खुशियों की दास्ताँ

मुख्यमंत्री ने किसानों से कर्ज माफी के किए वादे को निभाया

कर्ज माफी के फैसले से गदगद है अन्नदाता, किसान हितैषी पहल की सर्वत्र हो रही सराहना

जबलपुर : सोमवार, दिसम्बर 24, 2018, 16:29 IST

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तत्काल बाद प्रदेश के किसानों के हितैषी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सबसे पहला और बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए किसानों से कर्ज माफी के किए वायदे को सबसे पहले पूरा किया। किसानों के उत्थान व खुशहाली के हिमायती कमलनाथ ने मुख्यमंत्री के रूप में जिस पहली फाइल पर हस्ताक्षर किया वह कृषि ऋण माफी की फाइल थी। मुख्यमंत्री का पद सम्हालते ही किसानों के हित में पहला बड़ा फैसला लेने वाले कमलनाथ पहले मुख्यमंत्री हैं। उनकी इस पहल की सर्वत्र सराहना हो रही है, किसान कह रहे हैं कि उन्हें उनका सच्चा हमदर्द और खैरख्वाह मुख्यमंत्री मिल गया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान वचन पत्र में किसानों से जो वादा किया था उसे अक्षरशरू पूरा कर उन्होंने साबित भी कर दिया है कि वे सही मायने में किसानों की तरक्की व खुशहाली चाहते हैं।

जबलपुर जिले के ग्राम पौंड़ी राजघाट के किसान ठाकुर नारायण सिंह महदेले कहते हैं कि वास्तव में सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर कर्ज माफी का वादा था लेकिन कमलनाथ ने मुख्यमंत्री का पद सम्हालते ही कर्जमाफी की घोषणा कर किसानों की झोली खुशियों से भर दी। अरसे बाद किसानों के दिन बहुरे हैं, कर्ज माफी की घोषणा से किसान खुश हैं। वहीं विकासखण्ड पाटन के रिंमझा के किसान शिवनारायण अहिवासी कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने किसानों से जो कहा उसे पूरा किया।

विकासखण्ड पाटन ग्राम मादा के किसान वकील यादव ने कहा कि वचन निभाने के मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ अव्वल रहे। इस फैसले से कई किसानों की जिंदगी को संजीवनी मिलेगी।

कटंगी पोला के जय कुमार पटेल ने कहा कि कर्ज से दबे किसानों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दो लाख रूपए तक के कर्ज माफी की घोषणा किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।

रिमझा पाटन के किसान शोभाराम शर्मा कहते हैं कि मुख्यमंत्री का फैसला समयोचित है, मौजूदा समय में किसान परेशान हैं, किसान को राहत की आवश्यकता थी, उसका कर्ज माफ होगा तो उसे राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री के द्वारा कर्ज माफी की घोषणा सम्बन्धी विज्ञापन नहीं जारी होने की चर्चा पर कृषक श्री शर्मा ने कहा कि यह वास्तव में यह इतना बड़ा फैसला है कि बिना सरकारी विज्ञापन के ही टीव्ही समाचार के माध्यम से गांव-गांव तक इसकी खबर फैल गई। फैसले की न सिर्फ किसानों द्वारा बल्कि समाज के सभी वर्गों द्वारा सराहना हो रही है। साथ ही किसान मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त कर रहे हैं।


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