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सही मायने में खिलाड़ी "छू रहे हैं आसमाँ

भोपाल : सोमवार, अगस्त 13, 2018, 16:25 IST

मध्यप्रदेश में खेल अकादमियाँ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनके जीवन कौशल को विकसित करने में भी अहम रोल अदा कर रही हैं। ये अकादमियाँ युवाओं के मानसिक और शारीरिक विकास को बेमिसाल स्तर तक पहुँचकर प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में मददगार साबित हो रही हैं। खेलों के क्षेत्र में वर्ष 2006 में शुरू की गई उत्कृष्ट खेल अकादमियों की स्थापना की शुरूआत हुई। आज यहाँ राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच के कारण 17 खेल अकादमियाँ संचालित हैं।

ग्वालियर में जुलाई-2006 में महिला हॉकी अकादमी की स्थापना की गई। इसी वर्ष अगस्त माह में भोपाल में भारतीय नौसेना और यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के सहयोग से नेशनल सेलिंग स्कूल की स्थापना की गई। जुलाई-2007 में पुरुष हॉकी अकादमी, शूटिंग, घुड़सवारी, वॉटर स्पोर्ट्स, जिसमें कैनोइंग-क्याकिंग, रोइंग, सेलिंग शामिल हैं, मार्शल आर्ट अकादमी, जूडो, कराते, ताइक्वांडो, वूशू, कुश्ती, बॉक्सिंग, फैंसिंग अकादमी की भोपाल में स्थापना की गई। इसी क्रम में ग्वालियर में जुलाई-2009 में पुरुष क्रिकेट अकादमी स्थापित की गई। अक्टूबर-2013 में जबलपुर में तीरंदाजी अकादमी शुरू की गई और जुलाई-2016 में तैराकी अकादमी, होशंगाबाद और एथलेटिक्स अकादमी की शुरूआत भोपाल में की गई।

अकादमियों के 615 खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों में सहभागिता कर 311 अंतर्राष्ट्रीय पदक हासिल किये हैं। खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिये प्रदेश में खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौके और श्रेष्ठ अधोसंरचनाएँ उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। खेल अकादमियों में खिलाड़ी अपनी क्षमताओं को उच्चतम सीमा तक ले जाना सीखते हैं, ताकि वे शारीरिक और मानसिक स्तर पर अतुलनीय सीमा तक पहुँच सकें। इन उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण केन्द्रों और आधुनिक अधोसंरचनाओं के सहयोग से खिलाड़ी अपने खेल में श्रेष्ठता हासिल करने में कामयाब हो रहे हैं।

 

खेल अधोसंरचनाओं की भूमिका

प्रदेश में बीते दशकों में खेल अधोसंरचनाओं में उल्लेखनीय विकास हुआ है। यहाँ की खेल अधोसंरचना, अत्याधुनिक साइंटिफिक इक्युपमेंट से लैस है। इसी का नतीजा है कि मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी को खेलो इण्डिया योजना में देश के 32 केन्द्रों में से चुना गया है। इसके अलावा खेलो इण्डिया में मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी, एथलेटिक्स एवं तीरंदाजी अकादमी को ट्रेनिंग सेंटर के रूप में मान्यता दी गई है। इन अकादमियों में वातानुकूलित प्रशिक्षण हॉल, विश्व-स्तरीय खेल मैदान, प्रशिक्षण ग्राउण्ड, कोर्ट, पिच, एस्ट्रो टर्फ, फ्लड लाइट मैदान, अत्याधुनिक ट्रेक, फिटनेस ज़ोन, आधुनिक वेल-फर्निश्ड हॉस्टल और खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिये न्यूट्रिशियन की देखरेख में खिलाड़ियों को बेहतर आहार दिया जाता है।

फिटनेस की सुविधाएँ

खिलाड़ियों की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिये और गहन प्रतिस्पर्धाओं वाले अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में क्षमता को बढ़ाने के लिये स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, जिम, सॉना, स्टीम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिये अत्याधुनिक साइंफिक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। शार्टवेव डायाथर्मी, माइक्रोवेव डायाथर्मी, इन्फेरेंटियल थेरेपी, टीईएनएस, कम्प्यूटराइज्ड प्रोग्राम्ड ईएमजी बॉयो फीडबैक, बॉडी फैट एनालाइजर, क्रायोप्लो इक्युपमेंट एयर एवं वॉटर, वैक्स बॉथ, मॉइस्ट हीट पैक्स एण्ड अदर सुपरफिशियल हीटिंग इलेक्ट्रिक मसल स्टिमुलेटर, ओमेगावेव-कम्पोजिट एनालिसिस सिस्टम, एर्ग्रीमीटर, स्विस बॉल तथा मेडिसिन बॉल ट्रेनिंग, थेराबैंड ट्रेनिंग, इलेक्ट्रॉनिक हाइट एडजस्टेबल मोबिलाइजेशन टेबल, स्टेडिओमीटर, न्यूमेटिक एवं इलेक्ट्रॉनिक स्पाइन ट्रेक्शन, बैलेंस ट्रेनिंग तथा डोप टेस्ट सैंपल कलेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध है।

अकादमियों में आधुनिकतम आईसीटी सॉफ्टवेयर (आमेगावेव, किकबोर्ड, डार्टफिश, बीएमआई, विजुअल कोचिंग प्रोग्राम, मायोटेस्ट, बैलेंस बोर्ड) का उपयोग किया जाता है, ताकि हर खिलाड़ी के साइकोलॉजिकल और न्यूरोलॉजिकल पहलुओं पर गौर किया जा सके। खिलाड़ियों को अपना प्रदर्शन बेहतर करने में वास्तविक सहयोग मिले। मध्यप्रदेश की खेल अकादमियाँ उच्च खेल मानकों को बनाये रखने में न सिर्फ कामयाब रही हैं, बल्कि सभी सुविधाएँ समूचे विश्व के खेल मापदण्डों के समकक्ष हैं।

 

लिव एण्ड लर्न

मध्यप्रदेश की खेल अकादमी में 'लिव एण्ड लर्न'' (रहो और सीखो) के मूलमंत्र का पालन करते हुए खास रेसीडेंसी प्रोग्राम तैयार किये गये हैं। इससे खिलाड़ियों की अधिकतम क्षमताओं को खोजने के साथ ही कड़े प्रशिक्षण, सही आहार और समुचित मार्गदर्शन द्वारा अधिक समर्पण और निष्ठा से खेल पर ध्यान देने में मदद मिलती है।

आज प्रदेश के खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो रहे हैं। इतिहास में पहली बार मध्यप्रदेश से ताईक्वाडों, पैरा शूटिंग, तीरंदाजी, महिला हॉकी, हॉकी, रोइंग, सेलिंग,क्याकिंग-कनोइंग, सलालम, ट्रडिशनल बोट, शूटिंग, साइक्लिंग, हेण्डबाल, स्वीमिंग, वुशु, बैडमिंटन के लगभग 42 खिलाड़ी इंडोनशिया के जकार्ता में एशियन गेम्स-2018 में भारतीय टीम में शामिल हुए हैं। हॉकी की अण्डर-23 जूनियर भारतीय टीम की कप्तान प्रीति दुबे हों अथवा तीरंदाज मुस्कान किरार जो वर्ल्ड नम्बर दो बन गई है या फिर फेंसिंग के शंकर पाण्डे और शटलर सौरभ वर्मा, हो सभी आज अपनी मेहनत से पहले पायदान पर भारतीय झंडा फहराने में सफल हुए हैं। अब सही मायनों में प्रदेश के खिलाड़ी 'छू रहे हैं आसमा'।


बिन्दु सुनील
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