दिनांक 14 जनवरी, 2021


अंक 662

कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है, महाभियान को सफल बनाएं : मुख्यमंत्री श्री चौहान

कोरोना वैक्सीन के संबंध में वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स से चर्चा
नेशनल हेल्थ मिशन के मुख्यालय भवन का उद्घाटन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है जो किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। नागरिकों को क्रमानुसार इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब हमें कोरोना महामारी का पूरी तरह समापन करना है। टीकाकरण के प्रथम चरण में करीब सवा चार लाख हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा जिन्होंने हम सभी की जिन्दगीबचाने का कार्य किया है। कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आव्हान किया कि जिलों के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया इसके बारे में किसी भ्रामक जानकारी या अफवाहों को न पनपने दें और इस महाभियान को सभी मिलकर सफल बनाने में सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि 16 जनवरी को पहला टीका किसी सफाई कर्मचारी को लगाने का प्रयास है। यह सफाई कर्मियों की सेवाओं का सम्मान भी होगा जो कोरोना के संकटकाल में उन्होंने प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज एनएचएम भवन के उद्घाटन के पश्चात कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में कलेक्टर्स और कमिश्नर्स के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग भी उपस्थित थे। वीडियो कान्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस भी उपस्थित थे।

दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री मोदी बधाई के पात्र हैं, संकट को पहचाना, व्यवस्थाएं कीं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगाने का कार्य 16 जनवरी को सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री श्री मोदी को बधाई देता हूँ। वे दूरदर्शी हैं। उन्होंने पहले ही संकट को पहचान लिया था। प्रधानमंत्री ने तो कोरोना आते ही टास्क फोर्स बना दिया था। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं कीं और लोगों को वायरस से बचाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय रहते लॉकडाउन हो जाने से आवश्यक व्यवस्थाएं करने का समय भी मिला। प्रधानमंत्री के आह्वान पर सभी एकजुट हुए। मध्यप्रदेश में आउट ऑफ कंट्रोल नहीं होने दिया गया। कोरोना से नागरिकों के बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध किए गए।

महाभियान के विभिन्न चरण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि 16 जनवरी से प्रारंभ हो रहे अभियान के लिए जिलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वैक्सीन की सेफ्टी की पुष्टि की गई है। प्रत्येक नागरिक को दो डोज लगेंगे। पहला डोज लगने के पश्चात इसे 28 दिन के पश्चात पुन: लगाया जाएगा। इसके 14 दिन पश्चात मानव शरीर में एंटी बॉडी का निर्माण होगा। टीका लगने के बाद तत्काल प्रभाव नहीं होता है। प्रदेश में जिलावार वैक्सीन का आवंटन किया गया है। शिकायत और सुझाव प्राप्त करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं हैं। शासकीय अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन लगाने के लिए चिन्हित किया गया है।

जिन्होंने संकट के समय सेवा की, उन्हें सबसे पहले लगेगी वैक्सीन

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव के लिए प्रारंभ हो रहे टीकाकरण महाभियान के संबंध में समस्त कलेक्टर-कमिश्नर के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उन सभी वारियर्स को प्रणाम किया, जिन्होंने संकट के समय दूसरों की जान बचाने का कार्य किया और सेवा में संलग्न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण का प्रोटोकॉल तय किया गया है। वैक्सीन उन्हें ही पहले लगेगी जिनका क्रम है। इनमें फ्रंट लाइन वर्कर्स जैसे पुलिस कर्मी, राजस्व अमला भी शामिल है और उनका सबसे पहले सुरक्षित होना जरूरी भी है। टीकाकरण के लिए पंजीयन जिस क्रम में हुआ, टीके भी उसी क्रम में लगेंगे। इस महाभियान में पहले किसी को टीका लगाने के लिए सिफारिश करने के कार्य भी नहीं होंगे।

धर्म गुरु, समाज सेवी, नागरिकों को दें अभियान की जानकारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आव्हान किया कि सभी धर्म गुरु, जिला प्रशासन वैक्सीन लगाने की इस प्राथमिकता की जानकारी आमजन को दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महाभियान से संबंधित कोई अफवाह फैले तो उसे सही जानकारी देकर समझाया जाए। वीडियो कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों वैक्सीन एक जैसी हैं। भंडारण, परिवहन के दिए गए निर्देशों का पालन हो। सभी अधिकारी, जन प्रतिनिधि, आमजन सहयोग देकर इसे निर्विघ्न संपन्न करने का कार्य करें। इस महाभियान को सफल बनाएं। किसी को यदि वैक्सीन के बाद छोटी-मोटी एलर्जी भी हो तो उस दशा में घबराने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापक जनहित के इस कार्य के संबंध में नकारात्मक संदेश न जाए, यह प्रयास करें। वास्तविक और प्रामाणिक जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वैक्सीन के संबंध में मीडिया बंधु भी सही जानकारियां देंगे, यही आग्रह है। वैक्सीन सुरक्षित है। आमजन को यह जानकारी मिलना चाहिए।

परीक्षण के बाद हुआ है वैक्सीन का चयन

प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने वैक्सीनेशन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में बनाई गई स्वदेश की वैक्सीन को देश-विदेश की उत्कृष्ट वैज्ञानिक संस्थाओं ने गहन परीक्षण और विश्लेषण के बाद स्वीकृत किया है। कई महीनों की मेहनत के बाद भारत में यह दो वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन स्वीकृत की गई हैं। अब दूसरे देशों से वैक्सीन इंपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं है। प्रथम चरण में हेल्थ वर्कर्स, द्वितीय चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण होगा, तृतीय चरण में पचास वर्ष की आयु से अधिक सभी नागरिकों तथा ऐसे नागरिकों जो पचास वर्ष से कम आयु के हैं परन्तु मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रस्त हैं उनका टीकाकरण किया जाएगा। वर्तमान में कोविशील्ड के पांच लाख डोज प्रदेश को मिले हैं। अगले चार सप्ताह में 2.25 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स को ये डोज लगाए जाएंगे।

नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंस के पश्चात एनएचएम भवन में कोविड वैक्सीनेशन महाभियान के संबंध में बनाए गए राज्य नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया और कार्य पद्धति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

एनएचएम भवन का उद्घाटन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्य मार्ग क्रमांक-3, पत्रकार कालोनी के पास, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 27.42 करोड़ की लागत से निर्मित मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना को प्रदेश में कभी भी नियंत्रण की स्थिति से बाहर नहीं होने दिया गया। इसके लिए मैं चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के संकट के काल में विपरीत परिस्थितियों को अवसर में बदलने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को आत्मसात करके हमने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लिया। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने का रोडमैप तैयार किया। स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और विस्तार को इसमें शामिल किया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े अस्पतालों और जिलों के जिला अस्पतालों को आदर्श अस्पताल के रूप में विकसित करेंगे। इनमें एक्स-रे, सोनोग्राफी, एमआ आई आदि सभी जांचें, दवाई और सफाई की पूरी व्यवस्था करेंगे। चिकित्सकों के रिक्त पदों को भर्ती अभियान चलाकर भरेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किडनी के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा शासकीय चिकित्सालय में दिलाने के लिए सभी प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और विस्तार पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी लाने सहित स्वास्थ्य कार्यक्रम में तेजी से काम कर निर्धारित कर लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि मुझे याद आ रहा है कि कोरोना काल में आम नागरिकों की जिंदगी को सुरक्षित रखने के लिए डॉ. शुभम् ने जीवन का बलिदान कर दिया था। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने समर्पण और निष्ठा के साथ कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में काम किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय गोयल, एमडी एन.एच.एम. श्रीमती छवि भारद्वाज, स्वास्थ्य संचालक श्री बसंत कुर्रे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कोविड-19 के लिए वैक्सीनेशन निगरानी केन्द्र और कोविड-19 महामारी के राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष का संचालन इसी भवन से होगा। भवन का कुल क्षेत्रफल 11 हजार वर्गमीटर से अधिक है इसमें एक सभाकक्ष, वीडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष, केंटीन, पुस्तकालय सहित अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कक्षों की व्यवस्था है। मिशन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों जैसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन, मलेरिया नियंत्रण, अंधत्व नियंत्रण, आशा कार्यक्रम एवं असंचारी रोगों के नियंत्रण संबंधी गतिविधियों की सतत् निगरानी और पर्यवेक्षण का कार्य किया जाता है। नवनिर्मित भवन में तीन लिफ्ट के साथ ही रेन वाटर, हार्वेस्टिंग और अन्य आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा मकर संक्रान्ति पर बधाई

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रान्ति पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोगों की खुशहाली की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मकर संक्रान्ति के साथ ही विभिन्न समुदायों द्वारा मनाये जाने वाले पोंगल पर्व, विषु और भोगाली बिहू पर्व की बधाई भी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेम, सौहार्द्र और अपनत्व के नवपुष्प पल्लवित हों। हर चेहरे पर मुस्कान हो। सभी नागरिकों को अनन्त शुभकामनाएं।

वन्यप्राणी संरक्षण और विकास में संतुलन हो : मुख्यमंत्री श्री चौहान

वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वन्य क्षेत्रों और वन्यप्राणियों का संरक्षण एवं वन क्षेत्रों में विकास कार्य इस तरह संपादित हों कि इससे मानव जीवन पर भी विपरीत प्रभाव न पड़े। दोनों के मध्य संतुलन स्थापित हो। अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्रों में सड़क निर्माण, संचार विकास और अन्य आवश्यक कार्य वन्यप्राणियों को क्षति पहुंचाए बिना सम्पन्न हों, इसका ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 19वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन मंत्री कुंवर विजय शाह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अफ्रीकी चीतों को बसाने के लिए अनुकूल है मध्यप्रदेश

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान और नौरादेही वन्यप्राणी अभ्यारण्य में चीतों के रहवास के लिए उपयुक्त पाए जाने की स्थिति है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान जो करीब 750 वर्ग किलोमीटर में स्थित है वहां मात्र एक गांव है जिसके विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह एक हजार किलोमीटर से अधिक वर्ग किलोमीटर में स्थित नौरादेही वन्यप्राणी अभ्यारण्य सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में स्थित है। यहाँ वर्तमान में 63 ग्रामों में से 13 गांव विस्थापित किए जा चुके हैं। अन्य 15 ग्रामों के विस्थापन की प्रक्रिया प्रचलन में है। इसके दृष्टिगत मध्यप्रदेश के इन संरक्षित क्षेत्रों में अफ्रीकी चीते की स्थापना की संभावनाएं देखी जा रही हैं। इस संबंध में वैधानिक रूप से आवश्यक अनुमतियों के पश्चात कार्य को गति दी जाएगी। भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाय.वी. झाला द्वारा मध्यप्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों में अफ्रीकी चीतों की अनुकूलता के संबंध में प्राथमिक सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश में तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। प्रस्तावित वैकल्पिक संरक्षित क्षेत्र गांधीसागर अभ्यारण्य मंदसौर में शाकाहारी वन्यप्राणियों के ट्रांसलोकेशन के लिए नरसिंहगढ़ अभ्यारण्य राजगढ़ से 500 चीतल ट्रांसलोकेशन करने की अनुमति भी प्राप्त हुई है।

मध्यप्रदेश अब तेंदुआ स्टेट भी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बफर में सफर जैसी गतिविधियों से पर्यटन विकास संभव होगा। उन्होंने मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट के बाद तेंदुआ स्टेट बनने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 3421 तेंदुए होने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य में तेंदुआ संख्या लगभग साढ़े तीन हजार है। यह निश्चित ही एक उपलब्धि है। देश में कुल 12852 तेंदुएं हैं। मध्यप्रदेश को टाइगर के बाद तेंदुआ राज्य बनने के पश्चात अन्य वन्यप्राणियों की श्रेणी में भी अग्रणी बनने की संभावनाएं बढ़ी हैं। बोर्ड के सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर ने सुझाव दिया कि राजस्थान में तेंदुआ रिजर्व बनाया जा रहा है, मध्यप्रदेश में भी ऐसा संभव है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री खांडेकर के इस सुझाव पर सहमति जताई।

मध्यप्रदेश पहले ही बना है बाघ प्रदेश

मध्यप्रदेश ने अखिल भारतीय बाघ गणना 2018 में 526 बाघ पाए जाने के साथ बाघ प्रदेश का दर्जा हासिल किया था। अब तेंदुआ स्टेट का दर्जा मिलने से मध्यप्रदेश प्रथम और कर्नाटक एवं महाराष्ट्र द्वितीय एवं तृतीय क्रम पर हैं। बैठक में बाघों के रहवासों और संरक्षित क्षेत्रों का भारत सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ ही कैम्पा फण्ड से भी वित्त पोषण पर चर्चा हुई। संरक्षित क्षेत्रों में रहवास प्रबंधन, वन्यप्राणियों की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, मानव-वन्यप्राणी द्वंद के प्रबंधन और बाघ एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों के अधिक घनत्व के क्षेत्रों से कम घनत्व के संरक्षित क्षेत्रों में ट्रांसलोकेशन किए जाने पर चर्चा हुई। प्रदेश में वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए 16,794 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 6 टाइगर रिजर्व सहित 11 राष्ट्रीय उद्यान एवं 24 वन्यप्राणी अभ्यारण्यों का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में वन्यप्राणी संरक्षण और प्रबंधन की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हों। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश के सभी नेशनल पार्क में नाईट जंगल सफारी, बैलून सफारी शुरू करने, जंगली हाथियों के रेस्क्यू, घड़ियालों की पुनर्स्थापना के संबंध में गतिविधियां संचालित हैं। बैठक में मध्यप्रदेश की टाइगर स्टेट के रूप में स्थिति सुदृढ़ करने के लिए योजना पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही प्रदेश में बाघों की पुनर्स्थापना के लिए सतपुड़ा, नौरादेही, संजय गांधी अभ्यारण में आवश्यक परिस्थितियों के निर्माण के संबंध में और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में माधव, गांधीसागर और नौरादेही राष्ट्रीय उद्यान में हो रहे कार्यों पर भी विचार किया गया। ये चारों राष्ट्रीय उद्यान भारत सरकार द्वारा चयनित हैं। यहाँ भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया है।

खरमोर संरक्षण

बैठक में बताया गया कि धार जिले के सरदारपुर में वन्यप्राणी अभ्यारण्य का गठन खरमोर प्रजाति के पक्षी के लिए किया गया है। यह पक्षी घास के मैदानों में पायी जाने वाली महत्वपूर्ण और संकटग्रस्त प्रजाति है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के धार के अलावा झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में ये पाए जाते हैं। इनकी संख्या कम हुई है। प्रदेश में खरमोर संरक्षण के लिए कंजर्वेंशन ब्रीडिंग केन्द्र प्रारंभ करने पर सहमति हुई। इसके लिए करीब साढ़े तीन सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पूर्व में अधिसूचित किया गया था। खरमोर अभ्यारण्य सरदारपुर के क्षेत्र के अंतर्गत वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का पालन करते हुए आवश्यक गतिविधियों के संचालन पर सहमति हुई। जिन क्षेत्रों में खरमोर पक्षी कुछ वर्ष से प्रवास नहीं कर रहे हैं उन क्षेत्रों को अभ्यारण्‍य क्षेत्र से बाहर करने के संबंध में विचार किया गया। इसी तरह खरमोर के लिए सैलाना अभ्यारण्य के पुनर्गठन प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खरमोर का संरक्षण महत्वपूर्ण है, इनके रहवास वाले क्षेत्रों में ऐसी फसलों को प्रोत्साहित किया जाए जिससे पक्षियों को भी भोजन मिल सके। इसी तरह सैलाना अभ्यारण्य की सीमा से 10 किलोमीटर परिधि में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाईवे एन.एच.-148एन के 8 लेन निर्माण के लिए वन्यप्राणियों की सुरक्षा की शर्त पर बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

राज्य मछली महाशीर को बचाएंगे

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के बड़वाह वनमण्डल में महाशीर संरक्षण योजना लागू की गई है। राज्य शासन ने महाशीर संरक्षण और प्रजनन पर 61 लाख रूपए की राशि खर्च की है। वर्ष 2020 में महाशीर का चार बार कृत्रिम प्रजनन कराया गया जिसके फलस्वरूप 4000 फ्राई प्राप्त किए गए। ये स्वस्थ स्थिति में है, इन्हें नर्मदा के जल प्रवाह में छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक समय नर्मदा में इन मछलियों की संख्या काफी अधिक थी। इनके संरक्षण के कार्य को गति दी जाए। बोर्ड की बैठक में डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ के सदस्य ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में महाशीर संरक्षण के कार्यों का अध्ययन कर मध्यप्रदेश में श्रेष्ठ गतिविधियों को अपनाया जा सकता है। बैठक में जानकारी दी गई कि महाशीर संरक्षण के लिए प्रदेश में बीते नवम्बर माह में राज्य स्तरीय स्टियरिंग कमेटी भी बनाई गई है जिसकी शीघ्र ही बैठक होने वाली है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मत्स्य पालन विभाग द्वारा भी महाशीर संरक्षण प्रयासों से जुड़ने के निर्देश दिये।

किसानों का भी पक्ष जानें, समाधान निकाला जाए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के कुछ स्थानों से नीलगाय और अन्य पशुओं द्वारा खेतों में नुकसान पहुंचाने के समाचार मिलते हैं। ऐसे मामलों में किसानों का पक्ष जानते हुए आवश्यक उपाय किए जाएं। वन्यप्राणियों और मनुष्यों के बीच द्वंद की स्थिति निर्मित हो तो उसका समाधान निकाला जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर जिले में प्रस्तावित डॉ. अम्बेडकर अभ्यारण्य के संबंध में जिला योजना समिति के अनुमोदन के पश्चात बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए। यह अभ्यारण्य 258 वर्ग किलोमीटर में प्रस्तावित है। प्रस्तावित अभ्यारण्य क्षेत्र में कोई राजस्व ग्राम नहीं है।

बंद नहीं होगा हीरा खनन कार्य

बैठक में पन्ना जिले में गंगऊ अभ्यारण्य में एन.एम.डी.सी. की 275 हेक्टेयर में हीरा खनन कार्य के संबंध में बोर्ड के सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि हीरा खनन का कार्य बंद न हो, साथ ही विकास भी हो और वन्य प्राणी संरक्षण भी हो। दोनों में संतुलन आवश्यक है।

संचार संबंधी अनुमतियां

बोर्ड की बैठक में गांधी सागर अभ्यारण्य क्षेत्र में सड़क निर्माण, वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह के क्षेत्र में बेहतर संचार सुविधा के लिए ओ.एफ.सी. केबल डालने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसी तरह की अनुमतियां ग्वालियर के घाटीगांव हुकना पक्षी सोनचिड़िया अभ्यारण्य, माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी, नरसिंहगढ़ अभ्यारण्य एवं कान्हा टाइगर रिजर्व मण्डला के क्षेत्र के अंतर्गत भी प्रदान की गईं। इसके अलावा ओरछा अभ्यारण्य क्षेत्र में 132 के.व्ही. विद्युत पारेषण लाइन और 14 टॉवर के निर्माण के लिए 13.50 हेक्टयर भूमि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कम्पनी सागर को प्रदान की गई। यह सभी अनुमतियां वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत प्रदान की गईं।

स्वामी विवेकानंद ने देश की संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया: मंत्री श्री पटेल

हरदा डिग्री कॉलेज में युवाओं की हौसला अफजाई की

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने हरदा डिग्री कॉलेज में अनाज से बनाए गए स्वामी विवेकानंद जी के चित्र को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने युवा कलाकारों की मुक्त कंठ से सराहना की। श्री पटेल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश की संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री पटेल ने युवा कलाकारों की डिग्री कॉलेज पहुँचकर हौसला अफजाई की।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हरदा को गांधी जी ने अपने प्रवास के दौरान देश का ह्रदय स्थल बताया था। हम सबके लिए हार्दिक प्रसन्नता का विषय है कि देश के ह्रदय स्थल में  कलाकारों के द्वारा अद्भुत कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारों और संस्कृति के कारण ही हमारा देश  विश्व गुरु कहलाता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर हैं। श्री पटेल ने कहा कि जिस देश में इस प्रकार के होनहार नौजवान हों, उस देश को कोई भी विश्व गुरु बनने से रोक नहीं सकता।

मंत्री श्री डंग ने गांव महुवी से ग्रामीण स्वच्छता एवं पेयजल अभियान का शुभारंभ किया

नवीन एवं नवकरणीय, पर्यावरण मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग ने मंदसौर जिले के सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के गांव महुवी से ग्रामीण स्वच्छता एवं पेयजल अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी को पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध होगी। सरकार भी नल जल योजना पर विशेष कार्य कर रही है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने का सरकार का लक्ष्य है। इस लक्ष्य के लिए भारत सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार भी लगातार प्रयासरत है एवं मिशन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। कुछ स्थानों पर नल-जल कनेक्शन का कार्य प्रारंभ हो चुका है एवं जिन स्थानों पर अभी यह काम शुरू नहीं हुआ है, वहां पर बहुत जल्द शुरू हो जाएगा।

अभियान के शुभारंभ के पहले मंत्री श्री डंग श्री पंचमुखी हनुमान गौशाला पहुचे तथा गो पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को मकर संक्रांति के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली लेकर आए। हर घर खुशी हो, हर व्यक्ति प्रसन्न हो। हर व्यक्ति की प्रसन्नता और प्रदेश के विकास के लिए सरकार लगातार निरंतर प्रयास कर रही है।

साढ़े नौ करोड़ से महू में लगेंगे रेडियो फ्रिक्वेंसी वाले स्मार्ट मीटर

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने गुरुवार से इंदौर जिले के महू में भी रेडियो फ्रिक्वेंसी वाले अत्याधुनिक स्मार्ट मीटर लगाना प्रारंभ कर दिया है। इंदौर, रतलाम, उज्जैन के बाद अब महू मालवांचल का चौथा ऐसा शहर हो गया है, जहां इस तरह के मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे हर माह की अंतिम तिथि तक की रीडिंग रेडियो फ्रिक्वेंसी से मिल जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लग जाने से मीटर रीडरों पर निर्भरता नहीं रहेगी। बिजली बिल सही आएंगे।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अमित तोमर ने बताया कि महू शहर में स्मार्ट मीटर लगाने पर करीब साढ़े नौ करोड़ रूपए व्यय होंगे। पूरे महू शहर में हर वर्ग के उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर निःशुल्क लगाए जाएंगे । इनकी पांच साल की गारंटी भी रहेगी। इन मीटरों की संचार प्रणाली लगभग 50 स्थानों पर लगाए जाने वाले राउटर के माध्यम से संचालित होगी। यह राउटर समीप के 350 उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग स्मार्ट मीटर कंट्रोल सेंटर भेज देंगे, जहां से रीडिंग डाटा बिलिंग सेक्शन चला जाएगा। इससे जहां बिल एक्यूरेट बनेंगे वहीं रीडरों पर निर्भरता खत्म होगी। ताला बंद होने की शिकायत नहीं रहेगी। उपभोक्ता अपने यहां की रीडिंग ऊर्जस एप पर भी फरवरी माह से देख सकेंगे।

प्रबंध निदेशक श्री तोमर ने बताया कि बिजली कंपनी अब एक माह में देवास एवं खरगोन शहर में भी इस तरह के अत्याधुनिक मीटर लगाएगी।

सात समन्दर पार भी लुभा रही है जबलपुर की मटर की मिठास

जबलपुर की मटर की होगी ग्लोबल ब्रॉण्डिंग

जबलपुर की स्वादिष्ट हरी मटर की मिठास केवल स्थानीय नागरिकों को ही नहीं, वरन अन्य राज्यों, यहाँ तक कि विदेशों में भी लोगों को लुभा रही है। ##### जबलपुर की मटर की लोकप्रियता के चलते इसे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी पहल 'एक जिला-एक उत्पाद'' योजना के अंतर्गत चिन्हित किया गया है। 

जबलपुर के कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने मटर उत्पादन के वर्तमान रकबे में वृद्धि, अच्छे किस्म के बीजों की बोनी और मटर के प्र-संस्करण पर विशेष ध्यान दिया है। वे बताते हैं कि इसके विपणन नेटवर्क को व्यापक स्वरूप देकर जबलपुर की मटर की ग्लोबल ब्रॉण्डिंग भी की जा रही है।

जबलपुर की मटर अपनी गुणवत्ता और मिठास के चलते देश की मण्डियों में हाथों-हाथ बिकती है। आलम यह है कि बड़े शहरों के बड़े व्यापारी किसानों से सीधे मटर खरीदकर इसकी बाहर सप्लाई कर रहे हैं। मटर की ज्यादा से ज्यादा मात्रा जिले में ही प्रसंस्कृत कर बाहर भेजने की भी योजना है।

##### वर्तमान में जबलपुर की मटर देश की नामचीन मण्डियों मुम्बई, हैदराबाद, भोपाल, नागपुर और रायपुर के अलावा सात समन्दर पार जापान और सिंगापुर के लोगों के व्यंजनों का जायका बढ़ा रही है। जबलपुर जिले में फिलहाल निजी क्षेत्र की 2 मटर प्र-संस्करण यूनिट कार्यरत हैं। जिले के भानु फार्म शहपुरा से साल में 5 से 8 हजार मीट्रिक टन मटर की प्रोसेसिंग की जाती है। यहीं से प्रोसेस्ड मटर सिंगापुर और जापान भेजी जाती है। दूसरी यूनिट फ्रोजन एग्रो इण्डस्ट्री औद्योगिक क्षेत्र उमरिया-डुंगरिया में स्थापित है।

जबलपुर के कलेक्टर ने मटर उत्पादक किसानों, उद्यमियों और मटर प्र-संस्करण इकाईयों के संचालकों के साथ बड़ी कार्यशाला कर 'एक जिला-एक उत्पाद'' योजना के तहत जिले में मटर की फसल के चयन की जानकारी दी और इसके व्यापक उत्पादन एवं मार्केट लिंकेज के संबंध में विस्तृत चर्चा की। जिले में मटर उत्पादक किसानों, प्रोसेसिंग यूनिट, थोक व फुटकर व्यापार से संबद्ध लोगों, निर्यातकों, कोल्ड स्टोरेज लगाने के इच्छुक उद्यमियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी को एक प्लेटफार्म पर लाने की अभिनव पहल की गई है।

जबलपुर कलेक्टर बताते हैं कि मटर से लोगों को खेत से मण्डी तक काम मिलता है। मटर की तुड़ाई, ढुलाई और परिवहन के साथ-साथ सब्जी ठेला और रेहड़ी व्यापारियों को भी काम मिलता है। जिला प्रशासन मटर की प्र-संस्करण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये प्रयत्नशील है, ताकि रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भी अपने एक ट्वीट में 'एक जिला-एक उत्पाद'' के तहत जबलपुर की मटर की ब्रॉण्डिंग एवं गुणवत्ता को बढ़ाने के लिये कार्यशाला के आयोजन एवं कोल्ड स्टोरेज अधोसंरचना विकास की पहल को प्रशंसनीय बताया है।

डाटाबेस आधारित रणनीति तैयार करें : डॉ. मित्तल

न्यूनतम संसाधनों में अधिकतम परिणाम दें : एडीजी श्री सागर

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का डाटाबेस तैयार कर रणीनीति बनायें। यह बात पीटीआरआई द्वारा आयोजित 6 दिवसीय ऑनलाइन वर्कशाप को संबोधित करते हुए डॉ. श्रीमती निशी मित्तल सदस्य माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने कही। वर्कशाप के द्वितीय सत्र में अपने संबोधन में पीटीआरआई के अतिरिक्त महानिदेशक श्री डी.सी. सागर ने कहा कि सभी नोडल एजेंसियों को मौजूद संसाधनों का समुचित उपयोग कर अधिकतम परिणाम देना चाहिए।

ऑनलाइन वर्कशाप के प्रथम को सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. निशी मित्तल ने कहा कि जहाँ सड़क दुर्घटनाएँ अधिक होती हैं उन क्षेत्रों में अधिक निगरानी की जाये। उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत पुख्ता कार्यवाही की आवश्यकता जताई। डॉ. मित्तल ने कहा कि जहाँ तेज गति से वाहन चलते है वहाँ स्पीड रडारगन एवं अन्य यंत्रों से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने यातायात नियमों से लोगों में जन-जागृति लाने पर बल दिया। खराब सड़कों के सुधार के लिये सड़क निर्माण एजेंसियों को दुर्घटनाओं के आंकड़े देखकर सुधारात्मक कार्य करने को भी कहा।

ऑनलाइन वर्कशाप के द्वितीय सत्र को संबोधित करते हुए एडीजी श्री सागर ने पुलिस को यातायात के नियमों जैसे ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चालन, बिना लायसेंस, बिना हेलमेट एवं बिना सीटबेल्ट धारण किए एवं मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चालन इत्यादि के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने कहा कि यद्धपि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए नोडल एजेंसियों के पास संसाधनों की कमी है तथापि न्यूनतम संसाधनों में सभी को मिलकर अधिकतम बेहतर परिणाम देना है, जिससे कि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और दुर्घटना पीड़ितों के प्राणों की रक्षा की जा सके। श्री सागर ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अपनाये जाने वाले उपायों को सरल एवं सुबोध तरीके से पुलिस एवं अन्य सड़क सुरक्षा से संबंधित नोडल एजेंसियों को बहुत ही रोचक एवं रोमांचक तरीके से समझाया।

नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन

केरल पर्यटन एवं मध्यप्रदेश पर्यटन के बीच हुआ करार

केरल पर्यटन और मध्यप्रदेश पर्यटन के बीच बुधवार 13 जनवरी को महत्वपूर्ण करार सम्पन्न हुआ। इस दौरान मध्यप्रदेश की पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर और केरल के पर्यटन मंत्री मौजूद थे। पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस करार से दोनों ही प्रदेशों में पारस्परिक पर्यटन का चहुँमुखी विकास होगा। यह करार पर्यटन की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा।

अपने केरल प्रवास के तीसरे दिन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने जिला कुमाराकोम के पर्यटन उद्योग प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। इसके पूर्व उन्होंने जिला कुमाराकोम में स्थानीय स्वशासन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

अपने प्रवास के चौथे दिन 15 जनवरी को पर्यटन मंत्री सुश्री ठाकुर स्थानीय प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगी। तदुपरांत वे जिला कुमाराकोम के ग्राम्य - जीवन के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगी। पाँचवें दिन 16 जनवरी को मंत्री सुश्री ठाकुर जिला वायकोम में पेपर (काली मिर्च) यूनिट का भ्रमण करेंगी। छठवें दिन मंत्री सुश्री ठाकुर वायकोम में सांस्कृतिक अनुभव के बाद स्थानीय महिला प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगी। सातवें दिन वे कोचीन एयरपोर्ट से भोपाल वापस आयेंगी।

उल्लेखनीय है कि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने अपने प्रवास के दूसरे दिन केरल टूरिज्म दल के साथ बैठक में चर्चा की। वे त्रिवेन्द्रम में सचिव एवं संचालक की उपस्थिति में केरल के पर्यटन मंत्री के साथ लोक कार्यक्रम के आयोजन में भी शामिल हुईं। तदुपरांत मंत्री सुश्री ठाकुर ने केरल पर्यटन के हितधारकों से चर्चा की।

विक्ट्री मार्च 15 जनवरी को एनसीसी मुख्यालय में

भारत-पाक युद्ध 1971 में भारतीय सेनाओं की विजय के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारत वर्ष में निकाली जा रही स्वर्णिम विजय मशाल का शुक्रवार 15 जनवरी को प्रात: 10.30 बजे एनसीसी मुख्यालय राजभवन के पास स्वागत-अभिनंदन किया जायेगा। इस अवसर पर समारोहपूर्वक विजय मशाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।

"आपकी समस्या का हल-आपके घर" अभियान को तत्परता से चलायें: मंत्री श्री पटेल

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने हरदा में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के लिये चलाये जा रहे 'आपकी समस्या का हल-आपके घर' अभियान की कलेक्ट्रेट सभागार हरदा में समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को आमजन को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिये अभियान का संचालन तत्परतापूर्वक करने के निर्देश दिये।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि अभियान गरीबों और वंचितों के सामाजिक एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिये चलाया जा रहा है। सभी अधिकारी कार्य को गंभीरतापूर्वक पूर्ण समर्पण भाव से करना सुनिश्चित करें। इससे समाज को एक नई दिशा मिल सकेगी। बैठक के प्रारंभ में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अभियान की प्रगति के संबंध में प्रजेन्टेशन दिया गया। उन्होंने बताया कि जिले के 173 गाँव में सर्वें का कार्य पूर्ण हो चुका है। सर्वे का कार्य 340 गाँव में प्रगतिरत है। शहरी क्षेत्र में भी 27 वार्डों में सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि अभियान के अंतर्गत हरदा जिले में परिवारों को विभिन्न प्रकार की पेंशन, जाति प्रमाण-पत्र, विकलांगता प्रमाण-पत्र, आवास योजना का लाभ, आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड और नामांतरण बंटवारा जैसे 26 प्रकार की अनिवार्य सेवाओं का लाभ वंचितों को दिलाया जाना है।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के सपने को साकार करना है।

महिलाओं के प्रति अपराध रोकने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

मंत्री श्री पटेल ने महिलाओं के प्रति अपराध रोकने के लिये जागरूकता रथ को हरदा के मुख्य चौराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ के द्वारा महिलाओं को समाज में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और महिलाओं के प्रति अपराधों में रोकथाम के साथ ही उनकी सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिये शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है।

खाद्य मंत्री श्री सिंह 15 जनवरी को बगरोदा एलएनजी स्टेशन का शुभारंभ करेंगे

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहू लाल सिंह 15 जनवरी को दोपहर 12 बजे मध्य भारत के पहले एलएनजी स्टेशन का बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में शुभारंभ करेंगे। अब यह स्टेशन क्षेत्र के निकटवर्ती औद्योगिक कस्टमर्स को पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति के लिये तैयार है।

कोविड-19 टीकाकरण का चरणबद्ध कार्यक्रम

सभी तैयारियाँ पूरी

कोविड-19 टीकाकरण 16 जनवरी को प्रात: 9 बजे पहला टीका सफाई कर्मचारी को दिये जाने से शुरू होगा। कार्यक्रम की चरणबद्ध कार्य-योजना निर्धारित कर ली गई है। प्रथम चरण में 16 जनवरी को प्रात: 9 बजे 2 लाख 25 हजार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का टीकाकरण करने का कार्य प्रारंभ होगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि राज्य में प्रथम चरण में पहले 15 दिन के लिये 150 साइट चयनित की गई हैं। एक सत्र में प्रत्येक साइट पर 100 लाभार्थी होंगे। सप्ताह में 4 दिन सत्र संचालित होगा। शुरूआत में चार सप्ताह की विस्तृत सेशन प्लानिंग तैयार की गई है। कोविड-19 टीकाकरण से टीकाकरण के अन्य कार्यक्रम प्रभावित न हों, इसके लिये सप्ताह में 4 दिन का कार्यक्रम रखा गया है।

कोविड-19 के टीकाकरण कार्यक्रम में प्रथम चरण में पहली खुराक देने के लिये पहले सप्ताह में 16 से 22 जनवरी के बीच 150 चिन्हित सेशन साइट पर उच्च शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं (डीएच, सीएच, सीएचसी) से जुड़े 57 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण होगा। दूसरे सप्ताह 23 से 30 जनवरी तक 50 हजार 715 केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाता और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का चिन्हित 172 सेशन साइट पर टीकाकरण होगा। तीसरे सप्ताह 31 जनवरी से 6 फरवरी तक शेष रहे 55 हजार शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कुल 200 चिन्हित सेशन साइट पर टीकाकरण होगा। चौथे सप्ताह में 7 से 13 फरवरी तक छूट गये स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कवर करने के लिये मॉपअप गतिविधि संचालित होगी। इसमें कुल 200 साइट पर 55 हजार स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य प्रस्तावित है। राज्य के लिये कोविशील्ड वैक्सीन की प्राप्ति हुई है। भोपाल में 94 हजार, इंदौर में एक लाख 52 हजार, जबलपुर में एक लाख 51 हजार और ग्वालियर में एक लाख 9 हजार 500 डोज प्राप्त हो चुकी हैं।

टीकाकरण के लिये गठित टीम के सदस्यों की भूमिका सुनिश्चित है। पहला सदस्य टीकाकरण अधिकारी क्रमांक-1 प्रवेश द्वार पर लाभार्थी के पंजीकरण की जाँच, फोटो आई.डी. सत्यापन और वैक्सीन प्रोटोकॉल सुनिश्चित करेगा। टीकाकरण अधिकारी क्रमांक-2 कोविन सिस्टम में दस्तावेज को प्रमाणित कर सत्यापित करेगा। इसके बाद वैक्सीनेटर लाभार्थी को टीका लगायेगा और एईएफआई का प्रबंधन करेगा, यदि कोई रिपोर्ट हो तो। इसके साथ ही कोविन सिस्टम में रिपोर्टिंग करेगा। टीकाकरण अधिकारी क्रमांक-3 और 4 टीकाकरण के बाद 30 मिनट के प्रतीक्षा समय को सुनिश्चित करवायेगा। किसी भी एईएफआई लक्षणों के लिये निगरानी करेगा और लाभार्थियों को जरूरी संदेश देगा। टीकाकरण के दौरान प्रत्येक चिन्हित सेशन स्थान पर एक एम्बुलेंस उपलब्ध रहेगी और मेडिकल ऑफीसर, स्टाफ नर्स केस मैनेजमेंट के लिये एम्बुलेंस में रहेंगे। राज्य-स्तर पर बनाये गये कंट्रोल-रूम का नम्बर 1075 है, जिस पर सम्पर्क कर किसी भी प्रकार की शिकायत का निवारण कराया जा सकता है। जिला-स्तर पर जिला नियंत्रण-कक्ष का नम्बर 104 है, जो किसी भी प्रकार की शिकायत का निराकरण करेगा। राज्य और जिला-स्तर पर नियंत्रण-कक्ष में अभियान के दौरान शिकायत निवारण के लिये वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

चरणबद्ध सत्र कार्य-योजना में प्राथमिक समूह के पहले फेज में 4 लाख स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं, सरकारी स्वास्थ्यकर्मी, निजी स्वास्थ्यकर्मी और महिला-बाल विकास विभाग की आँगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके बाद फेज-1 में फ्रंट लाइन वर्कर्स, जिनकी संख्या लगभग 4 लाख है, इनमें रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नगरीय विकास मंत्रालय, पुलिस और राजस्व विभाग के एम्पलाई शामिल हैं। इसके बाद फेज-1 के प्राथमिकता समूह में प्रायरिटी ग्रुप है, जिसमें लगभग 1.7 करोड़ 50 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें गंभीर बीमारियाँ जैसे डायबिटीज, बीपी आदि हैं, उनका टीकाकरण होगा।