दिनांक 18 जून, 2021


अंक 817

कोरोना मुक्ति में होगी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

शासकीय महाविद्यालयों के 10 लाख विद्यार्थियों को कोविड अनुकूल व्यवहार व टीकाकरण जागरूकता संबंधी प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' के अंतर्गत उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का शुभारंभ किया
कोवि-संदेश मोबाइल एप लॉन्च किया

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' के माध्यम से प्रदेश के महाविद्यालयों के लगभग 10 लाख विद्यार्थी कोरोना मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे लोगों को कोविड अनुकूल व्यवहार एवं टीकाकरण के लिए जागरूक करेंगे। दूसरे चरण में निजी महाविद्यालयों के लगभग 8 लाख विद्यार्थियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिए जाकर उनके माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' के अंतर्गत प्रदेश के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने अभियान की रियल टाइम मॉनीटरिंग के लिए तैयार किए गए मोबाइल एप 'कोवि-संदेश' भी लॉन्च किया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन आदि उपस्थित थे।

मैंने वैक्सीन लगावाया है, आप भी वैक्सीन लगवाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से बातचीत भी की। सभी विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवारजनों को वैक्सीन लगवाया है और दूसरों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका नारा है 'मैंने वैक्सीन लगवाया है, आप भी वैक्सीन लगवाएँ तथा स्वयं एवं परिवार को कोरोना से सुरक्षित करें।'

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आष्टा शासकीय महाविद्यालय की सुश्री मेघा मेवाड़ा, माधव विज्ञान महाविद्यालय उज्जैन की सुश्री नन्दिनी, शासकीय महाविद्यालय अशोकनगर के श्री तन्मय तथा शासकीय महाविद्यालय बड़वानी की सुश्री पूजा अग्रवाल से बातचीत की। सभी ने कोरोना संक्रमण काल में ओपन बुक पद्धति से परीक्षाएँ कराए जाने के कार्य की भी सराहना की।

क्या है अभियान

उच्च शिक्षा मंत्री श्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के माध्यम से कोविड अनुकूल व्यवहार एवं कोविड वैक्सीनेशन में समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूनीसेफ के राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा सभी जिलों के लीड कॉलेजों, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्यों एवं जिला टीकाकरण अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। मास्टर टेनर्स द्वारा जिले के महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षित प्राध्यापकों द्वारा अधिकतम 50-50 विद्यार्थियों के समूहों में विद्यार्थियों का उन्मुखीकरण आज से प्रारंभ किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को कोविड अनुकूल व्यवहार और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। अभियान 30 दिवस जारी रहेगा तथा प्रतिदिन 1-1 घंटे के 2 सत्र सभी संस्थाओं में होंगे।

कोविड अनुकूल व्यवहार की खास बातें

  • फेस मास्क अवश्य पहनें। मास्क लगाने को अपनी दिनचर्या का अंग बना लें। मास्क के बिना बिल्कुल भी बाहर न निकलें।

  • मास्क न पहनना एक सामाजिक अपराध है। मास्क नहीं तो सामान नहीं, मास्क नहीं तो बात नहीं, मास्क नहीं तो आना-जाना नहीं।

  • टीकाकरण कोविड संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। अत: स्वयं टीका अवश्य लगवाएँ और दूसरों को भी प्रेरित करें।

  • अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन या सेनिटाइजर से अच्छी तरह धोएँ।

  • एक-दूसरे से 2 गज की सामाजिक दूरी बनाए रखें।

  • अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएँ।

  • दुकानों के बाहर गोले बनाकर ग्राहकों में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करें।

  • हल्दी, तुलसी, अदरक, मुलेठी, काली मिर्च, लौंग के काढ़े का सेवन करें।

  • विटामिन-डी के लिए सुबह की गुनगुनी धूप में बैठें।

  • विटामिन-सी के लिए नींबू, आँवला, संतरा आदि का सेवन करें।

  • प्रतिदिन सुबह पैदल घूमने के साथ व्यायाम करें।

  • जितना हो सके, मानिसक तनाव से बचें।

  • देसी पेय का प्रयोग करें जैसे - नींबू पानी, छाछ, सूप, नारियल पानी आदि।

  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।

  • योग न सिर्फ शारीरिक अपितु मानसिक बल भी प्रदान करता है, जिससे आपके भीतर रोग से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है। स्वस्थ रहने के लिए योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लें।

  • कम से कम एक पेड़ अवश्य लगायें।

  • कोरोना प्रोटोकॉल और नियमों का कड़ाई से पालन करें।

  • लक्षण दिखाई दें तो तुरंत टेस्ट कराएँ और आइसोलेट हो जाएँ, ताकि आप संक्रमण के स्प्रेडर न बनें।

कोविड-19 की दूसरी लहर पर काबू के बाद अब शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य

मध्यप्रदेश में जन-भागीदारी के साथ कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिये अपनाई गई रणनीति के काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। प्रदेश में आज की स्थिति में कोरोना पूरी तरह से काबू में है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के भागीरथी प्रयासों और प्रदेश की जनता द्वारा संक्रमण नियंत्रण में की गई भागीदारी से कोरोना संक्रमण लगभग शून्य पर आ गया है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से प्रदेशवासियों को बचाने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी पुख्ता इंतजामों के साथ वैक्सीनेशन के लिये महाभियान चलाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 21 जून से वैक्सीनेशन के लिये जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 21 जून से प्रांरभ होने वाले वैक्सीनेशन जन-जागरण अभियान में सभी वर्गों की भागीदारी के लिये अपील की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वैक्सीनेशन जन-जागरण अभियान में सभी मंत्री, सांसद, विधायक सहित नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधि, जिला, ब्लाक, ग्राम एवं वार्ड स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ, म.प्र. जन-अभियान परिषद, कोरोना वॉलेंटियर्स सहित विभिन्न समाजिक संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के लक्षित समूह का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन करवा कर लोगों को कोरोना से सुरक्षा प्रदान की जाए।

तीन स्तर के क्राइसिस मैनेजमेंट समूहों से संवाद

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिये जिस प्रकार से जन-भागीदारी का उदाहरण मध्यप्रदेश ने पूरे देश में प्रस्तुत किया है, उसी तर्ज पर अब वैक्सीनेशन के लिये भी जन-भागीदारी जुटाई जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-जागरण अभियान के पूर्व 17 जून को वैक्सीनेशन के संबंध में जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स के सदस्यों को वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने संबोधन में सभी सदस्यों को वैक्सीनेशन अभियान में सक्रिय भूमिका के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण को रोकने में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स ने सहभागिता की, उसके सुखद परिणाम आज पूरा राष्ट्र देख रहा है। अब समय है कि प्रदेशवासियों को भविष्य के लिये सुरक्षा कवच प्रदान करने का। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों के हित में शुरू किये जा रहे वैक्सीनेशन अभियान में सभी वर्ग जुड़ कर पुन: उदाहरण प्रस्तुत करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में वैक्सीनेशन का कार्य जारी है। कई जिलों में वैक्सीनेशन के लिये नवाचार भी किये गये हैं। भोपाल जिले सहित अनेक जिलों में ड्राइव-इन के माध्यम से भी लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। नि:शक्त जनों को वैक्सीन लगाने के लिये भी पृथक से व्यवस्था की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वॉलेंटियर्स द्वारा ग्रामीणों को न केवल वैक्सीन लगवाई गई बल्कि वैक्सीन के संबंध में फैली अफवाहों को भी दूर कर ग्रामवासियों को वैक्सीन लगावाने के लिये सहमत किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्र सरकार का भी इसमें पूर्ण सहयोग मिल रहा है।

सात हजार वैक्सीन केन्द्र

वैक्सीनेशन महा अभियान के लिये प्रदेश में 7 हजार केन्द्र बनाये गये है। केन्द्रों का चयन एप्रोचेबल और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रख कर किया गया है। सभी केन्द्रों पर समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों द्वारा किया जाएगा। महा अभियान के प्रांरभ दिवस पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कुछ जिलों से अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही अन्य जिलों में साहित्यकार, धर्मगुरू, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रमुख व्यक्ति, शिक्षाविद और मीडिया जगत के प्रबुद्ध जन सहित जिले के प्रबुद्ध नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में अभियान की शुरूआत कर लोगों को प्रेरित करेंगे। वैक्सीनेशन सेंटर पर आये लोगों का टीकाकरण के साथ तिलक लगाकर स्वागत और कोविड अनुकूल व्यवहार एवं सावधानियों के प्रति सजग भी किया जाएगा।

अभियान में जन-भागीदारी की हो चुकी शुरूआत

कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा कवच प्रदान करने वाली वैक्सीन के लिये प्रदेश के जिलों में जन-भागीदारी को बढ़ाने का काम शुरू हो चुका है। मुरैना जिले की ग्राम पंचायत धनेला, खड़गपुर, गुलेंद्रा और चुरहेला में जन-जागरूकता शिविर आयोजित किये गये। शिविर में अधिकारियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को पीले चावल देकर वैक्सीनेशन कराने का आमंत्रण दिया और अपील की कि महा अभियान वाले दिन वैक्सीनेशन सेन्टर पर आकर वैक्सीनेशन जरूर करायें। पीले चावल पाकर ग्रामीण जन प्रफुल्लित हो उठे, उनका कहना था कि अभी तक शादी-ब्याह में ही पीले चावल देकर आमंत्रण दिया जाता था, जो शुभ संदेश भी माना जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के इस अनूठे आमंत्रण को सहज स्वीकारते हुए वैक्सीन लगाने की सहमति भी दी।

महा अभियान के लिये जन-जागृति

वैक्सीनेशन महा अभियान के लिये आमजन में जागृति लाने विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रचार माध्यमों में पारम्परिक दीवार लेखन के साथ आधुनिक सोशल एवं डिजिटल मीडिया को भी शामिल किया गया है। साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संवाद के माध्यम से भी वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महा अभियान के दिन जिन लोगों का वैक्सीनेशन होगा, प्रेरणा स्वरूप उनके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड भी किये जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वैक्सीनेशन महा अभियान के दिन 10 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

पर्यवेक्षण

वैक्सीनेशन महा अभियान के प्रारंभ दिवस की समस्त गतिविधियों के पर्यवेक्षण के लिये राज्य एवं जिला स्तर पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जायेगी, जिसमें पर्याप्त संख्या में मानव संसाधन एवं संचार माध्यमों की व्यवस्था होगी। प्रत्येक चार से पाँच वैक्सीनेशन केन्द्रों के ऊपर एक वाहनयुक्त जोनल अधिकारी नियुक्त किया जायेगा जो वैक्सीनेशन महा अभियान की समस्त गतिविधियों का पर्यवेक्षण अपने प्रभार के केन्द्रों पर निरंतर भ्रमण कर करेगा। पर्यवेक्षण के लिये नियुक्त जोनल अधिकारी निरंतर जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम के संपर्क में रहेंगे और प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट देंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महारानी लक्ष्मी बाई को किया नमन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने महारानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर निवास पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नमन कर उन्हें स्मरण किया। रानी लक्ष्मीबाई  झाँसी राज्य की रानी और 1857 की राज्य क्रान्ति की शहीद वीरांगना थीं। उन्होंने सिर्फ 29 वर्ष की उम्र में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से युद्ध किया और रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हुईं। लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु कहा जाता था। मनु ने बचपन में शास्त्रों की शिक्षा के साथ शस्त्र की शिक्षा भी ली। सन् 1842 में उनका विवाह झाँसी के राजा गंगाधर राव के साथ हुआ और वे झाँसी की रानी बनीं। विवाह के बाद उनका नाम लक्ष्मीबाई रखा गया। झाँसी 1857 के संग्राम का एक प्रमुख केन्द्र बन गया था। 18 जून 1858 को ब्रिटानी सेना से लड़ते-लड़ते रानी लक्ष्मीबाई शहीद हो गईं।

वैक्सीनेशन जैसा पुनीत कार्य दूसरा नहीं

अक्टूबर-नवम्बर तक प्रदेश में 18+ के शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य
21 जून को लगाए जाएंगे 10 लाख डोज
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना की स्थिति, व्यवस्थाओं एवं वैक्सीनेशन कार्य की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट के इस दौर में स्वयं वैक्सीन लगवाना तथा दूसरों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने जैसा पुनीत कार्य दूसरा नहीं है। वैक्सीन हमें कोरोना से सुरक्षा देता है। यदि प्रदेश में 18+ के सभी व्यक्ति वैक्सीन लगवा लेते हैं, तो तीसरी लहर यदि आती भी है तो उसका प्रभाव न्यूनतम होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश में कोरोना नियंत्रण एवं वैक्सीनेशन के कार्य की सराहना करते हुए आश्वस्त किया है कि मध्यप्रदेश को पर्याप्त संख्या में वैक्सीन के डोज़ निरंतर मिलते रहेंगे। अत: जितनी तीव्र गति से वैक्सीनेशन कर सकें, करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 21 जून को 10 लाख वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। आगे भी प्रयास किए जाएंगे कि प्रतिदिन प्रदेश में लगभग इतने ही डोजेज़ लगें। इस गति से हम प्रदेश में अक्टूबर-नवम्बर माह तक 18+ के व्यक्तियों का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन कार्य पूरा कर लेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति, व्यवस्थाओं तथा वैक्सीनेशन कार्य की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान आदि उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री वैक्सीनेशन के लिए अपील करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में जनता से वैक्सीनेशन करवाने की अपील करें तथा प्रयास करें कि अधिक से अधिक 18+ के व्यक्ति अपना वैक्सीनेशन करवायें तथा दूसरों को प्रेरित भी करें।

हर दिन सतर्क रहें, अपनी सारी तैयारी रखें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के प्रति हर दिन सतर्क रहें, अधिक से अधिक टेस्टिंग करें, साथ ही अपनी पूरी तैयारियाँ रखें। ऑक्सीजन, आई.सी.यू. बेड्स, चिल्ड्रन वार्डस, चिल्ड्रन आई.सी.यू. और दवाओं आदि की पूरी व्यवस्था रखी जाए। 

सभी जिलों की पॉजिटिविटी 1% से कम

प्रदेश के सभी 52 जिलों की साप्ताहिक पॉजिटिविटी 1% से कम हो गई है। प्रदेश के 4 जिलों में ही 5 या उससे अधिक नए प्रकरण आए हैं। भोपाल में 24, इंदौर में 21, जबलपुर में 9 तथा उज्जैन जिले में कोरोना के 5 नए प्रकरण आए हैं।

23 जिलों में कोरोना का कोई प्रकरण नहीं

प्रदेश के 23 जिलों अलीराजपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, छतरपुर, देवास, डिंडौरी, झाबुआ, कटनी, खंडवा, मंडला, मुरैना, सागर, सीहोर, शहडोल, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ तथा उमरिया जिलों में कोरोना का कोई भी नया प्रकरण नहीं आया है।

भिंड व बुरहानपुर पूर्ण रूप से कोरोना मुक्त

प्रदेश के भिंड एवं बुरहानपुर जिले पूर्ण रूप से कोरोना मुक्त हो गए हैं। यहाँ न कोई नया प्रकरण आया है और न ही कोई एक्टिव प्रकरण है। वहीं डिंडोरी एवं मंडला जिलों में कोरोना के 3-3 एक्टिव प्रकरण हैं। अलीराजपुर में 4 तथा खंडवा जिले में कोरोना के 5 एक्टिव प्रकरण हैं।

कोरोना संक्रमण में प्रदेश का 29 वाँ स्थान

राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में तुलनात्मक संक्रमण की दृष्टि से मध्यप्रदेश का 29वाँ स्थान है। प्रदेश में कोरोना के 110 नए प्रकरण आए हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या 2727 है। सात दिन की पॉजिटिविटी रेट 0.3% तथा आज की पॉजिटिविटी रेट 0.2% है। आज 71 हजार 421 टेस्ट किए गए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व सर संघ चालक श्री के.एस. सुदर्शन की जयंती पर किया माल्यार्पण 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय स्वयं-सेवक संघ के पाँचवें सर संघ चालक श्री के.एस. सुदर्शन की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उनका स्मरण करते हुए ट्वीट किया है कि माँ भारती की सेवा और उन्नति को ही अपना कर्म और धर्म मानकर आजीवन सेवा करने वाले सपूत को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। श्री के.एस. सुदर्शन का जन्म 18 जून 1931 को रायपुर जिले में हुआ था। श्री सुदर्शन ने दूरसंचार विषय में इंजीनियरिंग की। श्री सुदर्शन जी अनेकों विषयों एवं भाषाओं के जानकार और अद्भुत वक्ता थे। उन्होंने पंजाब समस्या और असम के आंदोलन के संबंध में ठोस सुझाव दिये। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में उनके द्वारा किये गये नवाचारों ने शाखाओं के संचालन को नया आयाम दिया। प्रज्ञा प्रवाह नामक वैचारिक संगठन की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। ग्राम विकास, कृषि, गौपालन और ऊर्जा आदि क्षेत्र में देशज और परंपरागत अनुभवों और जानकारियों के संबंध में उन्हें विशेष रूचि थी। किसी भी समस्या की गहराई तक जाकर उसके बारे में मूलगामी चिंतन कर उसका सही समाधान ढूंढ निकालना उनकी विशेषता थी। 

वो भाषा के शुद्धता के बड़े ही आग्रही थे। वे अंग्रेजी में हिंदी व हिंदी में अग्रेंजी शब्दो के लिए सदैव शुद्ध भाषा के पक्षधर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रियों से की वन-टू-वन चर्चा

विभागीय कार्यों एवं गतिविधियों की ली जानकारी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री विश्वास सारंग तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रियों से विभागीय कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी ली।

वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जगदीश देवड़ा

वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि कोरोना संकट के कारण प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुई है। प्रदेश में विभिन्न विभागों में राजस्व कैसे बढ़ाया जाए, इस विषय पर मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ विस्तार से चर्चा हुई। जी.एस.टी. का संग्रहण बढ़ाए जाने पर भी चर्चा हुई।

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में तेज गति से कार्य को रहा है। इन वर्गों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। विभाग के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर निरंतर कार्य किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर के संबंध में पूरी तैयारी की जा रही हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस संबंध में संस्थागत तैयारी की जा रही है। बेड्स बढ़ाना, ऑक्सीजन की व्यवस्था, आई.सी.यू., चिल्ड्रन आई.सी.यू. आदि व्यवस्थाओं के साथ ही चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था, उनका प्रशिक्षण तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। श्री सारंग ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में कुछ नए पी.जी. कोर्स लाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर एपिडेमिओलॉजी का एक शोध केन्द्र भी बनाए जाने की योजना है, जो कोविड-19 महामारी आदि का अध्ययन करेगा। महिलाओं में कैंसर की जाँच के लिए अभियान चलाया जाएगा। भोपाल गैस त्रासदी स्मारक बनाने की भी योजना है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024 तक हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ जल पहुँचाने के लक्ष्य को मध्यप्रदेश में वर्ष 2023 तक ही पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के विभागीय रोडमेप पर तेजी से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बादाम का पौधा लगाया

     मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्मार्ट सिटी पार्क में बादाम का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान अपने संकल्प के परिपालन में प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं।

समय से पूरी की जाएँ सभी सीवरेज परियोजनाएँ

योजनाएँ स्वीकृत करने के पूर्व उनकी उपादेयता सुनिश्चित कर लें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में स्वीकृत सभी सीवरेज परियोजनाओं का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। परियोजनाओं को स्वीकृत करने से पहले उनकी उपादेयता सुनिश्चित करली जानी चाहिए। जनता के धन का बिल्कुल भी अपव्यय नहीं होना चाहिए। कार्यों की गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश की नगरीय सीवेरज परियोजनाओं के कार्य एवं प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री मनीष सिंह, आयुक्त नगरीय विकास श्री निकुंज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

5 हजार 631 करोड़ की सीवरेज परियोजना

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2015 से अभी तक 5,631 करोड़ रूपए की लागत की 54 सीवरेज परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 10 पूर्ण हो गई हैं, 37 प्रगतिरत है तथा 7 परियोजनाओं की निविदा/डीपीआर प्रक्रिया जारी है। इन परियोजनाओं में अभी तक कुल 2,863 करोड़ रूपए व्यय किए जा चुके हैं।

1159.44 करोड़ की 10 सीवेरज परियोजनाएँ पूर्ण

प्रदेश में 1159.44 करोड़ लागत की 10 सीवरेज परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। ये परियोजनाएँ सीहोर, विदिशा, खरगोन, देवास, इंदौर (दो परियोजनाएँ), ग्वालियर (मुरार), मुरैना, बुरहानपुर तथा नीमच जिलों में है।

13 परियोजनाएँ मार्च 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य

13 सीवरेज परियोजनाएँ जून 2021 से मार्च 2022 तक पूरी कर ली जाएंगी। ये परियोजनाएँ हैं ग्वालियर (लश्कर-3, लक्ष्य जून-2021), रतलाम, धरमपुरी, बुधनी (लक्ष्य सितम्बर 2021), भिंड, अमरकंटक, ओंकारेश्वर (लक्ष्य दिसम्बर 2021) दतिया, गुना, भोपाल (कोलार), भोपाल (भोजवैटलेंड), अंजड तथा छिंदवाड़ा (लक्ष्य मार्च 2022)।

22 परियोजनाएँ मार्च 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य

प्रदेश की 22 सीवरेज परियोजनाएँ जून 2022 से मार्च 2023 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य हैं। ये परियोजनाएं हैं सागर, जबलपुर, उज्जैन, भोपाल (शाहपुरा), सांईखेड़ा, बड़वाह, महेश्वर, नसरूल्लागंज, शाजापुर, मंडलेश्वर, चित्रकूट, डिंडोरी, नेमावर (लक्ष्य जून 2022), भेड़ाघाट (लक्ष्य सितम्बर 2022), कटनी, सिंगरौली, होशंगाबाद, बड़वानी, सेंधवा, नरसिंहपुर, मंडला, (लक्ष्य दिसम्बर 2022) तथा रीवा परियोजना (लक्ष्य मार्च 2023)।

जून 2023 तक पूर्ण करें 9 परियोजनाएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि 9 परियोजनाओं को जून 2023 तक पूर्ण कर लिया जाए। ये परियोजनाएं हैं- सनावद, शहडोल, सतना, साँची, धामनोद, नागदा, खजुराहो, राजनगर तथा मैहर परियोजना।

पहले जल स्त्रोत ढूँढ़ लें फिर पाइप लाइन डालें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की शिवपुरी शहर स्थित झीलों के पर्यावरण उन्नयन एवं संरक्षण की परियोजना तथा मंदाकिनी नदी संरक्षण परियोजना, चित्रकूट का कार्य भी समय से पूरा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के कार्यों में पहले जल स्त्रोत ढूँढ़ लिया जाए उसके बाद पाइप लाइन डाले जाने का कार्य किया जाए।

आपदा प्रबंधन की तैयारियों के लिये ट्रेनिंग व मॉकड्रिल का आयोजन

औद्योगिक क्षेत्र मण्डीदीप जिला रायसेन में शुक्रवार को ऑल इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन मण्डीदीप के सभागार में वर्षाकाल को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों के तहत ट्रेनिंग और मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

आयोजन के संबंध में आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल के उप संचालक श्री जार्ज, श्री रणदीप जग्गी, गेस्ट फैकल्टी डीएमआई तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण को वर्षा पूर्व तैयारियों की जानकारी दी गई। साथ ही ट्रेनिंग के दौरान बाढ़ और जल भराव की स्थिति में जानमाल की सुरक्षा के उपायों के बारे में बताया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत सभी विभागों से समन्वय के लिये कंट्रोल रूम स्थापित किया जाये।

संबंधित अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप के समीप से दोनों तरफ बहने वाली बेतवा और कलियासोत नदी के जल भराव क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, ताकि आवश्यकतानुसार अपेक्षित तैयारियाँ की जा सकें।

राज्य आनंद संस्थान ने किया बच्चों के लिए ऑनलाइन आनंद सभा का आयोजन

अध्यात्म विभाग अंतर्गत संचालित राज्य आनंद संस्थान ने 'मदद' विषय को केन्द्र में रखकर बच्चों के लिए ऑनलाइन 'आनंद सभा' का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम वेबेक्स और राज्य आनंद संस्थान के यू-ट्यूब लिंक से लाइव प्रसारित किया गया। पहली आनंद सभा का संचालन डाइट कटनी के प्राचार्य श्री राजेन्द्र असाटी ने किया। पूरे प्रदेश से हजारों बच्चों ने 'आनंद सभा' में वर्चुअल भागीदारी की। राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिलेश अर्गल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक शुक्रवार शाम 4 से 5.30 तक संचालित होगा, जिसमें बच्चों के साथ मदद, क्षमा, कृतज्ञता, सकारात्मकता, स्वीकार्यता, ध्यान, संकल्प, दृष्टिकोण और आत्म-विश्वास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की जायेगी।

श्री अर्गल ने कहा कि कोरोना संकट के चलते एक तरफ तो स्कूल बंद हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को घर से बाहर निकलने की भी मनाही है। ऐसे में बच्चों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, तनाव, हताशा, गुस्सा जैसे नकारात्मक भाव बढ़ रहे हैं। इसलिए बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने और नैतिक आदर्शों से अवगत कराने के लिए 'आनंद सभा' का ऑनलाइन आयोजन किया जा रहा है। श्री अर्गल ने बताया कि पूर्व में भी राज्य आनंद संस्थान, बच्चों के साथ आनंद और सकारात्मकता को बढ़ाने के लिए 'आनंद सभा' का आयोजन विद्यालयों में करता रहा है। 

संस्थान के निदेशक श्री प्रवीण कुमार गंगराड़े ने कहा कि बच्चों को परिपूर्ण और सफल जीवन जीने के लिए उनके अंदर मानवीय मूल्यों का विकास, 'आनंद सभा' का प्राथमिक उद्देश्य है। इसके लिए आवश्यक है कि उनके बीच सामाजिक और नैतिक मूल्य स्थापित करने के प्रयास किये जायें। 'आनंद सभा' इसी प्रयास का एक हिस्सा है। श्री सत्यप्रकाश आर्य ने ऑनलाइन आनंद सभा में शामिल सभी बच्चों, विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षण संचालनालय की आयुक्त श्रीमती जयश्री कियावत का आभार व्यक्त किया।

किसानों से धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा - मंत्री श्री पटेल

व्यापारी से वसूल कर किसानों को दिलाई राशि

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने सनावद में किसानों से धोखाधड़ी करने वाले व्यापारी से राशि वसूल कर किसानों को दिलवाई। उन्होंने 25 से अधिक किसानों को 50 लाख रुपये से अधिक की राशि वापस करवाई। मंत्री श्री पटेल ने कहा है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। उनसे पाई-पाई वसूल की जायेगी।

मंत्री श्री पटेल ने बताया कि कृषि उपज मण्डी, सनावद में अथर्व इंटरप्राइजेस ने 192 कृषकों से धोखाधड़ी कर लगभग 3 करोड़ 17 लाख 70 हजार रुपये मूल्य का 3500 क्विंटल डॉलर चना खरीदा और भुगतान नहीं किया। कृषि मंत्री के संज्ञान में उक्त धोखाधड़ी का प्रकरण आने पर तत्काल संयुक्त संचालक, मण्डी बोर्ड, इंदौर श्री चन्द्रशेखर वशिष्ठ को आवश्यक कार्यवाही के लिये भेजते हुए व्यापारी के माल की जप्ती कराई। माँ रेवा कोल्ड स्टोरेज तथा बुलढाना बैंक वेयर-हाउस से जप्त किये गये 7,100 क्विंटल डॉलर चना और अन्य उपज की लागत लगभग 7 करोड़ रुपये आँकी गई।

मंत्री श्री पटेल ने डिफाल्टर व्यापारी की जप्त सामग्री से शुक्रवार 18 जून को 50 किसानों को 50 लाख रुपये से अधिक की राशि का ऑनलाइन भुगतान कराया है। उन्होंने किसानों को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा है कि शेष कृषकों के दावों का सत्यापन कर शीघ्र ही भुगतान किया जायेगा। कार्यक्रम में ऑनलाइन राज्यसभा सदस्य श्री सुमेर सिंह सोलंकी, विधायक श्री सचिन बिरला और अन्य कृषक एवं अधिकारी सम्मिलित हुए।

वैक्सीन से नहीं घबराए वृद्धाश्रम के वृद्ध

खुशी-खुशी लगवायी वैक्सीन

प्रदेश के बड़वानी में वृद्धाश्रम में निवास करने वाले 6 वृद्धों ने बिना किसी भय के वैक्सीन लगवायी। इनमें से 5 वृद्धों का यह दूसरा वैक्सिनेशेन जबकि एक अन्य वृद्ध का पहला वैक्सिनेशन था।

वैक्सिनेशन कराने पहुँचे वृद्धों में 65 वर्षीय मदनलाल तथा 60 वर्षीय सायंदी बाई कहती हैं कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। अन्य वृद्धों ने भी बताया कि वैक्सिनेशन लगवाने से उन्हें किसी भी प्रकार समस्या नहीं आई। मन में वायरस से प्रभावित हो जाने का भय भी पूरी तरह से दूर हो गया है। वृद्धाश्रम के वृद्धों ने कहा कि वैक्सीन लगाने के बावजूद भी हम कोरोना गाईडलाइन का पूरी तरह से पालन करेंगे। वृद्धजन कहते है कि वे मास्क जरूर लगाएंगे तथा सोशल डिस्टेंसिंग और हैण्ड वॉशिंग नियमों का जरूरी तौर पर ध्यान रखेंगे, क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा यही आचरण हमारे साथ-साथ तथा आस-पास के रहवासियों को भी कोरोना वायरस से बचा सकता है।

मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश जारी

कोविड-19 के संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों में राज्य की सेवा में कार्यरत कर्मियों की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना लागू की गई है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये यह निर्णय लिया गया है कि समस्त आवेदन एम पी सर्विस पर लिंक https://services.mp.gov.inके माध्यम से केवल ऑनलाइन ही मान्य किए जाएंगे। संबंधित कार्यालय द्वारा आवेदनों के निराकरण और प्रगति की स्थिति भी ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्यत: दर्ज की जाएगी।

वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों, संभागायुक्त और कलेक्टर्स को पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है संबंधित आवेदकों द्वारा इस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किये जाने के उपरांत योजना के प्रावधानों के अनुरूप संबंधित कार्यालय द्वारा आवेदन के निराकरण की स्थिति दर्ज किए जाने का प्रावधान है। पोर्टल में विभागीय लॉग-इन के लिये मैप आई टी द्वारा संबंधित विभागों/कार्यालयों को यूजर आईडी एवं पासवर्ड पृथक से प्रदाय किये जाएंगे।

योजना अंतर्गत केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और आवेदनों के निराकरण की स्थिति पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश दिये गये है।

गाँव-गाँव जाना है - कोरोना मुक्त बनाना है

प्रदेश में कोरोना के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिये राज्य शासन और जन-सहभागिता से नागरिकों में जागरूकता आयी है और उनमें उत्साह का संचार हुआ है। म.प्र. जन-अभियान परिषद के कोरोना वॉलेंटियर्स लोगों को टीकाकरण के लिये प्रेरित करने सेवाभाव और उमंग पूर्वक कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा 'गाँव-गाँव जाना है, कोरोना मुक्त बनाना है'' और 'ब्रेक द चेन'' अभियान चलाया जा रहा है। छिंदवाड़ा जिले के विकासखण्ड जुन्नारदेव के ग्राम हिरदागढ़, राखीकोल, रामपुर और चिखलार में सी.एम.सी.एल.डी.पी. के छात्रों, ग्राम प्रस्फुटन समिति के सदस्यों और कोरोना वॉलेंटियर्स द्वारा ग्रामवासियों को टीकाकरण के लिये प्रेरित किया गया। नि:शुल्क मास्क वितरित किये गये। जागरूकता के लिये नारों का दीवार-लेखन भी किया गया। ऐसा अभियान पूरे प्रदेश में चल रहा है।

बैतूल जिले में कोरोना वॉलेंटियर्स और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योगाभ्यास के लिये भी प्रेरित किया गया। इनके द्वारा गाँव-गाँव में घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है।

नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन

वैक्सीनेशन कराएं और दूसरो को भी प्रेरित करें : राज्य मंत्री श्री परमार

स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में 21 जून से 'वैक्सीनेशन का महा-अभियान पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रारंभ हो रहा है। कोविड-19 महामारी के दौर में स्वयं, अपने परिवार और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनेशन बहुत आवश्यक है। वैक्सीनेशन का कार्य देश के साथ हमारे प्रदेश में भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। 

श्री परमार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों सहित प्रदेशवासियों से 'वैक्सीनेशन के महा-अभियान में अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगवाने की अपील की हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन करवाकर प्रदेश को सुरक्षित रखने के सरकार के इस कार्य में सहभागी बने। खुद भी वैक्सीन ले और दूसरों को भी प्रेरित करने का कार्य करें। वैक्सीनेशन के बाद भी मास्क लगाए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे और कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करते हुए अपने जीवन की निरंतरता बनाए रखें। हम सभी लोग सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें। यही मेरी शुभकामनाएँ है।

देवास में 102 वर्षीय मिट्ठू बाई ने लगवाया कोरोना का टीका

जबलपुर की ग्राम पंचायत कालाडूमर में शत-प्रतिशत टीकाकरण

कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिये जन-जागरूकता बढ़ती जा रही है। देवास जिले के विकासखण्ड बागली के ग्राम अनखेली की 102 वर्ष की मिट्ठू बाई ने कोरोना से सुरक्षा के लिये टीका लगवाकर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भय के कोरोना का टीका लगवायें। यही कोरोना से बचाव का उपाय है।

ग्राम अनखेली में ग्रामीणों में उत्साह का परिणाम है कि वहाँ शत-प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। ग्राम में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्तियों को कोरोना का टीका लग गया है। देवास जिले की कन्नौद तहसील की ग्राम पंचायत कोथमीर, तहसील खातेगाँव की ग्राम पंचायत खारदा ने भी शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल किया है।

जबलपुर की ग्राम पंचायत कालाडूमर में सौ प्रतिशत टीकाकरण

कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के तहत जबलपुर जिले के पनावर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत कालाडूमर सौ फीसदी टीकाकरण वाली जिले की दूसरी ग्राम पंचायत बन गयी है। जागरूकता और सजगता की मिसाल बनी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के मध्य पनागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री इंदु तिवारी पहुँचे और टीकाकरण में सहयोग कर रहे नागरिकों और शासकीय अमले के प्रति उनके सक्रिय प्रयासों के लिये आभार व्यक्त किया। विधायक श्री तिवारी ने कहा कि कालाडूमर ग्राम पंचायत को भी विधायक निधि से प्रोत्साहन स्वरूप पाँच लाख रुपये की राशि शीघ्र प्रदाय की जायेगी। सभी निवासियों को वैक्सीनेशन होने का प्रमाण-पत्र दिया गया।

शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिये ग्राम के प्रभावशाली नागरिकों और शासकीय कर्मचारियों ने वातावरण का निर्माण किया था। ग्रामीणों को बताया गया कि कोरोना से बचाव के लिये कोरोना अनुकूल व्यवहार और टीकाकरण ही एकमात्र सुरक्षा चक्र है। 

वैक्सीनेशन लगवाने से बीमार हो जायेंगे, इस भ्रम को दूर किया गया

नीमच जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम रावणरूंडी में टीकाकरण सह विधिक जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को टीकाकरण के लिये प्रेरित किया गया। वैक्सीन को लेकर कुछ लोगों के इस भ्रम को दूर किया गया कि कोरोना की वैक्सीन लगवाने से बीमार हो जाते हैं। उन्हें बताया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये वैक्सीन एक सशक्त सुरक्षा चक्र है। इसलिये टीका जरूर लगवायें। प्रेरित होकर शिविर में 260 ग्रामीणों ने कोरोना का टीका लगवाया।

इंदौर जिले का महू बन रहा पूर्णतः स्मार्ट मीटर वाला पहला शहर

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर द्वारा रेडियो फ्रिक्वैंसी स्मार्ट मीटर परियोजना का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। कंपनी क्षेत्र के महू में रेडिया फ्रिक्वैंसी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जून माह के अंत तक शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर वाला महू प्रदेश का पहला शहर बन जाएगा। यहां उद्योग, घर, दुकान, ट्रांसफार्मर सभी जगह स्मार्ट मीटर होंगे।

मप्रपक्षेविविकं इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अमित तोमर ने बताया कि महू में जनवरी से स्मार्ट मीटर लगाना प्रारंभ किए थे। अब मीटर स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। यहां के सभी 14 हजार 500 उपभोक्ताओं के यहाँ मीटर निःशुल्क लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों की पाँच साल की गारंटी भी है। ये स्मार्ट मीटर राउटर के माध्यम से एक तारीख को मीटरों की रीडिंग कंट्रोल-रूम भेज देते हैं। मीटर रीडरों की निर्भरता खत्म हो गई है। अब इन मीटरों की जानकारी सभी उपभोक्ता मोबाइल बिजली कंपनी के ऊर्जस एप पर भी देख पायेंगे। श्री तोमर ने बताया कि शासन ने महू के स्मार्ट मीटर पर दस करोड़ रूपए ज्यादा व्यय किए हैं। इससे रीडिंग को लेकर आने वाली परेशानी से मुक्ति, डिजिटलाइजेशन की अत्याधुनिक व्यवस्था और रीडिंग-बिल के विवाद से मुक्ति मिल जायेगी।

कोरोना की रोकथाम के लिये ट्रांसजेंडर्स की अद्भुत पहल

नूरी और संध्या ने इंदौर में लोगों को टीकाकरण के लिये प्रोत्साहित किया

इंदौर में कोरोना की रोकथाम के लिये लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये ट्रांसजेंडर्स ने अनूठी पहल की है। ट्रांसजेंडर वर्ग की नूरी खान और संध्या घावरी ने न केवल लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये टीके लगवाने के लिये प्रोत्साहित किया, वरन् उन्होंने शहर के अशर्फी नगर, खजराना में विशेष शिविर भी आयोजित कराया। ट्रांसजेंडर्स की इस पहल को नागरिकों ने कौतूहल पूर्वक देखा, बल्कि उनके इस अभियान में शिरकत करते हुए बढ़-चढ़कर इस विशेष शिविर में टीके लगवाये। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.एस. सैत्या तथा जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि लोगों ने ट्रांसजेंडर्स द्वारा आयोजित टीकाकरण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। टीकाकरण अधिकारी डॉ. जड़िया ने विश्वास जताया कि नूरी खान और संध्या घावरी जैसे जागरूक ट्रांसजेंडर्स की पहल ने जनमानस को बढ़-चढ़कर टीका लगवाने के प्रति जागरूक बनाया है।

वैक्सीनेशन के लिये ग्रामीणों को पीले चावल दिये

मुरैना जिले के विभिन्न ग्रामों के बाशिंदों को कोरोना वैक्सीनेशन के लिये जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अनूठा तरीका अपनाया। अधिकारियों ने ग्रामीणजन को घर-घर पीले चावल भेजकर उन्हें वैक्सीनेशन के लिये आमंत्रित किया।

जिस प्रकार शादी का आमंत्रण देने के लिये कार्ड को पीले चावल लगाकर शुभ संकेत दिया जाता है, ठीक उसी प्रकार जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को पीले चावल भेजकर उन्हें वैक्सीन के टीके लगवाने के लिये आमंत्रित किया। यह नवाचार ग्रामीणों को न केवल काफी रोचक लगा, वरन् वे इससे अधिकाधिक संख्या में वैक्सीनेशन कराने के लिये प्रेरित हुए।

वैक्सीनेशन सेंटर्स पर इस नवाचार से बड़ी संख्या में ग्रामीण दम्पत्ति पहुँचने लगे। अधिकारियों ने ग्रामीणों का स्वागत किया। वैक्सीनेशन सेंटर्स पर अधिकारियों ने ग्रामीणों का फूल-मालाओं से स्वागत भी किया।

मोतीझील फीडर के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पर लापरवाही के चलते विद्युत कंपनी ने की दो कार्यपालन यंत्री, 3 सहायक यंत्री एवं तीन कनिष्ठ यंत्री पर कार्रवाई

 मोतीझील फीडर के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर के ऊपर बेल झाड़ी एवं घौंसला स्वयं ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा हटाए जाने की घटना के चलते विद्युत विभाग के महाप्रबंधक ने इसे अधिकारियों की लापरवाही मानते हुए तीन कनिष्ठ यंत्री, तीन सहायक यंत्री एवं दो कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कार्रवाई की है। 

      ऊर्जा मंत्री श्री तोमर द्वारा मोतीझील 11 के.वी. फीडर के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पर चढ़ रही बेल को स्वयं सीढ़ी पर चढ़कर उतारने के बाद बिजली कंपनी के मैदानी अमले की लापरवाही को लेकर महाप्रबंधक शहर वृत्त विनोद कटारे द्वारा कठोर कार्यवाही की गई। इस लापरवाही के लिए कुल तीन कनिष्ठ यंत्रियों को जिसमें ट्रांसपोर्ट नगर के कनिष्ठ यंत्री, श्री रोहित अग्निभोज, उच्चदाब संधारण के कनिष्ठ यंत्री श्री गोविंद एरोन एवं श्री अंशु सक्सेना को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। इस लापरवाही के लिए दो कार्यपालन यंत्री, श्री अमरेश शुक्ला, उच्च दाब संधारण एवं श्री पीयूष हजेला, शहर संभाग उत्तर तथा तीन सहायक यंत्री श्री हिमांशु शर्मा, ट्रांसपोर्ट नगर, श्री शैलेन्द्र पटले एवं श्री नितिन यादव, उच्चदाब संभाग का स्पष्टीकरण चाहा गया। साथ ही, सभी अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि अपने क्षेत्रान्तर्गत सभी ट्रांसफार्मर एवं लाइनों का संधारण सही ढंग से कराना सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े एवं उपभोक्ताओं को सतत निर्बाध बिजली मिल सके।

दतिया में 50 लाख से बनेगी सर्व-सुविधायुक्त आधुनिक सब्जी मण्डी - डॉ. मिश्रा

सब्जी विक्रेताओं ने किया गृह मंत्री का सम्मान

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया में 50 लाख रुपये की लागत से सर्व-सुविधायुक्त आधुनिक सब्जी मण्डी का निर्माण कराया जायेगा। डॉ. मिश्रा सब्जी विक्रेताओं द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सब्जी मण्डी का आधुनिकीकरण किया जाकर विक्रेताओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी।

डॉ. मिश्रा ने सब्जी विक्रेताओं का सम्मान के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दतिया की सब्जी मण्डी को 50 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सब्जी मण्डी के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बहु-मंजिला सब्जी मण्डी डिजाइन की जाये। डॉ. मिश्रा ने कहा कि सब्जी मण्डी में नवीन चबूतरों के साथ बिजली, शीतल पेयजल और शेड के निर्माण भी किये जायेंगे।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. आशाराम अहिरवार सहित श्रीमती रजनी पुष्पेन्द्र रावत,
श्री योगेश सक्सेना, श्री बलवीर कुशवाहा, श्री अतुल भूरे चौधरी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

राज्य मंत्री श्री परमार ने स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन अनुकंपा नियुक्ति प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुकंपा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों में आश्रितों को त्वरित, पारदर्शी और समय सीमा में निराकरण के लिए ऑनलाइन अनुकंपा नियुक्ति प्रबंधन प्रणाली एक महत्वपूर्ण साधन बनेगी। यह बात स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की ऑनलाइन अनुकंपा नियुक्ति प्रबंधन प्रणाली के वर्चुअल शुभारंभ के दौरान कही। श्री परमार ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के सभी प्रकरणों की सूची, निरस्त या लंबित होने का कारण, वर्तमान स्थिति और नियुक्ति आदेश, एजुकेशन पोर्टल पर आवेदक के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहेंगे। प्रणाली के सफल क्रियान्वयन से प्रकरणों का तय समय सीमा में त्वरित निराकरण कर दिवंगत कर्मचारी के आश्रितों को लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।

श्री परमार ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारे शिक्षा विभाग के परिवार में किसी के भी साथ ऐसी अप्रिय घटना घटे, कि वो हमारे बीच न रहे। लेकिन यदि ऐसी कोई परिस्थिति बनती है तो आश्रितों को अनावश्यक परेशानी से मुक्ति और अनुकंपा नियुक्ति समय पर दिलाने के लिए इस प्रणाली को शुरू किया गया है। श्री परमार ने ऑनलाइन अनुकंपा नियुक्ति प्रबंधन प्रणाली बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा की और सभी शिक्षकों से अपील की कि यदि आपके परिचित के परिवार में ऐसी अप्रिय घटना घटित होती है तो आश्रितों को इस प्रणाली के तहत लाभ पहुंचाने का प्रयास करें।

प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा कि इस ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना और मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना के तहत भी आवेदन कर सकेंगे। दिवंगत शासकीय सेवक के यूनिक आईडी पासवर्ड से पोर्टल पर आवेदन किया जाएगा। यदि कोई आवेदक ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं है तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पोर्टल पर आवेदन दर्ज किया जा सकेगा।

आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में 3 लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। शासकीय सेवक की असामयिक मृत्यु होने पर आश्रितों को शासन के नियम अनुसार अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है। शासकीय सेवक की असामायिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जाता है, जिसका निराकरण विभिन्न स्तरों पर संबंधित कार्यालयों द्वारा शासन नियमानुसार तथा आवेदक की पात्रता के अनुसार किया जाता है। अब इस संबंध में समस्त प्रक्रिया स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल में ऑनलाइन अनुकंपा नियुक्ति प्रबंधन प्रणाली पर की जाएगी। 

इस अवसर पर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अपर परियोजना संचालक श्री कैलाश वानखेडे़, संचालक श्री के.के. द्विवेदी, अपर संचालक सुश्री कामना आचार्य और श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी, उपसंचालक श्री राजेंद्र डेकाटे सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

रोजगार गतिविधियों के सृजन से आत्म-निर्भर बनेगा मध्यप्रदेश- लोक निर्माण मंत्री श्री भार्गव

आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश रोजगार समूह की वर्चुअल बैठक सम्पन

लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का मुख्य-लक्ष्य रोजगार गतिविधियों का अधिकाधिक सृजन है। इसके लिए गठित अंत-र्विभागीय समूह द्वारा कार्य-योजना तैयार कर कार्य प्रारम्भ कर दिए गये हैं। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि इनकी नियमित समीक्षा की जायेगी। इससे राज्य शासन के एक लाख युवाओं को रोजगार मुहैया करने के लक्ष्य को शीघ्रता से प्राप्त किया जाएगा। मंत्री श्री भार्गव रोजगार समूह की बैठक को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लगाए गये कोरोना कर्फ्यू से रोजगार, स्व- रोजगार क्षेत्र पर हुये असर का सामना करने के लिए राज्य शासन द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के तहत श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा रोजगार मूलक गतिविधियों का रोडमेप तैयार कर कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है।

श्रम विभाग द्वारा कोविड-19 की प्रथम लहर के बाद ही प्रवासी श्रमिक पोर्टल प्रारम्भ कर दिया गया था। इसके साथ ही जून 2021 से रोजगार सेतू पोर्टल प्रारम्भ कर श्रम कानूनों को भी सरल बनाया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले छोटे व्यवसाइयों की मदद के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पारम्परिक उत्पादों के लिए ई-कामर्स प्लेट फार्म तथा स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री की ऑन-लाइन मार्कैटिंग की व्यवस्था की गई है।

सूचना प्रौद्योगिक विभाग द्वारा सिंगल विडों, डिजिटल लॉकर्स पोर्टल तथा आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है।

टूरिज्म के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए टूरिज्म इंस्टिटयूट में हॉस्पिटिलिटी कोर्स को सम्मिलित कराने की कार्रवाई की गई।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा जिला स्तरीय विशेषताओं को प्रोत्साहित करने के लिए 'वन डिस्टिक्ट-वन प्रोडेक्ट' प्रमोसन प्लान पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही वाराणासी - मुंबई औद्योगिक कॉरीडोर, इंदौर- विशाखापट्नम औद्योगिक कॉरीडोर का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश में 20 नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई की जा रही है।

इन गतिविधियों से प्रदेश से बड़े स्तर पर स्व-रोजगार गतिविधियाँ का सृजन होगा।

योजना के कार्यस्थलों का करें नियमित निरीक्षण

मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री निकुंज श्रीवास्तव द्वारा जल प्रदाय और सीवरेज योजना के कार्यों की समीक्षा की गयी। प्रबंध संचालक द्वारा निर्देशित किया गया कि गुणवत्ता के साथ कार्यों में तेजी लायें साथ ही परियोजना के क्रियांवयन में लम्बित समस्याओं का शत-प्रतिशत समय सीमा में निराकरण सुनिश्चत हो। श्री श्रीवास्तव ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिये कि रोड़ रेस्टोरेशन के कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाये, जिससे बारिश में नागरिकों को असुविधा न हो।  प्रबंध संचालक ने परियोजना प्रबंधकों को निर्देश दिये कि वे अपने मुख्यालयों में रहते हुए जिला प्रशासन के साथ सतत् समन्वय रखें। उन्होंने कहा कि योजना के विभिन्न कार्य स्थलों का नियमित निरीक्षण करें एवं सुरक्षा मापदंडों का विषेषतौर पर ध्यान रखें। 

श्री निकुंज श्रीवास्तव ने परियोजना अतंर्गत निर्माण किए जा रहे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसरों में अंकुर कार्यक्रम के तहत व्यापक वृक्षारोपण के निर्देष  देते हुए कहा कि यह कार्य अगामी 15 दिवस में अभियान चलाकर पूर्ण किया जाये। इसकी जानकारी वायुदूत मोबाईल एप पर भी अपलोड की जावे। रोपित पौधों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध के निर्देष भी प्रबंध संचालक द्वारा दिए गये।  बैठक में कंपनी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक रोहित सिंह, प्रमुख अभियंता श्री दीपक रत्नावत, सलाहकार फर्म के प्रतिनिधि सहित वर्चुअल माध्यम से परियोजना प्रबंधक और अन्य अधिकारी शामिल हुए।      

कोरोना वैक्सीनेशन महा-अभियान को अपनी भागीदार से सफल बनायें- राज्य मंत्री श्री यादव

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्यमंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने 21 जून 2021 से प्रारम्भ हो रहे कोरोना वैक्सीनेशन के महा-अभियान में आम नागरिकों से भागीदार बनकर अभियान को सफल बनाने की अपील की है। कोविड-19 के प्रभाव से बचाव के लिए वैक्सीन को एक सुरक्षा कचव बताते हुए राज्यमंत्री ने कहा है कि इस अभियान में वैक्सीन लगवाने, वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने, दिव्यांग एवं बुजुर्गों को वैक्सीन लगवाने के लिए सेंटर तक लाने-ले जाने जैसे कार्यों में अपना योगदान हर नागरिक को सुनिश्चित करना चाहिए।

राज्यमंत्री श्री यादव ने कहा है कि 18 वर्ष से ऊपर के हर व्यक्ति का वैक्सीनेशन कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए निश्चित ही लाभदायी होगा। उन्होंने कहा है कि कोविड अनुकूल व्यवहार से भी हम स्वयं एवं आसपास के लोगों को सुरक्षित रख सकते हैं। राज्यमंत्री श्री यादव ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता जरूरी है, जो जन-भागीदारी से सुनिश्चित होती है।