एस.पी. और नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर टीम बना निगरानी कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा सेनेटाइजिंग भी करवाई जा रही है।

श्री सारंग ने कहा कि अपने और अपने परिवार को संक्रमण से बचाने के लिये घर पर रहें और बाहर न निकलें। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये सब को मिलकर ही प्रयास करना होगा। तभी हम कोरोना संक्रमण को समाप्त कर पाएंगे और भोपाल कोरोना कर्फ्यू से मुक्त होगा।

मंत्री श्री सारंग ने क्षेत्र की रहवासी महिला के पति की कोरोना से असामयिक मृत्यु पर उनकी मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये और योजना का समुचित लाभ दिलवाने को कहा। श्री सारंग ने बताया कि राज्य सरकार ने कोरोना अनुकम्पा नीति के तहत आयु-बंधन को समाप्त किया है।

दौरे के समय डॉ. ताबिश रहमान, एसडीएम मनोज कुमार वर्मा, तहसीलदार, पटवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

लाखा बंजारा झील सागर का अभिमान -मेरा अभिमान, अपने अभिमान के साथ राजपूत नहीं करते कोई समझौता - परिवहन मंत्री श्री राजपूत

सागर की लाखा बंजारा झील का 100 करोड़ से होगा जोर्णोद्धार

परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत सागर में लाखा बंजारा झील के सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तालाब के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य को समय-सीमा में पूरा किया जाना सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों को ताकीद करते हुए कहा कि काम के प्रति लापरवाही ठीक नहीं उसे समय-सीमा में पूरा करें।

तालाब में लगेगी लाखा बंजारा की प्रतिमा

परिवहन मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि लाखा बंजारा तालाब हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुसार तालाब में लाखा बंजारा की प्रतिमा लगाई जाएगी जो लाखा बंजारा के प्रति उनके त्याग और बलिदान की कहानी आगे आने वाली पीढ़ी को याद दिलाएगी। साथ ही सागर के सौंदर्यीकरण में चार चांद लगाएगी।

100 करोड़ से हो रहा है तालाब का जीर्णोद्धार

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत से इस तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसमें अभी तक 18 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। काम की धीमी गति पर श्री राजपूत ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि काम की यही गति रही तो कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के संबंध में वे मुख्यमंत्री श्री चौहान से चर्चा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों से कहा कि एक माह में अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कार्य की गति संतोषजनक पाए जाने पर ही आगे काम करने की अनुमति उन्हें दी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक श्री हरिवंश सिंह राठौर, श्री कमलेश्वर गौर, नगर निगम आयुक्त श्री आरपी अहिरवार, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री राहुल सिंह राजपूत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कोरोना मुक्त गांव में लगेंगे बैनर - "हमारा गांव कोरोना मुक्त"

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीपसिंह डंग ने खरगोन##### जिले में विकासखंड स्तर पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गठित क्राइसिस मैनजमेंट ग्रुप के सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में किल-कोरोना अभियान, कोरोना किट और वैक्सिनेशन पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

मंत्री श्री डंग ने कहा कि जिन गांवों में कोरोना का संक्रमण समाप्त हो गया है, उन गांवों में बैनर लगाएं कि 'हमारा गांव कोरोना मुक्त' है। इसका प्रचार-प्रसार अच्छे तरीके से कराएं, जिससे अन्य गांवों में भी जागरूकता आएगी और वे भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम करने के प्रयासों को गति देंगे।

#####  मंत्री श्री डंग को खरगोन मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति द्वारा मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। मंत्री श्री डंग ने आश्वस्त किया गया कि वे अपनी ओर से खरगोन को यह महत्वपूर्ण सौगात मिले, इसके पूरे प्रयास करेंगे।

खालसा सेवा समिति द्वारा खरगोन में निराश्रित एवं दीन-दुःखियों के लिये भोजन-सेवा की जा रही है। मंत्री श्री डंग ने सहभागी होकर स्वयं भी निराश्रित जन को भोजन कराया।

रीवा, शहडोल एवं जबलपुर संभाग में 27 एवं 28 मई को गेहूं उपार्जन रहेगा स्थगित -प्रमुख सचिव श्री किदवई

भारी बारिश की चेतावनी के दृष्टिगत स्कंध को शीघ्र परिवहन कर गोदाम में सुरक्षित रखने के दिए निर्देश

प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री फैज अहमद किदवई ने बताया कि 26 से 29 मई को भारी बारिश की चेतावनी के दृष्टिगत रीवा, शहडोल एवं जबलपुर संभाग के 15 जिलों में 27 और 28 मई को गेहूँ उपार्जन का काम स्थगित रखा जाएगा। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में स्कंध को परिवहन कर सुरक्षित गोदामों में रखे जाने के निर्देश भी संबंधित जिले के अधिकारियों को दिए गए हैं।

27 एवं 28 मई को उपार्जन के लिए आमंत्रित किसानों से अब 30 एवं 31 मई को उनकी फसल का उपार्जन किया जाएगा। इस संबंध में शीघ्र ही उन्हें एसएमएस के माध्यम से अवगत कराया जाएगा।

रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, डिंडोरी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, बालाघाट एवं छिंदवाड़ा में जिला अधिकारियों को कहा गया है कि वह उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध स्कंध पक्के प्लेटफार्म पर स्टेकिंग लगाकर तिरपाल से बांधकर सुरक्षित रखें। इसके साथ ही स्कंध के पास स्थित कवर्ड भंडारण उपलब्ध होने की स्थिति में उसमें भी स्थाई स्कंध का भंडारण कराया जाए।

उल्लेखनीय है कि संबंधित जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के कारण ऐहतियात के तौर पर गेहूं उपार्जन को स्थगित किया गया है।

मंत्री सुश्री उषा ठाकुर का दौरा कार्यक्रम

संस्कृति, पर्यटन और आध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर बुधवार 26 मई 2021 को सुबह 10 बजे, इंदौर से कसरावद जिला खरगोन के लिए प्रस्थान करेंगी। सुश्री ठाकुर कसरावद में जय सियाराम बाबा के आश्रम में स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होगी। कार्यक्रम पश्चात सुश्री ठाकुर बाजीराव पेशवा की समाधि स्थल रावरखेड़ी में स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होगी। तत्पश्चात इंदौर पहुँचेगी।

कोरोना अनलॉक के लिए मंत्री समूह की बैठक 27 मई को

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में कोरोना कर्फ्यू को  चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए  विचार-विमर्श हेतु  मंत्री समूह की बैठक  गुरुवार  27 मई प्रातः 11:30 बजे  मंत्रालय में  गृह मंत्री डॉ. मिश्रा के कक्ष में आहूत की गई है।

अपर मुख्य सचिव  डॉ. राजेश राजौरा और  विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (गृह) श्री अशोक अवस्थी ने  बताया है कि  बैठक के सम्बंध में  मंत्री समूह के  सभी  मंत्रियों को आवश्यक सूचना प्रेषित कर दी गई है। डॉ. राजौरा ने बताया है कि बैठक में जून माह से कोरोना कर्फ्यू को सुनियोजित रूप से चरणबद्ध प्रक्रिया के अनुरूप  समाप्त किए जाने पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि अनलॉक के साथ सामान्य जनजीवन  बहाल किए जाने  के लिए  प्रस्तावित रणनीति  को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए  मंत्री समूह द्वारा आवश्यक विचार विमर्श किया जाएगा।

गृह मंत्री डॉ. मिश्रा प्रचार-प्रसार समिति की बैठक की करेंगे अध्यक्षता

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा कोविड-19 संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु जन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से भविष्य की रणनीति निर्धारण के लिए गठित मंत्री परिषद समूह की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

अपर सचिव जनसंपर्क डॉ. एचएल चौधरी ने बताया है कि बैठक  27 मई 2021 को दोपहर 12:00 बजे गृह मंत्री के मंत्रालय कक्ष में आयोजित की गई है। बैठक में मंत्री समूह के सदस्य वर्चुअल सम्मिलित होंगे। उन्होंने बताया कि सभी सदस्यों को इसमें सम्मिलित होने के लिए आवश्यक लिंक भेज दी गई है।

दमोह में जून में लगेगी सीटी स्कैन मशीन और तैयार हो जायेगा आक्सीजन प्लांट - नगरीय विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह

दमोह जिले के 5 निराश्रित बच्चों को 5000 रूपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा दमोह जिले के कोविड प्रभारी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में कहा कि दमोह में  लगातार पॉजिटिवटी दर कम हो रही है। जहाँ 15 दिन पहले लगभग 250 केस प्रतिदिन आ रहे थे वे घट कर लगभग 38 केस हो गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रयास करके इस सप्ताह जिले को 0 केस पर लेकर आना है, जिससे कोरोना कर्फ्यू खत्म हो सके और लोगों की नियमित दिनचर्या प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि दमोह में जून  में आक्सीजन प्लांट लग जायेगा एवं सीटी स्कैन मशीन इंस्टाल हो जाएगी।

श्री सिंह ने कहा कि शासन की तरफ से पूरी छूट दी गई है कि जितने भी डाँक्टर-कर्मचारियों की आवश्यकता हैं, उनकी भर्ती कोविड कॉल के दौरान कर सकते हैं।  क्राइसिस मैनेजमेंट की टीम ब्लॉक स्तर एवं पंचायत स्तर पर नियमित रूप से बैठकें आयोजित करें। वार्डों की टीम प्रतिदिन शाम को 6 बजे बैठकें आयोजित करेंगी। वार्ड में सक्रंमण, सेनिटाईजेशन आदि की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधि अधिकतम समय देकर, लोगों के बीच में जाकर उनको समझाईश देकर इस कार्य को करें। साथ ही लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें।

श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार की योजनाओं को पूरे देश  ने सराहा है। सरकार ने तय किया है कि दैनिक वैतन भोगी कर्मचारी, अंशकालीन कर्मचारी, कलेक्टर दर के कर्मचारी की यदि कोरोना वॉरियर के रूप में मृत्यु होती है तो इन्हें 5 लाख रूपये की राशि और परिवार को अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा जिन निराश्रित बच्चों के माता-पिता का कोविड-19 के कारण देहांत हो गया है उन बच्चों को 5 हजार रूपये प्रतिमाह पेंशन  दी जायेगी।  जिले मे अभी 5 प्रकरण सामने आये हैं। साथ ही जिनकी कोरोना से मृत्यु हुई है, उनके परिवार को एक लाख रूपये की अनुग्रह राशि दी जायेगी, जिससे  परिवार को मदद मिल सके। श्री सिंह ने कहा मुख्यमंत्री योजना में 3 माह एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में 2 माह का नि:शुल्क खाद्यान कुल 5 माह का नि:शुल्क राशन सरकार गरीब परिवारों को दे रही है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य चल रहा है। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं, मुख्यमंत्री जी का साफ कहना है। जिन किसानों ने पंजीयन कराया है सरकार उन सभी का गेहूँ, चना आदि अनाज खरीदेगी। जरूरत पड़ने पर खरीदी की तारीख आगे बढ़ाई जायेगी। एक भी किसान ऐसा नहीं रहेगा जिसका अनाज ना खरीदा जायेगा, यह सरकार का संकल्प हैं।

श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में अनलॉक की प्रक्रिया एक जून से प्रारंभ होगी, पंरतु यह उन जिलों की कोरोना संक्रमण कि परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।  श्री सिंह ने कहा कि कुछ एरिया या हॉट स्पाट को चिन्हित किया जायेगा, जिनको छोड़कर सभी जगह ओपन किया जायेगा इसकी रणनीति अभी बन रही है।

श्री सिंह ने कहा ब्लैक फंगस एक चुनौती है, मध्यप्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित किया है। ब्लैक फंगस के इलाज के लिए 5 मेडिकल कॉलेज चिन्हित किये हैं।  दमोह के‍लिए जबलपुर मेडीकल कॉलेज चिन्हित किया गया है। ब्लैक फंगस में लगने वाले इंजेक्शन  और अन्य दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है।

 केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटैल  बैठक में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। उन्होंने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में वेयर हाऊसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन अध्यक्ष (कैबीनेट मंत्री दर्जा) श्री राहुल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शिवचरण पटैल, विधायक श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक श्रीमती रामबाई सिंह परिहार, विधायक श्री पीएल तंतुवाय, विधायक अजय टंडन, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री एस.कृष्ण चैतन्य, पुलिस अधीक्षक श्री डी.आर. तेनीबार, सीईओ जिला पंचायत श्री अजय श्रीवास्तव सहित अन्य जिला अधिकारी मौजूद रहे।

 3 लाख 5 हजार 473 कोरोना मरीजों तक पहुँची मेडिकल किट

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार होम आइसोलेट कोरोना मरीजों को मेडिकल किटों का वितरण लगातार जारी है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि अभी तक 52 जिलों में 3 लाख 5 हजार 473 मेडिकल किट वितरित की जा चुकी हैं।

मंत्री श्री सिंह ने बताया है कि 18 अप्रैल से 25 मई के मध्य नगरीय क्षेत्रों में फ़ीवर क्लीनिक एवं होम डिलीवरी के माध्यम से 3 लाख 5 हजार 473 मेडिकल किट कोविड मरीज़ों को उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि 18 अप्रैल को 12 हजार 583, 19 अप्रैल को 16 हजार 914, 20 अप्रैल को 11 हजार 465, 21 अप्रैल को 10 हजार 327, 22 अप्रैल को 11 हजार 76, 23 अप्रैल को 11 हजार 17, 24 अप्रैल को 10 हजार 658, 25 अप्रैल को 9 हजार 497, 26 अप्रैल को 9 हजार 360, 27 अप्रैल को 9 हजार 705, 28 अप्रैल को 11 हजार 141, 29 अप्रैल को 9 हजार 347, 30 अप्रैल को 8 हजार 958, एक मई को 10 हजार 253, 2 मई को 9 हजार 112, 3 मई को 8 हजार 439, 4 मई को 9 हजार 301, 5 मई को 8 हजार 455, 6 मई को 8 हजार 866, 7 मई को 7 हजार 983, 8 मई को 7 हजार 746, 9 मई को 7 हजार 450, 10 मई को 7 हजार 248, 11 मई को 7 हजार 387, 12 मई को 7 हजार 931 ,13 मई को 7 हजार 388 ,14 मई को 6 हजार 618, 15 मई को 6 हजार 687 कोविड, 16 मई को 5 हजार 814, 17 मई को 5 हजार 401, 18 मई को 4 हजार 822,19 मई को 4 हजार 830 ,20 मई को 5 हजार 28, 21 मई को 3 हजार 944, 22 मई को 3 हजार 640, 23 मई को 3 हजार 361 , 24 मई को 2 हजार 889 और 25 मई को 2 हजार 832 मरीजों को मेडिकल किट वितरित की गई हैं।