दिनांक 08 फरवरी, 2021


अंक 687

मिलावट के विरुद्ध अभियान पूरी ताकत से जारी रहे : मुख्यमंत्री श्री चौहान

कलेक्टर्स और अन्य अधिकारी प्रदेश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ दें
मासिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अधिकारी-कर्मचारी पूरी क्षमता, समर्पण, ईमानदारी और परिश्रम से कार्य कर प्रदेश की जनता के कल्याण को सुनिश्चित करें। कलेक्टर्स, विभागीय अधिकारी और उनका अमला प्रदेश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ दें। विकास के लिए हम सब एक हैं। यदि हमारे प्रयासों में कोई कमी रह जाती है, तो यह प्रदेश का अहित होने का पाप भी होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के जिलों के कलेक्टर्स और सभी कमिश्नर्स, आई.जी. और एस.पी स्तर के अधिकारियों से प्रथम सत्र में संवाद किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निर्धारित एजेंडा के अनुसार मासिक समीक्षा होगी। माह में 29 दिवस काम और एक दिन समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह मासिक समीक्षा सु-शासन का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने मिलावटियों और माफियाओं के विरूद्ध पूरी ताकत से अभियान जारी रखने को कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।

अच्छे कार्य के लिए पीठ थपथपाएंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों की पीठ थपथपाई जाएगी। जो अधिकारी परिणाम नहीं देंगे, तो वे उन पदों पर आसीन नहीं रहेंगे। निष्पक्ष मूल्यांकन करते हुए श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उनकी दृष्टि में सभी समान हैं। मन में किसी तरह का राग-द्वेष किसी के लिए नहीं है।

माफिया के विरूद्ध जारी रहे कार्यवाही, गुमशुदा बालिकाओं की बरामदगी के प्रयास सराहनीय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि माफिया के विरुद्ध पूरी सख्ती से कार्यवाही जारी रहे। चिन्हित अपराधों पर अच्छी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के लिए 3 जिलों बैतूल, सतना, रीवा को मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुमशुदा बच्चों को तलाशने का कार्य अच्छा हुआ है। सायबर क्राइम भी इसी तत्परता से रोके जाएं।

कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी ने जानकारी दी कि 12 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ हुए बलात्संग के प्रकरणों में गत चार वर्ष में 25 मामलों में मृत्यु-दण्ड की सजा सुनाई गई है। इन मामलों में आरोपियों ने न्यायालयों में अपील की है जिसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। महिला अपराध और आदतन अपराधियों के विरूद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। बालिकाओं के अपहरण प्रकरणों की समीक्षा की गई। जनवरी 2021 में संचालित ऑपरेशन मुस्कान के फलस्वरूप कुल 2632 बालक-बालिकाओं की जानकारी प्राप्त कर उन्हें उनके परिवार तक पहुँचाने का कार्य किया गया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुलिस के इन प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने ऐसे परिवारों को अधिकार-पत्र दिए जाने के भी निर्देश दिए ताकि नाबालिग बालक-बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में हो रहे प्रयासों से उनके परिजन अवगत रहें।

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि नाबालिग बालक-बालिकाओं के गायब होने के मामलों में बैतूल, अशोकनगर, होशंगाबाद और सीहोर जिलों में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इन जिलों को प्रकरणों में 75 से 90 प्रतिशत सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे मामलों का सामाजिक, मनोवैज्ञानिक अध्ययन भी करवाया जाए। बालिकाओं को सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा चलाया जा रहा सम्मान कार्यक्रम सराहनीय है। जागरूकता के प्रयास निरंतर चलना चाहिए।

एक माह में तोड़े 137 बड़े अतिक्रमण

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में भूमाफिया, गुंडा, बदमाश, अवैध कब्जाधारियों के विरूद्ध प्रभावी कदम उठाने वाले जिलों में देवास, छतरपुर, सिवनी, झाबुआ और निवाड़ी शामिल हैं। एक जनवरी से 31 जनवरी तक 695 गुंडों पर कार्रवाई की गई जिसमें 37 पर एनएसए लगाया गया। कुल 137 बड़े अतिक्रमण तोड़े गए। कुल 13 करोड़ 94 लाख रूपये की भूमि मुक्त करवाई गई। माफिया के खिलाफ कार्यवाही के दौरान गरीब और कानून का पालन करने वालों को कहीं परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।

पूरी ताकत से चलायें मिलावट के विरूद्ध अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध संचालित अभियान पूरी ताकत से जारी रखा जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में एक माह में 48 प्रकरण दर्ज हुए हैं। कुल 46 दोषी व्यक्ति गिरफ्तार किए गए। कुल 1.36 करोड़ रूपये की लागत का मिलावटी पदार्थ जप्त किया गया। कुल 10 प्रकरण एन.एस.ए (रासुका) के दर्ज किए गए हैं। दो व्यक्तियों के विरूद्ध जिला बदर की कार्यवाही की गई। खाद्यान्न और राशन की कालाबाजारी के विरूद्ध भी 137 प्रकरणों में 7 करोड़ 99 लाख रूपये का खाद्यान्न जप्त किया गया है। इसके लिए दोषी 8 व्यक्तियों के विरूद्ध रासुका की कार्यवाही की गई।

पी.एम. स्व-निधि योजना में प्रथम रहे मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना लोगों की जिंदगी बदलने वाली योजना है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में रेहड़ी लगाने वाले, छोटे व्यवसायियों (स्ट्रीट वेंडर्स) को ब्याज मुक्त ऋण दिलवाकर सहायता देने वाली स्व-निधि योजना की प्रगति की जिलावार जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि अलीराजपुर, निवाड़ी, इंदौर और सिंगरौली जिले योजना के क्रियान्वयन में आगे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबंधित जिला कलेक्टर को बधाई दी। प्रदेश में योजना में शहरी क्षेत्र में 2 लाख 25 हजार 374 प्रकरणों में ऋण राशि बाँटी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना के लिए पोर्टल सक्रिय किया गया है, जिसमें 29 जनवरी तक 12 लाख 78 हजार 637 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का लाभ पात्र लोगों को दिलवाने के लिए कलेक्टर्स जिला पंचायत को सक्रिय भूमिका के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को घर तक राशन पहुँचाने के लिए ग्वालियर में हुए प्रयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य जिले भी सेवा कार्य का यह नवाचार करें।

स्व-सहायता समूह को समर्थ बनाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सम्पन्न और आत्म-निर्भर बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में स्व-सहायता समूहों का कार्य बेहतर चल रहा है। इसकी निरंतर प्रगति के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि समूहों को प्रदेश में बैंक और मार्केट लिंकेज के प्रयास सफल हुए हैं। लोकल को वोकल बनाये। जिले नवाचार करें। यह कार्य मिशनरी भाव से करें। इस मौके पर श्योपुर कलेक्टर ने बताया कि श्योपुर जिले में समूहों की महिलाएँ स्कूल यूनिफार्म बना रही। गो-काष्ठ का निर्माण भी हो रहा है। यही नहीं आजीविका एक्सप्रेस भी चल रही हैं। कूनो अभयारण्य में महिलाएँ गाइड का कार्य कर रही हैं। भोपाल जिले में भी एक नवाचार हुआ है, जिसमें स्व-सहायता समूहों की महिलाएँ त्यौहारों पर दिए जाने वाले गिफ्ट हैंपर तैयार कर रही हैं, इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। जिला पंचायत भोपाल द्वारा समूहों को ऐसी गतिविधियों के लिए सहयोग और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

 अवैध खनन, परिवहन रोकें, राजस्व बढ़ाएँ, भोपाल संभाग में हुई अच्छी पहल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि अवैध उत्खनन और परिवहन सख्ती से रोका जाए। प्रबल इच्छा-शक्ति से ये कार्य कर सार्थक परिणाम दें। उन्होंने वैध रेत खनन कार्य में खनन मात्रा वृद्धि के लिए कटनी, खरगोन और रायसेन जिले को बधाई दी और अच्छा परफॉर्म करने वाले अन्य जिलों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भोपाल संभाग में की गई पहल सराहनीय है, जिसके अंतर्गत चेक पोस्ट पर वैधता और ओवर लोड संबंधी चेकिंग की जाती है। रेत खनिज के परिवहन में वैध मात्रा में बढ़ोत्तरी का सबसे अच्छा कार्य रायसेन, खरगोन और शिवपुरी जिले में हुआ है। इसके अलावा सीहोर जिले में भी इस कार्य में अच्छी सफलता मिली है।

कमिश्नर भोपाल श्री कवीन्द्र कियावत ने बताया कि अकेले सीहोर जिले से दिसम्बर माह की 9 करोड़ की राजस्व प्राप्ति बढ़कर जनवरी माह में 20 करोड़ हो चुकी है। भोपाल संभाग में राजस्व प्राप्ति बढ़ रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि रेत के बिना रायल्टी परिवहन की रोकथाम में खरगोन 92 प्रतिशत प्रकरणों के निराकरण के साथ प्रथम स्थान पर है। राजगढ़ और उमरिया जिले 77 प्रतिशत मामलों के निराकरण के साथ दूसरे स्थान पर हैं। गौण खनिज के अवैध परिवहन पर रोकथाम की कार्यवाही में इंदौर अव्वल है, जहाँ निराकरण की शत-प्रतिशत कार्यवाही हुई है। इसी तरह सतना 94 प्रतिशत के साथ दूसरे और बालाघाट 79 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सतना जिले में केजेएस सीमेंट संयंत्र पर 36 करोड़ 4 लाख रूपये का जुर्माना किया गया। समाधान योजना में 3 करोड़ 25 लाख रूपए की वसूली की गई। खदानों में अनियमितता पाए जाने पर 5 खदानें निरस्त की गईं। इंदौर जिले में वाहनों में क्षमता से अधिक रेत परिवहन करने वाले वाहनों में लगे अतिरिक्त पटिए काटने का अभियान चलाया गया।

उपार्जन और उपभोक्ता कल्याण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में हुए धान उपार्जन कार्य और किसानों को किए गए भुगतान की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने मुरैना कलेक्टर से बाजरा खरीदी संबधित शिकायतों पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान हित सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर और अन्य जिलों के कलेक्टर्स से खाद्यान्न उपार्जन में अनियमितता पर दर्ज मामलों की जानकारी प्राप्त की। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में 37 लाख 26 हजार 496 मीट्रिक टन धान, 29 हजार 582 मीट्रिक टन ज्वार और एक लाख 95 हजार 335 मीट्रिक टन बाजरा की खरीदी की गई है। धान के लिए 6961 करोड़ और ज्वार एवं बाजरा के लिए 497 करोड़ की खरीदी की गई। किसानों को राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। खाद्यान्न उपार्जन में अनियमितता के कारण प्रदेश भर में 48 एफआईआर दर्ज की गई। कुल 5203 क्विंटल सामग्री जप्त की गई। रीवा में 15 और सिंगरौली में 12 वाहन जप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर में हुई प्रभावी कार्यवाही की प्रशंसा की। ग्वालियर में कुल 1230 क्विंटल सामग्री जप्त की गई हैं। दोषी पाए गए 13 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। चार एफआईआर भी दर्ज हुई हैं। प्रकरण पुलिस विवेचना में हैं। ग्वालियर में की गई कार्यवाही में 5 वाहन भी जप्त हुए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने अन्न उत्सव, बायोमेट्रिक सत्यापन से राशन वितरण और ग्वालियर में दिव्यांग और बुजुर्ग लोगों को उनके घर तक खाद्यान्न पहुँचाने के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पात्रता पर्ची पर खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की।

भू-माफिया, चिटफंड कंपनी और अवैध शराब के विरूद्ध सख्त कार्रवाही करें : मुख्यमंत्री श्री चौहान

प्रतिमाह एक लाख लोगों को रोजगार मिले
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वितीय सत्र में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में प्रति माह एक लाख लोगों को रोजगार मिले ऐसी व्यवस्था करना आवश्यक है। इसके लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना जरूरी है, जिससे यहाँ के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हो सके। रोजगार, आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का प्रमुख स्तम्भ है। प्रत्येक जिला अपने परिवेश के अनुसार अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्य-योजना बनायें और उसे समय-सीमा में क्रियान्वित करें। प्रत्येक जिले में रोजगार मेलों का आयोजन हो और इसका विस्तार विकासखंड स्तर तक करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय से सभी कमिश्नर, कलेक्टर, आई.जी. तथा एसपी स्तर के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वितीय सत्र को संबोधित कर रहे थे।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस तथा पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. जौहरी उपस्थित थे। द्वितीय सत्र में स्वच्छता संर्वेक्षण-2021, गो-सेवा योजना, रोजगार मेलों के आयोजन, मनरेगा योजना, यूरिया व खाद की उपलब्धता, मिलावट से मुक्ति अभियान, वनाधिकार पट्टों के वितरण, गेहूँ उपार्जन, नवीन गौण खनिज नियमों के क्रियान्वयन, जल-जीवन मिशन, अटल भू-जल योजना, चिट फंड कंपनियों, अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई और बालिकाओं तथा महिलाओं के विरूद्ध अपराध संबंधी प्रकरणों की समीक्षा की गई।

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सफाई कर्मियों के वेतन भुगतान में किसी भी स्थिति में विलंब न हो। उन्होंने कहा कि सभी जिले स्वच्छता के लिये अपना प्रर्दशन सुधारने के लिए स्थानीय जन-प्रतिनिधियों, समाजिक संगठनों तथा नागरिकों के सहयोग से प्रयास करें। स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना आवश्यक है। समीक्षा में छतरपुर में चले 168 घंटे के सफाई अभियान और इंदौर में सीवेज सुधार की दिशा में हुये कार्य पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पेय-जल और सीवेज पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी के समन्वित प्रयास से ही प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर आयेगा।

गो-सेवा योजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि छोटी गो-शालाओं को मिलाकर बड़ी गो-शाला का निर्माण किया जाये। प्रत्येक जिले में एक आदर्श गो-शाला विकसित हों और सभी गो-शालाओं में पशुधन के लिए चारे व पानी की निरंतर व्यवस्था बनाये रखें। गो-मूत्र एवं गोबर का उचित उपयोग कर विभिन्न उत्पाद निर्मित किये जाये। समीक्षा में जानकारी दी गई की 22 जिलों में 86 बड़ी गौशालाएँ चयनित हैं। मुख्यमंत्री गो-सेवा योजना के अंतर्गत 570 गो-शालाओं का संचालन स्व-सहायता समूहों तथा 627 गो-शालाओं का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है।

रोजगार मेले

समीक्षा में जानकारी दी गई की गत वर्ष 197 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। इनमें 53 हजार 329 आवेदकों को रोजगार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों के साथ-साथ अन्य इच्छुक व्यक्तियों के पंजीयन की व्यवस्था की जाये।

वनाधिकार पट्टा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि वन भूमियों में काविज गरीब, अनुसूचित जनजाति और परंपरागत वनवासियों को वन अधिकार पट्टा देने में संवेदनशीलता से कार्य किया जाए। कई परिवारों के पास भूमि में कब्जे का कोई भी दस्तावेज नहीं होता है। ऐसे प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ जाँच कर वन अधिकार पट्टे प्रदान किए जाएँ। कलेक्टर और वन मंडल अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दें। बताया गया कि पुनरीक्षण में 30 हजार 390 दावों को मान्य किया गया है। प्रदेश के खरगोन, रतलाम, बड़वानी, सिंगरौली, बैतूल और शिवपुरी जिलों में अच्छा कार्य हुआ है।

ग्राम पंचायत में प्रदर्शित की जाए किसानों की सूची

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गेहूँ के उपार्जन की सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर ली जाएं। किसानों को परेशानी नहीं हो। उन्हें समय पर भुगतान मिले। उपार्जन के दौरान मौसम खराब होने पर बारिश होती है । ऐसे में गेहूँ भीगे नहीं, इसके लिए भी इंतजाम किए जाएं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि ऐसे दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए, जिनकी वजह से किसानों को उपार्जन में बेचे गए खाद्यान्न का मूल्य अब तक नहीं मिल पाया है। इस दिशा में ग्वालियर में दोषी व्यक्ति की संपत्ति जप्त कर उसकी नीलामी कर किसान को उसके द्वारा बेचे गए खाद्यान्न का मूल्य प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रायसेन, नरसिंहपुर सहित अन्य जिलों के कलेक्टर को निर्देश दिए कि कई वर्ष पूर्व के लंबित भुगतान के प्रकरणों का निराकरण शीघ्रता से करें।

मुख्य सचिव ने बताया कि गेहूँ के उपार्जन के लिए समितियों के अलावा निजी गोदामों के स्वामी निजी व्यक्ति को भी उपार्जन का कार्य सौंपा जाना है। लेकिन ऐसे व्यक्तियों का चयन सतर्कता से किया जाए। जिले के कुछ उपार्जन केंद्रों के लिए स्व-सहायता समूह और किसानों की संस्था को ही उपार्जन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

बताया गया कि गेहूँ उपार्जन के लिए अब तक प्रदेश में 7 लाख 22 हजार किसानों का पंजीयन हो चुका है, जिसका सत्यापन भी हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सत्यापन के बाद किसानों की सूची ग्राम पंचायत में प्रदर्शित की जाए।

जल-जीवन मिशन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जल-जीवन मिशन के अंतर्गत सितंबर 2023 तक मध्यप्रदेश के प्रत्येक गाँव के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य प्राप्त करना है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधरेगा और स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस समय मिशन के कार्यों में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर हैं। 26 लाख नल कनेक्शन 31 मार्च 2021 तक लग जाएंगे।

अटल भू-जल मिशन

अटल भू-जल मिशन के तहत सागर संभाग के 6 जिलों छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, निवाड़ी और टीकमगढ़ के 9 विकासखंडों नौगांव, राजनगर, छतरपुर, पथरिया, अजयगढ़, सागर, निवाड़ी, पलेरा और बल्देवगढ़ को शामिल किया गया है। योजना के तहत 1210 ग्रामों का वाटर सिक्योरिटी प्लान बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों के सहयोग से भू-जल स्तर बढ़ाने की इस योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समर्थन मूल्य पर खरीदी

खाद्यान्न उपार्जन में अनियमितता के कारण प्रदेश में 48 एफआईआर दर्ज की गई औऱ 5203 क्विंटल सामग्री जब्त की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगर हम सख्त रहेंगे तो खाद्यान्न उपार्जन में कोई गड़बड़ी नहीं करेगा। यदि ढील दी गई तो गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। गड़बड़ी करने वालों को सज़ा दिलवाएँ। उपार्जन के दौरान अनियमितताओं पर ग्वालियर कलेक्टर ने त्वरित व अच्छी कार्यवाई की है

खनिज परिवहन

खनिज के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए अब तक पूरे प्रदेश में 461 एफआईआऱ दर्ज हुई। गौण खनिज के अवैध परिवहन की रोकथाम में इंदौर, सतना, बालाघाट प्रथम तीन जिलों में रहे, शहडोल, उमरिया, कटनी, सागर का कार्य संतोषजनक रहा। अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण के प्रकरणों के निराकरण में इंदौर, खरगौन, बालाघाट प्रथम तीन जिले रहे, शहडोल, शिवपुरी, सागर अंतिम तीन जिलों में रहे।

मिलावट से मुक्ति

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मिलावट भयावह अपराध है। इसके विरूद्ध पूरी ताकत से कार्यवाही आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि मिलावटखोरों पर 204 एफआईआऱ, 28 एनएसए, 94 खाद्य प्रतिष्ठान सील किये गये, 78 के लाइसेंस रद्द किये और 6 अवैध फैक्ट्रियाँ तोड़ी गई। खाद्यान्न एवं राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध 137 प्रकरण दर्ज किए गए और 7 करोड़ 99 लाख की सामग्री जब्त की गई।

 

चिटफंड कंपनी के विरुद्ध कार्यवाई

कटनी में चिटफंट कंपनी की 150 करोड़ की 75 एकड़ भूमि कुर्क की गई। ग्वालियर में चार संपत्तियाँ जिसकी कीमत लगभग 67.37 लाख रूपये है, नीलामी की गई। मंदसौर में 37 करोड रूपये, सिंगरौली में 10 करोड़ रूपये कीमत की 22 हेक्टेयर भूमि, बड़वानी में 9 करोड़ रूपये, उज्जैन में 7 करोड़ 75 लाख रूपये, छतरपुर में 3 करोड़ 46 लाख रूपये, देवास में 3 करोड़ 63 लाख रूपये और अलीराजपुर में 3 करोड़ 16 लाख रूपये मूल्य की संपत्तियाँ कुर्क की गई। बैठक में चिटफंड कंपनी के विरूद्ध कार्यवाई कर निवेशित राशि वापस कराने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए।

अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाई

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान व्यापक स्वरूप में चलाया जाए। अवैध शराब के विरूद्ध आक्रमक रूप से अभियान चलाये तथा ऐसी शराब जो लोगों के जीवन से खिलवाड़ करती हो, उसके व्यापार में लगे व्यक्तियों को किसी भी स्थति में छोड़ा न जाए। समीक्षा बैठक में अवैध शराब के प्रकरणों में पाइजन एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में जानकारी दी गई कि अक्टूबर से दिसम्बर तक 20 हजार 835 प्रकरण दर्ज किए गए, जिसमें 61 हजार 723 लीटर देशी और 28 हजार 916 लीटर विदेशी शराब, 1 लाख 34 हजार 475 लीटर कच्ची शराब जप्त की गई। इस कार्यवाई में 20 हजार 393 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। देशी-विदेशी अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही करने में जबलपुर, झाबुआ, राजगढ़, मुरैना और इंदौर जिला आगे रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिले ट्राइडेंट समूह के पदाधिकारी

नवीन क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा पूर्ण सहयोग देंगे

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज ट्राइडेंट समूह के चेयरमेन श्री राजेंद्र गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों ने भेंट की। यह समूह बुधनी में स्पिनिंग मिल का संचालन कर रहा है। साथ ही समूह नए निवेश प्रस्ताव के अनुसार कृषि आधारित कम्पोजिट मिल की स्थापना का इच्छुक है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गत डेढ़ दशक में नवीन औद्योगिक निवेश के फलस्वरूप युवाओं को रोजगार में आसानी हुई है। सशक्त अधोसंरचना से उद्योगों के विकास में सहयोग मिला है। उन्होंने ट्राइडेंट समूह द्वारा निवेश के नवीन प्रस्ताव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उद्योग संवर्धन के लिए लागू नीति के प्रावधानों के अनुसार पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला भी उपस्थित थे।

समूह के अध्यक्ष श्री गुप्ता ने बताया कि समूह द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम और अर्न, लर्न एंड ग्रो के सिद्धांत पर गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, जिसका लाभ युवाओं को मिल रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी समूह कार्य कर रहा है।

क्या है नया प्रस्ताव

नए प्रस्ताव के अनुसार समूह द्वारा आगामी 2 से 3 वर्ष में 6500 करोड़ रूपये के निवेश की योजना है, जिसमें लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। गन्ना और कपास उत्पादन के प्रति किसानों को प्रेरित कर कृषि आधारित औद्योगिक इकाई की स्थापना के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान से समूह के चेयरमैन श्री गुप्ता के अलावा डायरेक्टर सुश्री पूजा बहल, श्री अरुण गोयल और श्री अमित अग्रवाल ने भी भेंट एवं चर्चा की।

कूनो नदी में 25 घड़ियाल छोड़े गए

कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत कूनो नदी में रविवार को 25 घड़ियाल छोड़े गए। यह घड़ियाल मुरैना जिले के देवरी घड़ियाल प्रजनन केन्द्र में पिछले तीन साल से पाले जा रहे थे।

उप वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रजनन केन्द्र से छोड़े गए घड़ियालों की संख्या अब 50 हो गई है। इनमें 10 नर और 40 मादा घड़ियाल हैं। छोड़े गए घड़ियालों की लम्बाई 120 से 150 सेंटीमीटर के बीच है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष चम्बल नदी में घड़ियालों का अध्ययन कर रहे वन्य प्राणी वैज्ञानिकों द्वारा पाया गया कि चम्बल नदी में रेडियो टैग किये गये घड़ियालों में से एक मादा घड़ियाल ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अण्डे दिये थे। इसके बाद उक्त घड़ियाल प्रजनन स्थल को सुरक्षित करने और कूनो नदी में घड़ियाल संरक्षण की दृष्टि से घड़ियालों की अतिरिक्त संख्या देवरी से लाकर मुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में 50 घड़ियाल मुक्त हुए हैं। इनमें से पाँच घड़ियालों को अध्ययन की दृष्टि से रेडियो टैग भी किया गया है।

भाप्रसे और भापुसे के अधिकारियों की पद-स्थापना

राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो और भारतीय पुलिस सेवा के दो अधिकारियों की नवीन पद-स्थापना की है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कलेक्टर, नीमच श्री जितेन्द्र सिंह राजे को अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन पदस्थ किया है। कलेक्टर, बैतूल श्री राकेश सिंह को उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन पदस्थ किया है।

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में पुलिस अधीक्षक, गुना श्री राजेश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक, जिला निवाड़ी श्रीमती वाहनी सिंह को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल पदस्थ किया है। एक अन्य आदेश में नगर पुलिस अधीक्षक, गुना श्रीमती नेहा पच्चीसिया को उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर स्थानांतरित कर पदस्थ किया है।

सरकार 24 घंटे नव उद्यमियों के साथ - मंत्री श्री सखलेचा

पुर्तगाली आईटी कंपनी डाट लाइन का उदघाटन

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि आईटी के विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार 24 घंटे नव-उद्यमियों के साथ खड़ी है। ऐसी कंपनियों को विशेष मदद की जाएगी, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगे। श्री सखलेचा सोमवार को आईटीआई पार्क में डाट लाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार नव-उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए कृत-संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में उनकी मध्यप्रदेश के लगभग 200 आईटी इंजीनियर्स से भेंट हुई और ये युवा प्रदेश लौटना चाहते हैं। उन्होंने आव्हान किया कि समाज ने उन्हें आगे बढ़ाया है और अब उनकी बारी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार नव-उद्यमियों को हर संभव मदद देगी।

पुर्तगाली कम्पनी का प्रदेश में पहला उपक्रम

पुर्तगाली कम्पनी डाट लाइन ने मध्यप्रदेश और भोपाल में अपने नए डिलीवरी सेंटर की शुरुआत की है। भोपाल के दो युवा इंजीनियर शशांक दीवान और प्रमोद जैन ने इस मल्टीनेशनल कम्पनी की शुरुआत की है। कम्पनी की यूरोप, अमरीका, मलेशिया और भारत में इक़ाइयाँ हैं। कम्पनी द्वारा अब तक 50 इंजीनियर को रोज़गार दिया गया है और कम्पनी 2021 के अंत तक 200 लोगों को और रोज़गार प्रदान क़रेगी। इस अवसर पर एमपीईडीसी के प्रबंध संचालक श्री नंदकुमारम ने कहा कि प्रदेश में आईटी के लिए मित्रवत माहौल बनाया गया है। नव-उद्यमी जल्दी ही प्रदेश में और इकाइयाँ स्थापित करेंगे।

इस मौके पर कम्पनी के ग्लोबल सीईओ और संस्थापक श्री फ्रेडिरिको तथा सीटीओ पेड्रो डेलगाडो ने भी ऑनलाइन संबोधित किया। कम्पनी के प्रतिनिधि ने कहा कि उनका विज़न स्तरीय कस्टमर सर्विस के साथ मध्यप्रदेश के स्टुडेंड और युवा वर्ग को रोजगार प्रदान करना है।

21 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहीं 7 जल संरचनायें

प्रदेश की समूची ग्रामीण आबादी को नल से जल उपलब्ध करवाये जाने के लिए जल जीवन मिशन के अन्तर्गत विभिन्न जिलों में जल प्रदाय योजनाओं का काम हो रहा है। शिवपुरी जिले में भी 7 जलप्रदाय योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जायेगा, जिनकी लागत 21 करोड़ 30 लाख 73 हजार रूपये है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा शिवपुरी जिले के क्रमश: पिछोर, खनियाधाना, बदरबास, करैरा तथा नरवर विकासखण्डों के ग्रामों में नल के जरिये जल प्रदाय किए जाने की इन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।

जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल प्रदाय योजनाओं पर हो रहे कार्यों में शिवपुरी जिले के पाँचों विकासखण्डों के 27 गाँवों को शामिल किया गया है। पिछोर एवं खनियाधाना विकासखण्ड के ग्राम बिरोली, नोहरा, कालीपहाड़ी, सिलपुरा, पोठियाई, मनका, रही, पुरा, पिपरा, मुहांसा के लिए 6 करोड़ 43 लाख 36 हजार रूपये की लागत से, बदरवास विकासखण्ड के ग्राम रन्नोद, अकाझिरी, खरेह, मथना, बीजरी, बारई के लिए 6 करोड़ 24 लाख 62 हजार रूपये की लागत से, करैरा विकासखण्ड के ग्राम सिरसोंद, डाबरदेही, खिरियापुनावली, डामरोनकला, टीला के लिए 3 करोड़ 59 लाख 37 हजार रूपये की लागत से तथा नरवर विकासखण्ड के ग्राम रामनगर, थरखेड़ा, सीहोर, दिहायला, छितरी एवं सुनारी के लिए 5 करोड़ 3 लाख 38 हजार रूपये की लागत से जलसंरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन

मेपआईटी का विघटन-एमपीएसईडीसी में मर्ज

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने जारी किए आदेश

आईटी यानी एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ़ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी (MAP_IT) का विघटन कर इसे इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एम पी एस ई डी सी (MPSEDC) में मर्ज कर दिया गया है।राज्य शासन ने सोमवार को इस सम्बंध में आदेश भी जारी कर दिए है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मेप आई टी की समस्त आस्तियों एवं देयताओं को विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को हस्तांतरित किया जाये।

अब मेप आई टी की गतिविधियों का संचालन एवं अनुबंधों का निष्पादन मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) द्वारा किया जाएगा, जिसके लिये मध्यप्रदेश एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ़ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी को दिए जाने वाले भविष्य के सभी अनुदान/ बजट आदि मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को दिए जाएंगे।

मेप आई टीम के स्वीकृत पदों को म.प्र. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को हस्तांतरित किया गया है।

इस विघटन एवं विघटन में उद्भूत होने वाले अन्य समस्त विषयों एवं सांविधिक दायित्वों उपरोक्त प्रक्रियाओं को पूर्ण कराने के लिए आगामी कार्यवाही कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मेप आई टी और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम तथा संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश एजेन्सी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी मेप आई टी के पश्चात मध्यप्रदेश कार्य आवंटन नियम में विभाग के अंतर्गत कार्यरत संस्थाओं की सूची में से मेप आई टी को विलोपित करने संबंधी कार्यवाही सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संपादित की जायेगी।

राज्यमंत्री श्री कावरे ने दिव्यांग बालक की शिक्षा के लिए दी सहायता राशि

आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन राज्यमंत्री श्री राम किशोर कावरे ने दिव्यांग बालक श्री संतोष बिसेन की शिक्षा के लिए स्वेच्छानुदान मद से 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। श्री कावरे ने कहा कि बालक संतोष को जरूरत पढ़ने पर आगे भी मदद की जायेगी।

वारासिवनी तहसील के अंतर्गत ग्राम कासपुर के उमरटोला के निवासी संतोष पिता श्री मेघनाथ बिसेन को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता है। गरीब परिवार का बालक संतोष दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। उसने परीक्षा फीस के लिए राज्यमंत्री श्री कावरे से मदद की गुहार लगाई। श्री कावरे ने संतोष की स्थिति को देखते हुए तत्काल स्वेच्छानुदान मद से 20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की।

नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित

दावे और आपत्तियाँ 15 फरवरी तक

नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों की प्रारूप  मतदाता सूची जनवरी 2021 की स्थिति में निर्धारित केन्द्रों तक 8 फरवरी 2021 को प्रकाशित कर दी गई हैं।

प्रारूप मतदाता सूची पर दावे आपत्तियाँ प्राप्त किये जाने की कार्यवही 15 फरवरी तक की जाएगी। दावे आपत्तियाँ प्राप्त किये जाने के लिए प्राधिकृत कर्मचारी नगरीय निकायों में वार्ड-वार और पंचायत में संबंधित सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय और संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में उपलब्ध हैं।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और अपना नाम अवलोकन के लिए प्राधिकृत कर्मचारी (बी.एल.ओ.) से सम्पर्क किया जा सकता है। ऐसे व्यक्ति जो जनवरी 2021 को 18 वर्ष के हो गये हैं, वे केन्द्र पर जाकर निर्धारित फार्म भरकर जमा करा दें। पिछली बार जो लोग अपना नाम नहीं जुड़वा पाये वे भी आवेदन कर सकते हैं। नाम एवं पता आदि में संशोधन भी करा सकते हैं।

मंत्री श्री डंग द्वारा विद्युत उपकेन्द्र का भूमि-पूजन

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग ने मंदसौर ##### जिले के काचरिया गाँव में एक करोड़ 32 लाख रूपये लागत के 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। श्री डंग ने ग्राम मऊखेड़ा में सामुदायिक भवन, अनाज गोदाम और रैन-बसेरा का भी लोकार्पण किया। उल्लेखनीय है कि श्री डंग द्वारा गत माह से अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी 355 गाँवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। अब तक श्री डंग लगभग 250 गाँवों का दौरा कर हजारों किसानों और ग्रामीणों से रूबरू हो चुके हैं।

#####  श्री डंग ने आज टोकडा, सेमलीकाकड़, कुवाखेड़ा, नयाखेड़ा, बंजारों का खेड़ा, ढाबला देवल, बदन जी का खेड़ा, धनवाड़ा, गैलाना, धाकड़खेड़ी, लोढ़ाखेडी, रामनगर, रूपनगर, देवपुरा नागर और डोकरखेड़ी का दौरा किया। श्री डंग ने रविवार को सेमलिया, मऊखेड़ा, डाबड़ी, सेमलखेड़ा, मोरखेड़ा, शिवगढ़, कम्माखेड़ी, खोती, सूर्याखेड़ा, पतलासी छोटा खेड़ा और खेरखेड़ा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएँ भी सुनी और निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।

“वैद्य आपके (मरीज के) द्वार’’ योजना होगी प्रारंभ

आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने आयुर्वेद दूत बनें आयुष चिकित्सक
आयुष राज्य मंत्री ने ली आयुष चिकित्सकों की बैठक

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रामकिशोर कावरे ने बताया कि आयुष विभाग “वैद्य आपके (मरीज के) द्वार’’ योजना पर तेजी से काम कर रहा है। बहुत जल्दी यह योजना लागू होगी और मरीजों को आयुर्वेद पद्धति से उपचार की घर पहुँच सेवा दी जायेगी। श्री कावरे ने सोमवार को जिला आयुष कार्यालय बालाघाट में जिले के आयुष चिकित्सकों एवं कंपाउंडरों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। 

श्री कावरे ने कहा कि आयुष चिकित्सक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन-जन में लोकप्रिय एवं विश्वसनीय बनाने के लिए कार्य करें। आयुष चिकित्सक अपने दायित्वों का ईमानदारी, जिम्मेदारी एवं शिष्टाचार के साथ निर्वहन करें। आमजन के लिए आयुर्वेद के दूत बनकर कार्य करें। आयुष विभाग इस तरह कार्य करें कि समाज में उनकी नई पहचान बने और लोग आयुर्वेद को पहचानें। 

राज्य मंत्री श्री कावरे ने कहा कि चिकित्सकों का काम सेवा करना है। वर्तमान में चिकित्सक ही ईश्वर का रूप है। सभी आयुष चिकित्सक आम जन एवं मरीजों के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें। स्थानीय जन-प्रतिनिधियों से सम्पर्क बनायें रखें। जिले के सभी वेलनेस सेंटर एवं आयुष ग्राम की अवधारणा को साकार करना आयुष चिकित्सकों का काम है। स्वस्थ्य व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना ही वेलनेस सेंटर का लक्ष्य है। इसके लिए योग, प्राणायाम, आहार-विहार एवं औषधीय पौधों के प्रति आम जन में जागरूकता लाने का काम आयुष चिकित्सकों को करना है।

श्री कावरे ने आयुष चिकित्सकों से कहा कि आयुष विभाग के शासकीय सेवकों के समयमान वेतन, परीविक्षा अवधि एवं अन्य समस्याओं का उनके द्वारा निराकरण कराया जा रहा है। जहां जरूरत होगी वहां पर सख्त निर्णय लिये जायेंगें। बैठक में पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री देवीचरण पारधी, जिला आयुष अधिकारी डॉ शिवराम साकेत एवं सभी आयुष चिकित्सक उपस्थित थे।

म.प्र. किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति में अशासकीय सदस्यों के चयन के लिये हुई पहली बैठक

मध्यप्रदेश किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में अशासकीय सदस्यों के चयन के लिये गठित चयन समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस जी.एस. सोलंकी ने पहली बैठक ली। बैठक में सिंगरौली जिले के किशोर न्याय बोर्ड के अशासकीय सदस्यों के लिये तथा खण्डवा जिले में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य तथा बाल कल्याण समिति के एक अध्यक्ष और दो सदस्यों के लिये साक्षात्कार हुए।

श्री सोलंकी ने बताया कि 15 से 19 फरवरी तक 17 जिलों के कुल 30 किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के अशासकीय सदस्यों का साक्षात्कार होगा।

इस अवसर पर बाल आयोग के शासकीय सदस्य श्री द्रविन्द्र मोरे, श्रीमती प्रीति उपाध्याय, डॉ. विश्वास चौहान तथा अशासकीय सदस्य श्री अमिताभ सोनी और श्री श्रीकांत विटरेकर उपस्थित थे।

फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन शुरू

प्रदेश के 3 लाख 31 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स का होगा कोविड-19 वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने वैक्सीनेशन साइट्स का किया अवलोकन

प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का कोविड-19 वैक्सीनेशन सोमवार को शुरू हुआ। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भोपाल में प्रतिमा मलिक पुलिस हॉस्पिटल, कलेक्टर कार्यालय और आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में बनाये गये वैक्सीनेशन साइट्स की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 825 वैक्सीनेशन साइट्स पर फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह 4 दिन फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन किया जायेगा। अभी तक 3 लाख 31 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स वैक्सीनेशन के लिये पंजीकृत हुए हैं। यह वर्कर पुलिस, राजस्व, नगरीय निकाय और पंचायत संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि सभी स्थानों पर प्रोटोकॉल के अनुसार वैक्सीनेशन की व्यवस्थाएँ पाई गईं। वैक्सीनेशन के लिये पहुँचे लाभार्थियों से भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने चर्चा की। लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें वैक्सीन का डोज लेने के बाद किसी प्रकार की कोई दिक्कत महसूस नहीं हो रही है। इसके साथ ही पंजीकरण केन्द्र पर वैक्सीन लगवाने के लिये अपनी बारी का इंतजार कर रहे लाभार्थियों ने बताया कि वैक्सीन के प्रति उनके मन में कोई शंका नहीं है। लाभार्थियों ने बताया कि वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना के डर से मुक्त हो सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शुरू किया गया है। अब तक इस अभियान में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स से भी आग्रह किया कि वह प्राप्त मैसेज के अनुसार नियत समय पर वैक्सीनेशन केन्द्र पहुँचकर वैक्सीन का डोज लगवायें। यह कोरोना से मुक्ति के लिये हम सबको जरूरी है।

बारी आने पर स्वास्थ्य मंत्री लगवायेंगे वैक्सीन

मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और उनके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाया जा रहा है। अगले चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई जायेगी। मैं भी इस समूह में शामिल हूँ।

इलाज और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री को मरीज सीधे देंगे

स्वास्थ्य मंत्री का मरीजों से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सीधी बातचीत का सिलसिला शुरू

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने अस्पताल में इलाज और व्यवस्थाओं में सुधार लाने के दृष्टिगत मरीजों से सीधे बातचीत करने का सिलसिला शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी प्रत्येक सप्ताह सोमवार के दिन वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसी भी अस्पताल के मरीजों से बातचीत करेंगे। स्वास्थ्य विभाग में सुधार लाने के लिये की गई इस नई पहल की शुरूआत आज मंत्रालय से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने की।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने आज विदिशा और खण्डवा अस्पताल में भर्ती मरीजों से चर्चा कर उनको मिल रहे उपचार और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में वीडियो कॉल कर बातचीत की। उन्होंने कहा कि अगले सोमवार को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मरीज से सीधा संवाद किया जायेगा, जो निरंतर जारी रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि बातचीत के दौरान इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त कर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया जायेगा।

सौदान सिंह जी मैं डॉ. प्रभुराम बोल रहा हूँ

मरीजों से सीधी बातचीत की शुरूआत विदिशा जिले के श्रीमंत माधवराव सिंधिया जिला चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों से की गई। चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मरीज का नाम लेकर कहा कि सौदान सिंह जी मैं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी बोल रहा हूँ। उन्होंने ग्राम सेऊ के 52 वर्षीय श्री सौदान सिंह से उनके उपचार के संबंध में बातचीत की। सौदान सिंह ने बताया कि उन्हें ह्रदयघात हुआ था। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है और उन्हें आराम भी है। इसी क्रम में मोहनगिरी के 45 वर्षीय अशोक कुमार, विदिशा निवासी 40 वर्षीय श्रीमती चन्द्रबाला ने भी कहीं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने खण्डवा के लेडी बटलर जिला अस्पताल में भर्ती श्रीमती वंदना पाटीदार और भामगढ़ निवासी श्रीमती सना से बात की। दोनों भर्ती मरीजों ने बताया कि इनका सीजर हुआ था और इलाज के दौरान उन्हें सभी व्यवस्थाएँ सुविधाजनक ढंग से प्राप्त हुईं। खण्डवा के एसएनसीयू में भर्ती नवजात बच्चे की माँ श्रीमती अंशु विवेक जायसवाल ने बातचीत में कहा कि उनका बच्चा 25 दिन पहले भर्ती हुआ था। डॉक्टर्स, नर्स और कर्मचारियों द्वारा की गई देखभाल और इलाज से उनके बच्चे को नया जीवन मिला। अब वह ठीक हो रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने मरीजों से चर्चा के दौरान उन्हें मिल रहे उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में परोक्ष और अपरोक्ष रूप से जानना चाहा कि अस्पताल में किसी तरह से उनको पैसे तो नहीं देने पड़ रहे, दवाइयाँ बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं क्या, रसोई से भोजन समय पर मिलता है कि नहीं, चिकित्सकों और अन्य पैरा-मेडिकल स्टॉफ का उनके साथ व्यवहार कैसा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी द्वारा अनौपचारिक बातचीत में पूछे गये इन सभी सवालों पर मरीजों ने कहा कि उन्हें अस्पताल में नि:शुल्क उपचार मिल रहा है और किसी प्रकार का कोई पैसा नहीं देना पड़ रहा है। दवाइयाँ भी अस्पताल से मिल रही हैं और चिकित्सकों एवं पैरा-मेडिकल स्टॉफ का व्यवहार भी अच्छा है।

डॉ. चौधरी ने उपचाररत मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने खण्डवा और विदिशा के सिविल सर्जन से कहा कि व्यवस्थाओं में कमी नहीं रहना चाहिये। अस्पताल आये मरीज को बेहतर व्यवस्थाएँ मिल रही हैं, यह मरीज खुद बताये, इस बात को ध्यान में रखें।

शिक्षा को रोजगार से जोड़ना आज की आवश्यकता : डॉ. यादव

18 हजार से अधिक विद्यार्थियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण का शुभारंभ

शिक्षा को रोजगार एवं स्व-रोजगार से जोड़ना आज की आवश्यकता है। हमारा प्रयास है कि हम अपने विद्यार्थियों को न केवल परंपरागत शिक्षा से जोड़ें अपितु उन्हें नवाचारों के माध्यम से बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न भी बनाएँ। सकारात्मक होकर आगे बढ़ेंगे तो हमारे प्रयास निश्चित रूप से सुपरिणामदायी होंगे। यह विचार प्रशासन अकादमी में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित अल्पावधि स्व-रोजगारोन्मुखी ऑनलाइन प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त किए। प्रदेश के इतिहास में पहली बार आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण में 18 हजार 666 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान युवाओं के जीवन में नया संकल्प और सवेरा लाने के लिये लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन प्रयोगों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश की ऑनलाइन उच्च शिक्षा प्रणाली का अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया है।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि आज बाजार की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रमों में बदलाव जरूरी है, जिससे विद्यार्थी नई चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें।

अपर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री चंद्रशेखर बालिम्बे, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी की संचालक श्रीमती सोनाली पोक्षे वायंगणकर, निदेशक स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना डॉ. उमेश कुमार सिंह और डॉ. प्रमोद चतुर्वेदी उपस्थित थे। उद्घाटन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के वर्चुअल केन्द्रों वाले 100 महाविद्यालयों सहित 498 महाविद्यालयों के पंजीकृत विद्यार्थी, उनके मेंटर शिक्षक, संभाग एवं जिले के नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य भी जुड़े रहे।

अनिवार्य और वैकल्पिक विषयों पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल के माध्यम से 25 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अनिवार्य विषयों में व्यवहारगत कौशल, संगणक कौशल और उद्यमिता कौशल प्रशिक्षण, उन्नत कृषि कौशल, ई-कॉमर्स ऑनलाइन बैकिंग, बुनकर छापा कला, कराधान, खाद्य पदार्थ निर्माण एवं प्र-संस्करण, खान-खनिज संबंधी स्व-रोजगार, पत्रकारिता एवं अनुवाद, पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन, पशुधन, कुक्कुट, मधुमक्खी और मत्स्य-पालन, सौर ऊर्जा संयंत्र संधारण एवं विपणन को शामिल किया गया है।

प्रशिक्षण के बाद 6 घंटे का फील्ड विजिट आयोजित किया जाएगा तथा 4 घंटे का ऑनलाइन टेस्ट भी आयोजित किया जायेगा। उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किये जाएंगे।

विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित कम्पनियों में प्लेसमेंट कर दिया जायेगा रोजगार : डॉ. यादव

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने की विभागीय समीक्षा

स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के प्लेसमेंट सेल को प्रभावी बनाकर विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रतिष्ठित कम्पनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं एवं व्यवसायिक संस्थानों से भी इसमें सहयोग प्राप्त कर कार्यवाही की जाये। जुलाई-2021 से नये सत्र की शुरूआत कर दी जाये। महाविद्यालयों के ट्विटर एवं फेसबुक एकाउंट प्रारंभ करने के लिए शीघ्रता से कार्य करें। यह निर्देश उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में अपर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री चंद्रशेखर वालिम्बे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के हित में ऑनलाइन प्रवेश नियमों में जहाँ सुधार की आवश्यकता है, वहाँ पोर्टल पर शीघ्र सुधार कर लिया जाये। प्रवेश नियमों में स्पष्टीकरण होना जरूरी है। जहाँ तक हो सके प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण एक ही बार में किया जाये। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं छात्रावासों में आउटसोर्स पदों की पूर्ति शीघ्रता से करें।

डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कत करने की कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के एकीकृत पोर्टल का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाये। पोर्टल के प्रमुख मॉड्यूल्स को 31 मार्च तक गो-लाइव किये जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की परीक्षाओं को आयोजित करने एवं समय-सारणी में एकरूपता लायी जाये।

नर्सिंग होम और निजी हॉस्पिटल कोविड 19 के इलाज की निर्धारित दरें रिसेप्शन काउंटर पर प्रदर्शित करें

मरीज और परिजन को भी मांगे जाने पर देना जरूरी

प्रदेश के सभी नर्सिंग होम और निजी हॉस्पिटल (क्लीनिकल स्टाविलिश मेंट) को कोविड-19 के उपचार की निर्धारित दरों को रिसेप्शन काऊंटर पर प्रदर्शित करना जरूरी है। इसके साथ ही मरीज और मरीजों के परिजन को माँगने पर उपचार की निर्धारित दरों को उपलब्ध कराना होगा। निर्धरित दरों के संबंध में भी स्पष्ट किया गया है कि 29 फरवरी 2020 को नर्सिंग होम, निजी हॉस्पिटल के द्वारा जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित की गई दरों से निर्धारित दरें 40 प्रतिशत से अधिक नहीं हो। उच्च न्यायालय के 23 सितम्बर, 2020 को पारित आदेश में कोविड- 19 उपचार की निर्धारित दरों को नर्सिंग होम एवं निजी हॉस्पिटल को रिसेप्शन काऊंटर पर प्रदर्शित करने के संबंध में आदेश पालन के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए है।

संचालक राज्य स्वास्थ्य सूचना शिक्षा संचार ब्यूरो श्री बसंत कुर्रे ने बताया कि सभी नर्सिंग होम एवं निजी हॉस्पिटल को उच्च न्यायालय द्वारा कोविड- 19 की रोकथाम संबंधी प्रकरण में 23 सितंबर 2020 को पारित आदेश के पालन में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। निर्देश नर्सिंग होम और निजी हॉस्पिटल स्थापना (रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन) के अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत दिये गये हैं। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारी जिले के समस्त नर्सिंग होम एवं निजी हॉस्पिटल में कोविड- 19 के निर्धारित उपचार की रेट लिस्ट रिसेप्शन काउंटर पर लगवाना सुनिश्चित करे।

शिक्षा के स्तर में मैदानी परिणामों के आधार पर एनजीओ का होगा मूल्यांकन: राज्यमंत्री श्री परमार

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के शिक्षा के स्तर  में मैदानी परिणामों के आधार पर एनजीओ के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा वे स्वयं प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर एनजीओ की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। मंत्री श्री परमार  मंत्रालय में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों (NGO) के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। श्री परमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षित करना है। उन्होंने एनजीओ के संचालकों से कहा कि वे प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों जैसे बैगा, सहरिया और भरिया के बच्चों पर विशेष ध्यान दे। सभी एनजीओ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार अपनी गतिविधियाँ संचालित करें।

श्री परमार ने कहा कि बच्चों को स्थानीय भाषा में शिक्षा देने के साथ ही वर्तमान की नई टेक्नोलॉजी, तकनीक और सॉफ्टवेयर के बारे में भी जानकारी दे एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग कर शिक्षण प्रक्रिया को रुचिकर और प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी से सीख लेते हुए अपनी गतिविधियाँ इस तरह संचालित करे, जिससे आने वाले किसी भी संकट के समय में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। श्री परमार ने कहा कि स्थानीय लोगों और पंचायतों का सहयोग ले और उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदार बनाए। स्कूल परिसर में एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम चलाए। मैदानी स्तर पर दिखाई देने वाले परिणामों के आधार पर एनजीओ की परफॉर्मेंस निर्धारित की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री एस. धनराजू और संबंधित अधिकारी और एनजीओ के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय 134 नये केन्द्र खोलेगा

मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा 134 शासकीय महाविद्यालयों में नये अध्ययन केन्द्र खोले जायेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के नवीन अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने की अनुमति प्रदान की गई है। इन शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं कुल सचिव, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के मध्य अनुबंध निष्पादन करने के लिये 16 फरवरी को मिंटो हॉल में कार्यक्रम आयोजित होगा।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त, समस्त अतिरिक्त संचालक, भोपाल स्थित विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कुलसचिव को आमंत्रित किया गया है। कुलपति डॉ. जयंत सोनवलकर की अध्यक्षता में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए विभिन्न समितियाँ गठित कर उनकी जिम्मेदारियाँ तय की गई हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी विश्वविद्यालय द्वारा 277 शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जा चुके हैं।

2 करोड़ की लागत से जैसीनगर एवं बिलहरा में बनेंगें कृषक भवनः मंत्री श्री राजपूत

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सागर के जैसीनगर एवं बिलहरा क्षेत्र में जल्द ही 2 करोड़ की लागत से कृषक संगोष्ठी भवन बनेंगे। उन्होंने कहा कि कृषक भवन बनने से किसानों को मंडियों में परेशान नहीं होना पड़ेगा। विशेषकर गर्मी एवं बरसात के मौसम में किसान कृषक भवन का उपयोग कर सकेंगे। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार किसानों की सरकार है। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जायेगी।

मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि किसानों की बहु-प्रतीक्षित माँग शीघ्र पूरी होने जा रही है। मण्डी में सर्व-सुविधायुक्त कृषक भवन निर्मित होगा। किसानों को किसी प्रकार से किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मण्डी में आगमन पर किसानों का स्वागत सत्कार किया जायेगा। इसके निर्देश शासन द्वारा जारी कर दिये गये हैं। अन्नदाता किसानों के लिये विश्राम के भी पर्याप्त इंतजाम रहेंगे।

चना, मसूर का होगा शीघ्र सर्वे

राजस्व मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जिले में अधिकांश जगह पर चने और मसूर की खड़ी फसलें पाले से प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि तुरंत पाला प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करायें, जिससे होने वाले नुकसान का आंकलन किया जा सके।

किसान आलू भी उगायेगा और चिप्स भी बनायेगा - मंत्री श्री पटेल

नर्मदा मैया की आरती-वंदना की महेश्वर घाट पर

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने नर्मदा परिक्रमा के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि योजना से लाभान्वित होकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। किसान अब न सिर्फ खेतों में आलू उगायेंगे, बल्कि योजना का लाभ लेकर फैक्ट्रियाँ भी लगायेंगे और फैक्ट्रियों में आलू की चिप्स भी बनायेंगे। अलीराजपुर से सोमवार को प्रारंभ हुई यात्रा का पड़ाव बड़वाह है। श्री पटेल ने परिक्रमा के मध्य महेश्वर में घाट पर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना के साथ आरती और वंदना भी की।

मंत्री श्री पटेल अलीराजपुर से कोटेश्वर, धरमपुरी, खलघाट और धामनौद होते हुए महेश्वर पहुँचे। परिक्रमा के दौरान मार्ग में आने वाले गाँवों में किसानों से मुलाकात और चर्चा की। उन्होंने नये कृषि कानून, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के साथ ही 15 मार्च से गेहूँ के साथ चना, मसूर, सरसों के उपार्जन के फायदों के बारे में बताया। श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकारें निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का लाभ लेकर किसान उद्योग-धँधे लगाने में सक्षम बनेंगे। वे कृषि आधारित उद्योग-धँधे लगाकर बेरोजगारों को रोजगार भी उपलब्ध करायेंगे। नर्मदा मैया के आशीर्वाद से प्रदेश के किसान समृद्धशाली होंगे।

कृषि मंत्री मंगलवार सुबह बड़वाह से अगले पड़ाव के लिये नर्मदा मैया की परिक्रमा प्रारंभ करेंगे।