खुशियों की दास्ताँ

कृषि ऋण माफी से जिले के किसानों के चेहरे खिले

जिले के किसानों ने खुशी का इजहार कर सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया

होशंगाबाद : सोमवार, दिसम्बर 24, 2018, 16:33 IST

मध्यप्रदेश में नवगठित सरकार ने 17 दिसम्बर को अपने प्रथम फैसले में ही किसानों के कर्ज माफी का आदेश जारी किया। इस आदेश के जारी होते ही होशंगाबाद जिले के किसान खुशी से झूम उठे फैसला सुनकर किसानों और उनके परिजनों में खुशी का वातावरण निर्मित हो गया है। इसी खुशी का इजहार करने के लिए जिले के सिवनी मालवा के डोलरिया तहसील के विभिन्न ग्रामों के किसान जिला मुख्यालय आए और अपने अपनी खुशी व्यक्त की और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

 शासन के कर्ज माफी के आदेश से हर वर्ग के किसानों जिन्होंने कृषि कार्य हेतु ऋण लिया था उन सब किसानों के 2 लाख तक के अल्पकालिन फसल ऋण माफ किये गए है। डोलरिया के ग्राम कोटलाखेडी के अनुसूचित जाति के कृषक 51 वर्षीय श्री हुकूम पिता श्यामलाल खरे ने जब से कर्ज माफी का आदेश सुना तभी से वे अपनी प्रसन्नता छुपा नही पा रहें है। उन्होंने बताया कि सैंट्रल बैंक डोलरिया से उन्होंने केसीसी के माध्यम से  63 हजार रूपए का कृषि ऋण लिया था ऋण की राशि का उन्होंने  कृषि कार्य में उपयोग किया। श्री खरे बताते है कि उनकी एक एकड़ 60 डिसमिल जमीन है। दो लडकें है जो कृषि कार्य में उनका हाथ बटाते है। उनका कहना है कि कर्ज माफी का जैसे ही आदेश उन्होंने सुना वैसे ही उनका एवं उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनका कहना है कि यदि उनका कर्ज माफ नहीं होता तो आने वाले समय में उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पडता। वे कहते है कि कर्ज उन जैसे छोटे किसान के लिए एक भार के समान है। कर्ज ना चुकाने पर हमेशा यह भय बना रहता है कि कही जमीन न नीलाम हो जाए।

ग्राम धमासा की महिला कृषक श्रीमती पुष्पा पति रघुराज का यही कहना है कि कर्ज माफी का आदेश जारी कर सरकार ने उन जैसी महिला कृषक पर बहुत बडा उपकार किया है। 50 वर्षीय श्रीमती पुष्पा का कहना है कि केसीसी के माध्यम से उन्होंने 69 हजार का कृषि ऋण लिया था विगत वर्षो में उनकी सोयाबीन एवं धान की फसल अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई इससे कर्ज चुकाने के लिए उनके मन में निराशा की भावना भर गई थी। लेकिन जैसे ही उन्हें कर्ज माफी के बारे पता चला उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। श्रीमती पुष्पा के नाम पर 2 एकड़ जमीन है जिस पर उन्होंने ऋण लिया था। उनका कहना है कि कर्ज माफी से इस वर्ष जो फसल आएगी उसे बेचकर वे परिवार की जरूरते पूरी करेंगी। उनके पुत्र सुधीर यादव का कहना है कि किसान हमेशा चाहता है कि उसकी फसल अच्छी हो इसलिये वह ऋण लेता है लेकिन ऋण चुकाना एक बहुत बडी समस्या रहती है ऋण माफी से यह समस्या खतम हो गई। श्रीमती पुष्पा और उनके पुत्र सरकार का आभार व्यक्त करते है कि उन्होंने  किसानों के दुख दर्द को समझा।

धमासा के 72 वर्षीय कृषक श्री सीताराम पिता छोटू बौरसी भी यही सोच रखतें है उन्होंने ने भी अपनी एक एकड़ 85 डिसमिल जमीन पर 71 हजार रूपए का कृषि ऋण लिया था संपूर्ण राशि का उपयोग उन्होंने कृषि कार्य में किया। उनका कहना था कि इस उम्र में उन्होंने कभी सोचा नही था कि उनका कर्ज माफ होगा उनका कहना है कि ऋण हमेशा सर पर भारी रहता है।ऋण से जितनी जल्दी छुटकारा मिल जाए उतना अच्छा है। जब उन्होंने सुना कि अब किसानों के 2 लाख तक के कर्ज माफ हो जाएंगे तो उन्हें सुनकर अत्यन्त प्रसन्नता हुई। उनके पुत्र संतराम का कहना कि उन सब को कर्ज चुकाने की चिंता लगी रहती थी अब वे चिंतामुक्त है और इसके लिए वह और उनका परिवार मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते है।


-