social media accounts







आलेख

स्वतंत्रता आंदोलन के दुर्लभ अभिलेख छायाचित्र प्रदर्शनी भोपाल में

भोपाल : गुरूवार, अगस्त 17, 2017, 18:54 IST
 

भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में 17 से 24 अगस्त तक स्वतंत्रता आंदोलन 1857-1947 पर आधारित दुर्लभ अभिलेखों और छायाचित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित दस्तावेज मध्य प्रांत तथा ग्वालियर, इंदौर एवं भोपाल की भूतपूर्व रियासतों के ऐतिहासिक अभिलेखों से चुने गये हैं। स्वतंत्रता आंदोलन की विविध घटनाओं को दर्शाने वाले दुर्लभ छायाचित्र भी यहाँ देखने को मिलेंगे।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित अभिलेख

1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

  • सुअर और गाय की चर्बी वाले कारतूस (26-4-1856)

  • नाना साहब पेशवा तथा राजा मर्दन सिंह से फौज भेजने का निवेदन (1857)

  • राजा मर्दन सिंह का तात्या टोपे का नाम लिखा पत्र (1857)

  • पण्डित मोहनलाल ज्योतिष का पत्र (फरवरी-मार्च 1857)

  • जालौन में केक और पूरियों का वितरण (3 मार्च, 1857)

  • तात्या टोपे का हुकुमनामा (मार्च-अप्रैल, 1857)

  • तात्या टोपे का राजा बखतबली को पत्र (मार्च-अप्रैल, 1857)

  • नाना साहब को पकड़ने के लिये ईनाम की घोषणा हेतु जारी विज्ञप्ति (19 अगस्त, 1857)

  • विद्रोहियों का रीवा राज्य में प्रवेश (10 सितम्बर, 1857)

  • विद्रोह का दमन करने के लिये प्रार्थना करने हेतु जारी उद्घोषणा (17 सितम्बर, 1857)

  • लगभग सम्पूर्ण देश विद्रोहियों के कब्जे में (5 नवम्बर, 1857)

  • नारायण सिंह को फांसी (10 दिसम्बर, 1857)

  • दिल्ली पर अंग्रेज सरकार का कब़्ज़ा एवं दिल्ली के बादशाह की गिरफ्तारी (25 जनवरी, 1858)

  • आदिल मोहम्मद खान एवं फाज़िल मोहम्मद खान की गिरफ्तारी पर ईनाम (15 फरवरी, 1858)

  • नाना साहब को पकड़ने के लिये एक लाख का ईनाम (24 मार्च, 1858)

  • तात्या टोपे द्वारा बेतवा नदी पार किया जाना (18 अक्टूबर, 1858)

  • 'अखबार ग्वालियर'' में प्रकाशित तात्या टोपे का समाचार (10 अप्रैल, 1859)

  • तात्या टोपे को फांसी देने का समाचार (18 अप्रैल, 1859)

बीसवीं सदी में स्वाधीनता आंदोलन

  • टाउन हॉल इंदौर के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर रॉलेट बिल के संबंध में सूचना चस्पा। (7 अप्रैल, 1919)

  • रॉलेट बिल तथा गांधीजी के सत्याग्रह आंदोलन का इंदौर राज्य की जनता पर प्रभाव (15 अप्रैल, 1919)

  • इंदौर राज्य में असहयोग आंदोलन (9 अगस्त, 1923)

  • मध्य प्रांत में सविनय अवज्ञा आंदोलन के संबंध में जारी टेलीग्राम (6 मार्च, 1931)

  • नमक सत्याग्रह के संबंध में जारी विज्ञप्ति (22 मई, 1931)

  • कांग्रेस द्वारा द्वितीय सविनय अवज्ञा आंदोलन की घोषणा (4 जनवरी, 1932)

  • सेठ गोविंददास द्वारा जबलपुर में आंदोलन (6 जनवरी, 1932)

  • व्यापारियों द्वारा कांग्रेस के सविनय अवज्ञा आंदोलन हेतु चंदा देने पर अंग्रेज सरकार द्वारा रोक (15 जनवरी, 1932)

  • पण्डित रविशंकर शुक्ल द्वारा सेंट्रल जेल नागपुर से प्रस्तुत याचिका (19 फरवरी, 1932)

  • भोपाल में गांधी सप्ताह (2 अक्टूबर, 1934)

  • इंदौर राज्य प्रजा मण्डल प्रतिनिधि सभा की बैठक (10 सितम्बर, 1939)

  • शाकिर अली खान, जहूर हाशमी एवं लुत्फउल्लाह खान नज़मी के रिश्तेदारों की सूची मांगी गयी (14 एवं 15 मई, 1940)

  • 'अंग्रेजों चले जाओ'' के नारे लगाते हुए जुलूस इंदौर (14 अगस्त, 1942)

  • इंदौर में हड़ताल के दौरान जनता पर लाठी और पानी की मार (14 अगस्त, 1942)

  • इंदौर में भारत छोड़ो आंदोलन (14 अगस्त, 1942)

  • इंदौर राज्य प्रजा मण्डल अवैधानिक घोषित (20 अगस्त, 1942)

  • आजाद हिन्द सेना (29 नवम्बर, 1945)

  • भोपाल राज्य प्रजा मण्डल की घोषणा (1946)

  • भोपाल में नागरिक स्वतंत्रता के संबंध में संकल्प (14 दिसम्बर, 1946)

  • पण्डित जवाहरलाल नेहरू का संकल्प संवैधानिक सभा में पारित (23 जनवरी, 1947)

  • उर्दू समाचार-पत्र हेतु शाकिर अली खान अबू सईद बज़मी, बालकृष्ण गुप्ता, प्रेमनारायण की सेवाएँ ली गयीं। (28 फरवरी, 1947)

  • रीवा में लाल यादवेन्द्र सिंह गिरफ्तार, सविनय अवज्ञा आंदोलन, छ: माह की सख्त कैद तथा 1000 रुपये जुर्माना। (15 मार्च, 1947)

  • भारत का विभाजन

  • विधान परिषद में ग्वालियर के प्रतिनिधि (16 जुलाई, 1947)

  • भारतीय स्वतंत्रता बिल को इंग्लैण्ड के सम्राट द्वारा स्वीकृति, 15 अगस्त, 1947 को देश आजाद।

  • भारत के प्रथम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्वालियर में जश्न।

  • प्रथम स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात-फेरी एवं उत्सव।


सुनीता दुबे
मध्यप्रदेश के गरीब श्रमिकों को सस्ती दर पर रोशनी का इंतजाम
मोहनपुरा सिंचाई परियोजना बदलेगी राजगढ़ क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर
सुबह पाँच बजे से तेन्दूपत्ता तोड़ने निकलते हैं संग्राहक
जंगल और पशु-पक्षियों से आबाद हो गई है वीरान पहाड़ी
विंध्य की सांस्कृतिक विरासत है कृष्णा-राजकपूर आडिटोरियम -राजेन्द्र शुक्ल
संरक्षित क्षेत्रों में सफल ग्राम विस्थापन
नवभारत निर्माण के प्रेरणास्त्रोत हैं बाबा साहेब अम्बेडकर -लाल सिंह आर्य
निमोनिया से बचाएगा PCV वैक्सीन
एमएसएमई विभाग से औद्योगिक परिदृश्य में आया सकारात्मक बदलाव - संजय - सत्येन्द्र पाठक
अपनों के लिये करें सुरक्षित ड्राइव
जनता एवं प्रदेश के लिये समर्पित व्यक्तित्व हैं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान
असाधारण व्यक्तित्व का साधारण व्यक्ति :शिवराज
परिश्रम की पराकाष्ठा के जीवंत स्वरूप है विकास पुरूष मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान - राजेन्द्र शुक्ल
जन-मानस में सरकार एवं राजनेताओं के प्रति विश्वास कायम करने में सफल रहे शिवराज - उमाशंकर गुप्ता
सत्ता और जन-कल्याण के अद्भुत तादात्म्य के प्रणेता हैं शिवराज
मध्यप्रदेश में सक्षम नेतृत्व का नाम है शिवराज सिंह चौहान - डॉ. नरोत्तम मिश्र
मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा को जन-भागीदारी से गुणवत्ता देने के प्रयास - कुंवर विजय शाह
विकास के पुरोधा शिवराज यशस्वी बने रहें - रामपाल सिंह
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कला-संस्कृति की समृद्ध परम्परा को मिला अभूतपूर्व विस्तार - सुरेन्द्र पटवा
गाँव वालों की आय बढ़ाने के प्रयासों से गाँवों में आई है खुशहाली - अन्तर सिंह आर्य
मेरे जाने-बूझे संवेदनशील मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - लाल सिंह आर्य
मुख्यमंत्री श्री चौहान के विकास और कल्याण के एजेन्डे में किसान सबसे ऊपर रहे - गौरीशंकर बिसेन
शिवराज सिंह चौहान तोड़ने नहीं जोड़ने का कार्य करते हैं- दीपक जोशी
कर्मयोगी शिवराज सिंह चौहान - विश्वास सारंग
परिजनों की तरह नागरिकों की स्वास्थ्य चिंता करते हैं मुख्यमंत्री - रुस्तम सिंह
श्री शिवराज सिंह चौहान : एक आदर्श राजनेता - ओमप्रकाश धुर्वे
विचार के बाद आकार में बदलता आनंद विभाग
प्रदेश में कृषि के बाद अब एमएसएमई में स्थापित हुए कीर्तिमान
हर पैरामीटर पर प्रगति करता मध्यप्रदेश
कृषि में मध्यप्रदेश की प्रगति अविश्वसनीय
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...