मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सहरिया, बैगा तथा भारिया महिलाओं को जारी किये 21 करोड़ 92 लाख रूपये
आहार अनुदान योजना में सिंगल क्लिक से 2 लाख 19 हजार महिलाओं के खातों में पहुँची राशि मुख्यमंत्री ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से चर्चा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जो विकास में सबसे पीछे और सबसे नीचे हैं, उनका कल्याण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सरकारी खजाने पर भी पहला हक इन वर्गों का है। जनजातीय समाज मूलत: सीधे-सरल लोगों का समाज है, जो विकास की दौड़ में पीछे रह गए। धरती के हर संसाधन पर जितना हक दूसरों का है, उतना ही पिछड़ी जनजातियों का भी है। इसीलिए आपके हक का पैसा आपके खाते में भेज रहा हूँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान सहरिया, बैगा तथा भारिया जनजातियों की महिलाओं को आहार अनुदान योजना के अंतर्गत आहार भत्ते की राशि सिंगल क्लिक से अंतरण के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधित कर रहे थे। मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिंगल क्लिक से 2 लाख 19 हजार 258 हितग्राहियों के खाते में 21 करोड़ 92 लाख 58 हजार रूपए की राशि अंतरित की। जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह तथा प्रमुख सचिव श्रीमती पल्लवी जैन गोविल भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा बातचीत भी की। उल्लेखनीय है कि आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति परिवारों के पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रतिमाह 1000 रूपये की राशि परिवार की महिला मुखिया के खाते में सीधे अंतरित की जाती है। 'आहार अनुदान योजना-प्रभाव आकलन' पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आहार अनुदान योजना के प्रभाव आंकलन पर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल द्वारा कराए गए अध्ययन पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। अब प्रतिमाह जारी होगी राशि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा अति पिछड़ी जनजातियों को आहार अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया गया था। हमने सरकार का गठन होते ही सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति की महिलाओं को आहार अनुदान की राशि उनके खाते में जारी करना आरंभ कर दिया है। इस वर्ष अब तक 2 लाख 22 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 226 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। अब प्रतिमाह इन खातों में राशि जारी की जाएगी। विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार को जनजातीय भाइयों और बहनों की विशेष चिंता है। हमें गरीब के लिए रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था करनी है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हो या दवाई की व्यवस्था, रोजगार के अवसर हो या राशन की व्यवस्था या फिर सबके लिए पक्के मकान बनाने का विषय हो, राज्य शासन हर पहलू पर लगातार कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को जेईई, नीट और क्लेट जैसी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग और चयन पर आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए। स्व-सहायता समूहों से जुड़ें भारिया, बैगा, सहरिया बहने मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में हर घर में नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारिया, बैगा और सहरिया बहनों को स्व-सहायता समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इससे आय में वृद्धि के रास्ते खुलेंगे, जिसका उपयोग बहनें अपने परिवार के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा में कर सकती हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय परिवारों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। साहूकारों के शोषण से मुक्त कराने के लिए कानून बना दिया गया है। प्रदेश के अधिसूचित क्षेत्रों में साहूकारों द्वारा जनजातीय भाइयों-बहनों को नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना जो ऋण दिए गए हैं उन्हें अब नहीं चुकाना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आहार अनुदान राशि का अपने और अपने परिवार के लिए सदुपयोग करने का आव्हान किया। हितग्राहियों से किया संवाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिवपुरी, मण्डला, छिंदवाड़ा जिले के हितग्राहियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं सहरिया बहुल ग्राम सेसई सड़क भी गया हूँ, बैगाचक भी गया हूँ और पातालकोट भी। बैगाओं की संवेदनशीलता अद्भुत है। वे इसलिए हल नहीं चलाते कि पृथ्वी माँ के सीने में घाव हो जाए। भारिया जनजाति के साफ-स्वच्छ घरों का आकर्षण अदभुत है और सहरिया तो शेर के साथ रहने वाली जनजाति है। पातालकोट आने की इच्छा है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मेरी एक बार फिर पातालकोट आने की इच्छा है। छिंदवाड़ा की श्रीमती सावित्री बाई ने चर्चा में बताया कि वे मजदूरी करती हैं। योजना के तहत नियमित रूप से राशि प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पातालकोट की यात्रा के बाद ही आहार अनुदान योजना पर विचार आरंभ हुआ था। भाई-बहन के बीच बातचीत है - बीच में कोई नहीं बोलेगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शिवपुरी जिले के ग्राम सेसई सड़क की श्रीमती सुमित्रा बाई सहरिया से बातचीत में घर-परिवार, आय के स्त्रोत, बच्चों की पढ़ाई और शासकीय योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। अन्य उपस्थित व्यक्ति द्वारा वार्तालाप के बीच जानकारी देने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह 'भाई-बहन के बीच बातचीत है - बीच में कोई नहीं बोलेगा'। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सुमित्रा बाई को कहा कि यह पैसा विशेष रूप से परिवार की पोषक सामग्री के लिए दिया जा रहा है। पैसे का सदुपयोग करें और परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। श्री चौहान ने सुमित्रा बाई से आयुष्मान कार्ड के संबंध में भी जानकारी ली। तत्काल बनवाएँ राशन कार्ड मुख्यमंत्री श्री चौहान से मण्डला जिले की ग्राम पंचायत देवदरा की श्रीमती सीमा भारतिया ने चर्चा में बताया कि वे मण्डला जाकर मजदूरी करती हैं। उनके तीन बच्चे हैं, जो कक्षा 9वीं, 10वीं में पढ़ रहे हैं। सीमा ने बताया कि आहार अनुदान योजना से परिवार के भरण-पोषण में मदद मिली है। राशन कार्ड नहीं है-यह सुनकर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को तत्काल श्रीमती सीमा भारतिया का राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार देवदरा मण्डला की ही श्रीमती मुन्नी बाई से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्राथमिकता पर आवास निर्माण के निर्देश दिए।
|
हर महिला आर्थिक रूप से सशक्त हो
गरीब और पीड़ित महिलाओं की मदद महिला उद्यमी करें राज्यपाल श्रीमती पटेल कैट महिला उद्यमी विंग मुरैना के कार्यक्रम में शामिल हुई
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने महिला उद्यमियों का आव्हान किया है कि गरीब, दूरस्थ और पिछड़े अंचलों की महिलाओं के साथ जुड़े। उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करें। उन्हें जागरूक बनाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग नारी शक्ति का युग है। हर महिला आर्थिक रूप से सशक्त हो, इस के प्रयास किए जायें। श्रीमती पटेल आज कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की महिला विंग द्वारा सेनेटरी नेपकिन लांचिग कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में ऑन लाइन राजभवन लखनऊ से संबोधित कर रहीं थीं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि आर्थिक उन्नति के साथ ही सामाजिक दायित्वों को निभाना जरूरी है। सरकार के प्रयासों के साथ ही समाज को भी टी.बी. रोगियों के उपचार, विषम पारवारिक परिस्थतियों से पीड़ित, पिछड़ी और गरीब महिलाओं की मदद करनी चाहिए। स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं के लिए सेनेटरी नेपकिन रियायती दर पर उपलब्ध करवाने की जरुरत बताई। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से बालिका के परिवार की बड़ी महिलाओं को भी नेपकिन की उपयोगिता की जानकारी और प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से कोविड-19 की चुनौती का देश में सफलता पूर्वक सामना हुआ है। ऐसे ही संयुक्त प्रयास महिलाओं के आर्थिक आत्म-र्निभरता के लिए किए जाने चाहिए। महिला औद्योगिक, व्यापारिक संगठन ग्रामीण स्व-सहायता समूहों के साथ पारस्परिकता के आधार पर व्यापारिक गतिविधियों के संचालन का प्रयास करें। कच्चे माल की संयुक्त खरीदी, आपूर्ति आदि के क्षेत्र में संम्भावनाएँ तलाश की जानी चाहिए। महिला हाट का आयोजन किया जाए, जिसमें महिलाओं को नि:शुल्क स्थान उपलब्ध कराया जाए। श्रीमती पटेल ने कहा कि सरकार ने कामकाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की गरिमा को महत्व दिया है। केन्द्र सरकार के नीतिगत सरलीकरण से देश में महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ी है। देश के एमएसएमई क्षेत्र में अब लगभग 80 लाख से अधिक महिला उद्यमी हैं। पिछले 5 वर्षों में पीएमईजीपी के तहत 38 प्रतिशत की वृद्धि के साथ महिला उद्यमियों द्वारा उद्यमों की स्थापना की जा रही है। मुद्रा योजना जैसी योजनाओं से 15 करोड़ से अधिक महिला उद्यमी आत्म-निर्भर हुई हैं। कोरोना का संकट है, लेकिन गुणवत्ता सुधारने और आर्थिक प्रगति के लिए नया अवसर है। आवश्यकता अपनी शक्ति को पहचानने और नई दिशा पर चलने के संकल्प की है। देश का नेतृत्व सकारात्मक और उसकी निगाह सब पर है। सरकार ने किसान, व्यापारी, मजदूर, युवा, महिलाएं, उद्योगों आदि सभी के लिए व्यवस्थाएँ की गई हैं। इनका लाभ कैसे लिया जाए, क्या नया किया जाए, वर्तमान व्यापार और व्यवसाय में क्या सुधार कर उसे बढ़ाया जाए, इसका चिंतन करें। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आर्थिक पैकेज का उपयोग नये भारत के निर्माण में हो। इन प्रयासो में कैट अपने सदस्यों का मार्गदर्शन करें। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना संकट में विश्व की जो हालत है। उसमें महिलाओं के लिए आर्थिक आत्म-निर्भरता और विकास का नया रास्ता खुला है। कोविड-19 के कारण वर्तमान समय अत्यंत परिवर्तनशील हो गया। ई-कॉमर्स बिजनेस, ऑनलाइन बिजनेस और डिजिटल का प्रचलन बढ़ा है। महिला उद्यमियों को इस टेक्नोलॉजी को स्वीकार करना होगा और फिजीकल रूप से एवं ई-कॉमर्स के माध्यम से आर्थिक गतिविधियां चलानी होंगी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उनकी एंटरप्रेन्योरशिप क्षमता निर्माण और कौशल विकास को सृजित करने में सरकार, वित्तीय संस्थाएं, विशेषज्ञ समूह, व्यवसाय एवं उद्योग संघ तथा सफल महिला उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में कैट के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र जैन ने महिला उद्यमियों को प्रेरक उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कैट की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती कविता जैन ने दिया। कार्यक्रम की रूपरेखा पर कैट महिला विंग की जिला संयोजिका श्रीमती शिल्पी विवेक जैन ने प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन कैट ग्वालियर महिला विंग की जिला संयोजिका रितिका गुप्ता ने किया। विडियों क्रांफेंस का संचालन मनोज चौरसिया ने किया।
|
बेटियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को फांसी मिले: मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गुजरात के मुख्यमंत्री से की चर्चा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने झाबुआ ज़िले की निवासी एक बेटी के साथ गुजरात के मोरवी में हुई दरिंदगी की घटना को दुखद और घृणित बताया है। उन्होंने घटना के संदर्भ में बेटी के पिता से बात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे उनके साथ हैं। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। अभी परिवार को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस घटना के संदर्भ में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी से बात की और अपराधी को फांसी से कम सजा न हो, इस दिशा में कड़ी कार्यवाई करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने ऐसी दरिंदगी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के स्थाई निर्देश दिए हैं। इस संबंध में कानूनों को भी सख्त बनाने की पहल हुई है।
|
तीन साल में पूरी आबादी तक पहुँचाये पेयजल : मुख्यमंत्री श्री चौहान
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा में दिये निर्देश
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए समयबद्ध प्रयास किए जाएं। मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि वर्ष 2023 तक शत प्रतिशत ग्रामीण घरों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाए। पेयजल योजनाओं के संधारण के कार्य सुचारू रूप से हों। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विभागीय संरचना को अधिक सक्षम बनाने के प्रयास हों। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए विभाग का रोड मैप प्रदेश में वर्ष 2020-21 में दिसम्बर माह तक 11 लाख 63 हजार घरों में कनेक्शन दिया जा चुका है। वर्ष 2023 तक प्रदेश के सभी ग्रामीण घरों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में इस वित्त वर्ष के अंत तक 14 लाख 71 हजार घरों तक नल से जल प्रदाय का लक्ष्य है। अगले तीन वर्ष में करीब सवा करोड़ ग्रामीण परिवारों तक यह सुविधा पहुंचाने का प्रयास है। जनवरी 2021 तक 31 लाख 61 हजार घरों तक पेयजल प्रदाय की यह व्यवस्था हो चुकी है। नल, बिजली आदि की मरम्मत के लिए 50 हजार मैकेनिक अगले 3 वर्ष में प्रशिक्षत किए जाएंगे। प्रदेश में इस वित्त वर्ष में 1219 मैकेनिक मानव संसाधन प्रशिक्षण ले चुके हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से भी इन्हें प्रशिक्षत किया जायेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शहरों में भी जल क्रांति के अंतर्गत प्रत्येक परिवार तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि मॉडल के तौर पर किसी एक जिले में शत प्रतिशत आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया जाए। इस मॉडल का विस्तार इसके पश्चात अन्य जिलों में किया जाए। हैंडपंप में गड़बड़ी होने पर सुधार की कार्रवाई तत्काल की जाए।विभाग के अधिकारी उपभोक्ताओं से संवाद रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप बिगड़ने की शिकायतों को तत्काल दूर किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल जीवन मिशन की गतिविधियां सराहनीय हैं। आमजन तक इन कार्यों के संबंध में जानकारी प्रेषित की जाए। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मलय श्रीवास्तव ने प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री बृजेंद्र सिंह यादव, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे। समस्या के निराकरण में अव्वल है विभाग बैठक में बताया गया कि सीएम मानिट और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रथम स्थान पर है। विभाग ने 123 मामले हल कर ए-प्लस श्रेणी आर्जित की है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को पूरा करने में भी विभाग सक्रिय है। सीएम हेल्पलाइन के मामलों को हल करने में विभाग प्रथम है। गत 7 माह में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 85.67 अंक प्राप्त हुए हैं। निरंतर ए रेटिंग प्राप्त हो रही है। कुल 14 हजार 284 प्राप्त शिकायतों में से 12 हजार 401 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।
|
मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिले सांसद श्री डामोर
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से रतलाम के सांसद श्री जी.एस. डामोर ने मंत्रालय ने भेंट की। श्री डामोर ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को रतलाम क्षेत्र में नवीन सिंचाई योजनाओं के लिए सुझाव दिए। साथ ही रतलाम में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर श्रीमती सूरज डामोर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
|
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की आत्म-निर्भर रोड मैप के क्रियान्वयन की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में बनाये रोजगार सेतु पोर्टल को रोजगार प्राप्ति में अधिक कारगर बनाने के लिए पोर्टल का विस्तार किया जाए। कोरोना काल में करीब 44 हजार प्रवासी श्रमिकों का आर्थिक संवर्धन करने वाले इस पोर्टल में अन्य श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें भी लाभान्वित किया जाएगा। एक ऐसा श्रमोदय विद्यालय बनाया जाए जहाँ बिना जाति या समुदाय के आधार के सिर्फ श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था हो। प्रयास यह हो कि इस विद्यालय में सुपर-30 की कल्पना के अनुसार व्यवस्थाएँ विकसित कर प्रतिभाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का कार्य हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज-आत्म निर्भर भारत के अंतर्गत आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोड मैप के निर्माण के पश्चात विभागों द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करते हुए यह बात कही। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस भी उपस्थित थे। 21 विभागों की समीक्षा सम्पन्न, 3700 गतिविधियाँ भी हुई मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्य सचिव को विभागों द्वारा की जा रही गतिविधियों की नियमित समीक्षा के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 35 विभाग में से 21 विभाग के कार्यों की समीक्षा पूर्ण की जा चुकी है। यह संतोष का विषय है। विभागों ने 918 गतिविधियाँ और 2780 उप गतिविधियाँ सम्पन्न की है। ऊर्जा विभाग ने सर्वाधिक 146 गतिविधियाँ सम्पन्न की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं भी प्रति सप्ताह किसी एक विभाग से बात करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा जैसा सितंबर माह में हुए आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के वेबिनार्स में तय हुआ था कि ये सिर्फ कर्मकांड नहीं है, जनकल्याण की दिशा में ठोस कदम भी है। उसके अनुरूप ही हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम निश्चित ही आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का लक्ष्य समय सीमा में हासिल करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभागों की प्रमुख गतिविधियाँ इस अवसर पर बताया गया कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत विभागों की विभिन्न गतिविधियाँ हो चुकी हैं। इनमें प्रमुख रूप से ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पारेषण प्रणाली को मजबूत बनाने, गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 200 सड़कों का साइंटिफिक ट्रेफिक सर्वे, रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम शुरू करने की पहल, सभी टोल प्लाजा के कम्प्यूटीकरण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत विश्व स्तरीय औद्योगिक अंधोसंरचना विकास, प्रदेश में 19 विशेष क्लस्टर के विकास और नये क्लस्टर्स के चिन्हांकन, प्रदेश को स्टार्ट-अप डेवलपमेंट हब के रूप में स्थापित करने, 100 नये स्टार्ट-अप के विकास-जो कृषि और खाद्य प्र-संस्करण से जुड़े हों और व्यापार वाणिज्य में उत्कृष्टता पुरस्कार, कृषि के अंतर्गत एक राष्ट्र एक बाजार के विकास, शरबती गेहूँ सहित पिपरिया तुअर और अन्य उत्पादों की जीआई टैगिंग के प्रयास, एक हजार जलवायु अनुकूलित ग्रामों के विकास, फसलों की उत्पादकता में वृद्धि एवं एफपीओ के विकास की गतिविधियाँ निरंतर की जा रही हैं। भारत सरकार से रखें समन्वय मुख्यमंत्री चौहान ने लघु, सूक्ष्म मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण, नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारत सरकार के विभागों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लक्ष्य पूर्ति के लिए अंतर विभागीय समन्वय के भी निर्देश दिए।
|
राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी
केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्रालय द्वारा ''नारी शक्ति पुरस्कार'' के लिए ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी तक आमंत्रित किये गये हैं। वर्ष 2020 के लिए यह पुरस्कार अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को नई दिल्ली में दिये जाएगें। ''नारी शक्ति पुरस्कार'' महिला-बाल विकास मंत्रालय की एक पहल है। यह पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा समाज में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव की दिशा में किए गए असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। इस वर्ष 15 व्यक्तियों, संस्थानों, एन.जी.ओ. आदि को यह पुरस्कार दिया जायेगा। इसमें प्रशस्ति-पत्र और एक लाख रूपये दिये जायेगें। पुरस्कारों की घोषणा 20 फरवरी तक की जायेगी। आवेदक http://narishaktipuraskar.wcd.gov.in/पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्रता का मापदंड ''नारी शक्ति पुरस्कार'' के लिए वे सभी व्यक्ति और संस्थान आवेदन कर सकते है, जिन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम किया है। व्यक्तिगत श्रेणी में आवेदक की उम्र 25 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदक अगर संस्थान है तो उन्हें इस क्षेत्र में 5 वर्ष का कार्य अनुभव अनिवार्य होगा। इस श्रंखला में एक राज्य अथवा केन्द्र शासित राज्य को भी पुरस्कृत किया जायेगा, जहाँ बाल लिंगानुपात में सराहनीय रूप से सुधार हुआ है।
|
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पचोर के पास सड़क दुर्घटना पर शोक व्यक्त
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ जिले में पचोर के पास नेशनल हाईवे पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह दुर्घटना दु:खद और हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिवंगत व्यक्तियों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है साथ ही घायलों के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की है।
|
भोपाल टेक्सटाइल मिल को पुनः शुरू करने का आग्रह
मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग की केन्द्रीय कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति जुबीन ईरानी से मुलाकात
भोपाल गैस राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरूवार को केन्द्रीय कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति जुबीन ईरानी से उनके कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने भोपाल टैक्सटाइल मिल के एक हजार असहाय श्रमिकों/कारीगर परिवार की आर्थिक स्थिति से अवगत कराया और उक्त मिल को पुनः प्रारम्भ करने का अनुरोध किया। श्री सारंग बताया कि हाल ही में केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय द्वारा की गई नई पहल पर तमिलनाडु, महाराष्ट्र एवं केरल प्रदेश की बन्द कपड़ा मिलों को पुनः प्रारम्भ कराया गया है। इसी प्रकार भोपाल की टैक्सटाइल मिल को शीघ्र पुनः शुरू कराया जाय, जिससे वहाँ के असहाय श्रमिकों को काम मिल सके। उन्होंने बताया कि भोपाल टेक्सटाइल मिल को एन.टी.सी. मिल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
|
मंत्री डॉ. यादव ने बाबई में महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने होशंगाबाद जिले के बाबई में श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय में 3 करोड़ 53 लाख की लागत से 1688 वर्ग मीटर में बने नव-निर्मित भवन का लोकार्पण किया। लोकार्पण कार्यक्रम में मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे हमारी युवा पीढ़ी को न केवल विभिन्न सेक्टर्स में रोजगार के सुनहरे अवसर के साथ स्व-रोजगार की दिशा में भी बढ़ रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय मानव निर्माण का केन्द्र है। विद्यार्थी अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए कठिन परिश्रम करें, निश्चित ही सफल होंगे। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देश के विकास व युवाओं की उन्नति के लिए कारगर नई शिक्षा नीति प्रारंभ की है। वर्तमान शिक्षा नीति के माध्यम से अब युवावर्ग रोजगार, स्व-रोजगार, शोध व अन्य विभिन्न क्षेत्रों में पूरे आत्म विश्वास से आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों के आर्थिक पर्यावरण परिवेश के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री डॉ यादव ने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले के सभी महाविद्यालयों में आगामी 5 वर्षों में सभी विषयों पर आधारित कोर्स संचालित किए जाएंगे तथा युवाओं को रोजगार व अच्छे प्लेसमेंट प्राप्त हो सकें, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक होशंगाबाद श्री सीतासरन शर्मा, विधायक सोहागपुर श्री विजय पाल सिंह, विधायक सिवनी-मालवा श्री प्रेम शंकर वर्मा, विधायक पिपरिया ठाकुरदास नागवंशी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। नई शिक्षा नीति सर्व समावेशी व सर्वाधिक उपयोगी है - मंत्री डॉ. यादव उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गई नई शिक्षा नीति सर्व-समावेशी, सर्व-सामायिक व सर्वाधिक उपयोगी है। मंत्री डॉ. यादव होशंगाबाद जिले की तहसील पिपरिया में शहीद भगत सिंह शासकीय पी. जी. कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक पाठ्यक्रम के प्रत्येक वर्षों में उत्तीर्ण की गई परीक्षा को भी महत्व दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति से अब प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर सर्टिफिकेट, द्वितीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण होने पर डिप्लोमा तथा तृतीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर डिग्री दी जाएगी। नई शिक्षा नीति रोजगरोन्मुखी है, इससे युवा पीढ़ी, रोजगार, स्वरोजगार व शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ पायेगी। कार्यक्रम में विधायक पिपरिया ठाकुरदास नागवंशी, सहित अधिकारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
|
ग्रामीणों और किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं त्वरित निराकरण होगा : मंत्री श्री पटेल
हरदा में बिजली कंपनी का नया वृत कार्यालय खुलेगा
किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने किसानों और ग्रामीणों की बिजली संबंधी समस्याओं के कारणों की पड़ताल कर निराकरण के निर्देश गुरूवार को हरदा सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने बताया कि समस्याओं के निराकरण के लिये सरकार ने हरदा में विद्युत कम्पनी के नये वृत्त कार्यालय को प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। श्री पटेल ने कहा कि जनता को बिजली संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने के लिये हरदा, हंडिया, टेमागांव, मगरधा में नए वितरण केंद्र भी खोले जाएंगे। कृषि मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के खेतों में एवं ग्रामों में सप्लाई होने वाली बिजली के ट्रांसफार्मर जहाँ-जहाँ खराब हुए हैं, उन्हें तत्काल बदला जाए। टूटे हुए बिजली खंभों का सर्वे कार्य करवाया जाए और उन्हें रिप्लेसमेंट करने की कार्य योजना तैयार की जाए। नया वृत्त कार्यालय खुलने से जिले में नए सब स्टेशनों का निर्माण एवं पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना, ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने का कार्य, नए 11 केवी के फीडर निर्माण कार्य एवं ट्रांसफार्मरों के मेंटेनेंस का कार्य तेजी से होगा। जिससे क्षेत्र की जनता को आसानी से बिजली की सुविधाएं प्राप्त होगी। इसके साथ ही जिले के जिनसे इस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को समय, श्रम और आर्थिक बचत होगी। श्री पटेल ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या आने नहीं दी जायेगी। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये सरकार समस्त आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करायेगी।
|
मंथन 2021 के उद्घाटन के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को आमंत्रण
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में बीएसएल-3 स्तर की लेब्रोटरी स्थापित किये जाने की मांग
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग आज नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात कर प्रदेश में आगामी 19 और 20 फरवरी को चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित मंथन 2021 के उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि इसमें देश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की सहभागिता होगी। साथ ही प्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए ईज ऑफ हेल्थ सर्विसेज की दिशा में उठाये गये कदमों की विस्तार से जानकारी दी। श्री सारंग ने बताया कि कोविड-19 के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं संक्रामक बीमारियों की टेस्टिंग के लिए आधारभूत संरचना का विकास किये जाने की जरूरत महसूस की गई। उन्होंने आग्रह किया कि सभी 13 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में बीएसएल-2 स्तर की लेब्रोटरी उन्नयन कर बीएसएल-3 स्तर की लेब्रोटरी स्थापित किये जाने की मांग की। इसके लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। साथ ही राज्य में वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में नवाचार एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में राज्य स्तर के फार्मेसी संस्था को विकसित किये जाने की आवश्यकता जताई। श्री सारंग ने राज्य में जन स्वास्थ्य एवं एपीडोमाइलोजी के क्षेत्र में वर्तमान परिदृष्य में अनुसंधान की आवश्यकता बतायी। इसके लिए राज्य में चिकित्सा अनुसंधान को प्रोत्साहित एवं सुदृढ़ करने की जरूरत बताते हुए कहा कि इसके लिए रिसर्च सेंटर फार पब्लिक हेल्थ एण्ड एपीडोमाइलोजी को केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने की मांग की।
|
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर विभिन्न उद्देश्यों को लेकर करेंगे पदयात्रा
सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी पदयात्रा
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर 29 एवं 30 जनवरी को ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता अभियान, पानी बचाओ अभियान के साथ ही गंदे पानी से निजात हेतु टोंटी लगाओ अभियान, बिजली बचाओ अभियान और पर्यावरण संरक्षण के लिये जन जागृति के लिये पदयात्रा करेंगे। उनकी पदयात्रा में विभागीय अधिकारी और जन-प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पदयात्रा का उद्देश्य ग्वालियर शहर को स्वच्छ, सुंदर बनाना है। इसके साथ ही आम लोगों को पानी, बिजली बचाने के लिये प्रेरित करना भी है। गंदे पानी से निजात हेतु सभी लोग अपने घरों के नल में टोंटी अवश्य लगाएँ, इसका संदेश भी देना है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर 29 जनवरी को प्रात: 9 बजे नवीन सामुदायिक भवन के भूमिपूजन समारोह में भाग लेंगे। यह सामुदायिक भवन न्यू रेशम मिल में बनाया जायेगा। इसके पश्चात कांच मिल रोड़ बड़ा गेट पार्क का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही पदयात्रा का शुभारंभ होगा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर चंदनपुरा, दुर्गादास विहार, बिरलानगर, जती की लाईन राठौर चौक, गदाईपुरा में पदयात्रा करेंगे। दोपहर 12.30 बजे चौडे के हनुमान मंदिर पर जन-चौपाल का आयोजन भी किया जायेगा। जन-चौपाल के पश्चात ऊर्जा मंत्री श्री तोमर न्यू ग्रेसिम विहार कॉलोनी, बृहमोहन शिवहरे तेल मिल, इन्द्रा नगर, चार शहर का नाका, राजामंडी पुल, किला गेट, सराफा बाजार, बाबा कपूर घासमंडी चौराहा तक पदयात्रा करेंगे। घासमंडी चौराहा सार्वजनिकक धर्मशाला में 29 जनवरी को पदयात्रा का समापन होगा। ऊर्जा मंत्री 30 जनवरी को भी विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्रा करेंगे।
|
टी.आई. स्तर के अधिकारियों को उच्च पद का प्रभार दिया जायेगा-गृह मंत्री डॉ. मिश्रा
गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा है कि सरकार पुलिस रेग्युलेशन एक्ट-1972 में संशोधन करने जा रही है। मार्च-2021 तक इसे अमली जामा पहनाया जायेगा। विभाग द्वारा तैयार किये गये नये प्रस्ताव के अंतर्गत कांस्टेबल से लेकर टी.आई. स्तर तक के अधिकारियों को उच्च पद का प्रभार सौंपा जायेगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि इससे एक ओर जहाँ पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर सरकार पर किसी प्रकार का वित्तीय भार भी नहीं आयेगा। विभागीय तौर पर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
|
जनसम्पर्क आयुक्त श्री खाड़े ने पत्रकार श्री सुशील जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया
जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने रायसेन जिले के पत्रकार श्री सुशील जैन के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। स्व. श्री जैन नवभारत के ब्यूरो चीफ थे। डॉ. खाड़े ने कहा है कि स्व. श्री जैन ने अपनी निडर एवं निर्भीक लेखनी से एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
|
शहीदो की स्मृति में 30 जनवरी को रखा जाएगा मौन
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन का बलिदान देने वाले शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को प्रात: 11 बजे सभी शासकीय कार्यालयों में 2 मिनट का मौन रखा जाएगा। मंत्रालय के गेट क्रमांक-एक के समक्ष स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में अधिकारी-कर्मचारी मौन धारण करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समस्त विभागाध्यक्ष,संभागीय आयुक्त और समस्त कलेक्टर को निर्देश जारी किये है कि 30 जनवरी को प्रात: 11 बजे शहीदों की स्मृति में 2 मिनट का मौन रखा जाये।
|
राज्य सरकार 30 दिन में व्यवसाय शुरू करने की अनुमति देने प्रतिबद्ध
अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में एमएसएमई - मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में किसी भी उद्यम को शुरू करने के लिए 30 दिन की समय- सीमा निर्धारित की है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इसके पालन को सुनिश्चित किया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने यह बात अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में कही। बेविनार में सांसद श्री बी.डी. शर्मा भी शामिल हुए। मध्यप्रदेश में प्रवासी निवेश और व्यापार सुगमता विषय पर हुए वेबिनार में कनाडा, नार्वे, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका सहित करीब 15 से अधिक देशों के भारतवंशी उद्यमियों ने भागीदारी की। मंत्री श्री सखलेचा ने निवेश को दिए जा रहे प्रोत्साहन के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि यदि कोई उद्यमी प्रदेश में काम शुरू करना चाहता है तो उसे30 दिन के अंदर सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने में इसकी अहम भूमिका है। श्री सखलेचा ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग उद्योग क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर श्रम और कच्चे माल की उपलब्धता का बेहतर तरीके से दोहन हो सकेगा और उद्योगों को लगात घटाने में मदद मिलेगी। 20 जिलों में 20 क्लस्टर बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 52 में से 42 जिलों में अलग अलग उद्योगों की पहचान की गई है, इनमें नमकीन और फर्नीचर से लेकर यार्न तक के क्षेत्र में क्लस्टर बनाने का काम चल रहा है। श्री सकलेचा ने कहा कि चीन की तुलना में हमारे यहां उत्पादन की लागत काफी ज्याद होने के कारण ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि इसे कम से कम 25 प्रतिशत तक घटाया जा सके। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग निगम को विदेशों में विस्तार दिया जा रहा है ताकि विपणन और तकनीक पर मुख्य फोकस किया जा सके। रोजगार और पूंजी जुटाना सरकार का अंतिम लक्ष्य है। साल 2021-22 उद्यमिता के लिहाज से स्वर्णिम काल साबित होगा क्योंकि चीन विनिर्माण परिदृश्य से बाहर हो रहा है। उन्होंने बहु-कौशल वाले श्रमिक, बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाएँ और कच्चे माल की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक विनिर्माण हब बनने में सक्षम है। खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री वीडी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आत्म-निर्भर भारत का लक्ष्य दिया है और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का सपना हमें दिखाया है। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश में निवेश करने का अनुरोध किया। श्री शर्मा ने बताया कि खजुराहो लोकसभा क्षेत्र को आइकोनिक सिटी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। म.प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री विवेक पोरवाल ने संक्षिप्त प्रस्तुति में मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इलेक्ट्रॉनिक डवलपमेंट कार्पोरेशन के एमडी श्री नंद कुमारम ने भी प्रस्तुतिकरण दिया। वेबिनार का आयोजन म.प्र. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, पीपल ऑफ इंडियन ओरिजिन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और इन्वेस्ट इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के अंत में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने वेबिनार में शामिल हुए व्यक्तियों के सवालों के जवाब दिए और सुझाव भी सुने।
|
कौतूहल के सवालों को खोजने का मंच साबित हुई विज्ञान मंथन यात्रा: मंत्री श्री सखलेचा
14वीं आनलाइन विज्ञान मंथन यात्रा का समापन
विज्ञान मंथन यात्रा के जरिये विद्यार्थियों के साइंटिफिक माइंड और वैज्ञानिक सोच का विकास हुआ है। यह यात्रा विद्यार्थिर्यों के मन के कौतूहल के सवालों को खोजने का मंच साबित हुई है। विद्यार्थियों को फिजिकल ट्रिप, के स्थान पर वर्चुअल यात्रा से नया अनुभव प्राप्त हुआ। इससे ज्ञान-विज्ञान को सीखने और समझने का अधिक समय मिला है। यह विचार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा ने ऑनलाइन 14वीं विज्ञान यात्रा के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। पहली बार विज्ञान मंथन यात्रा का 18 से 27 जनवरी तक आनलाइन आयोजन किया गया था। मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि चुनौतियों को अवसर में बदलकर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से फैली महामारी दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस चुनौती को अवसर में बदल कर आत्मनिर्भर भारत की बेस लाइन बनाई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि विज्ञान के बिना जीवन नहीं है। विद्यार्थी जीवन के दौर में विज्ञान के अलग-अलग विषयों में रूचि लेकर अपना अनुभव बढ़ाया जा सकता है और आगे चलकर दुनिया का स्वरूप बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस पर विचार करना चाहिये कि आज की परिस्थितियों में हम विज्ञान का किस तरह से उपयोग कर सकते हैं। इस अवसर पर परिषद् के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों ने विज्ञान संस्थानों का प्रत्यक्ष भ्रमण करने के स्थान पर वर्चुअल भ्रमण करने का नया अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। मिशन एक्सीलेंस के प्रमुख डॉ.विवेक कटारे ने कहा कि इस बार विज्ञान मंथन यात्रा कई माइनों में अलग थी। बच्चों को फिजिकल टूर का आनंद नहीं मिला। लेकिन कम समय में कई प्रयोगशालाओं का भ्रमण और पहले की तुलना में अधिक वैज्ञानिकों के व्याख्यान सुनने और सवालों को हल करने का अवसर मिला। स्वागत उद्बोधन मंथन यात्रा की समन्वयक नीता श्रीवास्तव ने दिया। इस अवसर पर मंथन यात्रा में शामिल विद्यार्थी सर्वश्री तनय कलमोडिया (इंदौर), खुशी रघुवंशी (विदिशा), आडी श्रीवास्तव (भोपाल), आयुष वर्मा (नरसिंहपुर) और रितिका राठौर (खरगोन) ने अपने यात्रा अनुभव साझा किये। विज्ञान मंथन यात्रा के अंतिम दौर में विद्यार्थियों ने मोहाली स्थित नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया। डॉ. आशीष पाल ने चिकित्सा विज्ञान में नैनो प्रौद्योगिकी की चर्चा करते हुए इस क्षेत्र में अनुसंधान सहित करियर के अवसरों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
|
नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन
|
गुरु-शिष्य परम्परा के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिये आवेदन आमंत्रित
मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के अंतर्गत संचालित उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी की ओर से गुरु-शिष्य परम्परा के तहत ध्रुपद गायन का प्रशिक्षण ध्रुपद केन्द्र में दिया जायेगा। ध्रुपद केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिये आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2021 की गई है। पूर्व में आवेदन जमा करने की तिथि 31 जनवरी 2021 थी। प्रशिक्षण की अवधि चार वर्ष रहेगी। चयनित प्रतिभागी को प्रतिमाह 3 हजार रुपये बतौर छात्रवृत्ति प्रशिक्षण अवधि में दी जायेगी। आवेदक की उम्र 16 से 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये। उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परम्परा प्रतिष्ठित है। इसी परम्परा के निर्वहन के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण दिया जायेगा। अधिक जानकारी के लिये अकादमी की वेबसाइट www.kalaacademymp.com/ या www.facebook.com/kalamitrabpl एवं अन्य माध्यम से डाउनलोड की जा सकती है। आवेदन-पत्र की फोटो प्रतियाँ (ए-4 साइज) भी स्वीकार की जायेगी।
|
पर्यावरण मंत्री श्री डंग का दौरा कार्यक्रम
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग 29 जनवरी को मंदसौर जिले के ग्राम खेताखेड़ी में विकास कार्यों का भूमि-पूजन और ग्राम खजूरी गौड़ में महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण करेंगे। मंत्री श्री डंग इसी दिन ग्राम रहिमगढ़, चायखेड़ी, चिमनगढ़, बरूखेड़ा, सेदरा, करनाली, सालरिया, बाकली और मामटखेड़ा में ग्रामीणों और किसानों से रू-ब-रू होंगे। श्री डंग ने आज गाँव मुंडला, दुधिया, रामगढ़ और मुवाला का भ्रमण किया।
|
जनता के बीच मित्र के रूप में पुलिस की हो पहचान
मंत्री सुश्री मीना सिंह ने उमरिया जिले में थाना भवन का किया भूमि-पूजन
जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित-जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा है कि जनता के साथ पुलिस का मित्रतापूर्ण व्यवहार हो, जिससे समाज में पुलिस की पहचान मित्र के रूप में बन सके। उन्होंने वनवासियों को उनके सुरक्षा संबंधी अधिकारों से भी अवगत कराने का आग्रह किया। मंत्री सुश्री मीना सिंह आज उमरिया जिले के ग्राम इंदवार में एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले थाना भवन के भूमि-पूजन के बाद समारोह को संबोधित कर रही थीं। जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये वचनबद्ध है। वनवासियों के कल्याण के लिये राज्य और केन्द्र सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं। वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को उज्जवला योजना में नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं। प्रदेश में वर्ष 2024 तक सभी पात्र व्यक्तियों को आवास दिलाये जायेंगे। एडीजी पुलिस श्री जी. जनार्दन ने बताया कि महिलाओं के सम्मान के लिये पुलिस प्रशासन सजग है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आम जनता के साथ दोस्ताना व्यवहार रखने की बात कही। स्वस्थ एवं निष्पक्ष पत्रकारिता से लोकतंत्र को मजबूती जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा है कि मीडिया, विधायिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका समान रूप से समाज के प्रति उत्तरदायी हैं। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिये मीडिया से निष्पक्ष पत्रकारिता किये जाने का आग्रह किया। मंत्री सुश्री मीना सिंह आज उमरिया में जिला प्रेस परिषद के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। कोरोना काल का जिक्र करते हुए जनजातीय कार्य मंत्री ने कहा कि उस दौरान मीडिया ने अपनी जान की परवाह न करते हुए खबरों को आमजन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रेस परिषद के अध्यक्ष श्री अरुण त्रिपाठी ने जिला प्रेस परिषद की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
|
श्री सारंग की केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री सदानन्द गौड़ा से मुलाकात
भोपाल गैस त्रासदी मेमोरियल शीघ्र स्थापित करने पर चर्चा भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री सदानन्द गौड़ा से मुलाकात कर यू.सी.आई.एल. परिसर में भोपाल गैस मेमोरियल स्थापित करने के संबंध में याद दिलाते हुए बताया कि अभी तक इस संबंध में केन्द्र द्वारा कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किये गये हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन दिसम्बर 2020 को केन्द्रीय मंत्री को पत्र लिखा था। श्री सारंग ने अनुरोध किया कि उक्त प्रस्ताव पर शीघ्र सहमति देने का कष्ट करें ताकि भोपाल गैस त्रासदी स्मारक का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। मंत्री श्री सारंग ने केन्द्रीय मंत्री श्री सदानन्द गौड़ा से मुलाकात कर भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। श्री सारंग ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार गैस पीड़ित एवं उनके बच्चों को जीवनपर्यन्त निःशुल्क इलाज दिये जाने की बात कही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार राज्य सरकार द्वारा चिकित्सालयों और औषधालयों में गैस पीड़ितों का प्राइमरी एवं सेकेण्डरी स्तर पर निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। श्री सारंग ने अनुरोध किया कि ऐसे गैस पीड़ित जो कैंसर, गुर्दा रोग, लीवर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उनके उपचार के सहयोग के लिए केन्द्रीय रसायन एवं पेट्रोलियम विभाग के बजट मद से गैस पीड़ितों के लिए पृथक से बजट उपलब्ध कराया जाय। इसके साथ ही श्री सारंग ने गैस त्रासदी से पीड़ित विधवाओं की पेंशन जो जुलाई 2020 के बाद बन्द हो चुकी है। उसे पुन: शुरू कर गैस पीड़ित विधवाओं को जीवनपर्यन्त प्रदान किये जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि लगभग 4721 विधवाओं को एक हजार प्रतिमाह पेंशन के हिसाब से पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की आवश्यकता होगी। उन्होंने उक्त राशि को केन्द्र द्वारा वहन करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री श्री सदानंद गौड़ा ने श्री सारंग द्वारा उठाये गये विषयों पर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
|