सक्सेस स्टोरीज

प्रधानमंत्री सड़कें बनने से ग्रामीणों को साहूकारों से मिली मुक्ति

भोपाल : बुधवार, अगस्त 8, 2018, 15:03 IST

प्रदेश के आदिवासी अंचल में प्रधानमंत्री सड़क जनजातीय समाज की आर्थिक आजादी का सबब बन रही है। इन अंचलों में रहने वाले गरीब परिवार अब स्थानीय साहूकारों के चंगुल से निकल कर शहरों में अपनी फसल बेच रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा है छिंदवाड़ा और उमरिया के जिले का।

उमरिया जिले के करकेली विकासखण्ड मुख्यालय से लगभग 50 कि.मी. दूर निर्मित की गई चार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क बनने से 17 ग्रामों की 15 हजार से अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी को स्थानीय साहूकारों और दलालों के चुंगल से मुक्ति मिल गई है। ग्राम घोघरी से छतैनी, मगर, गाजर, हर्रवाह, से बुढ़िया, केरपानी, मझौली, बिलासपुर से जलधरा गाजर तथा कल्दा से बिछिया ग्रामों को बारहमासी बढ़िया सड़क मिली है।

दूरस्थ आदिवासी अंचल में बसे इन ग्रामों में विकास की रोशनी अब आने लगी है। ग्रामों में 108 जननी एक्सप्रेस, एम्बुलेंस और यात्रा के लिये बसों तथा छोटी ट्रेवल्स गाड़ियों का आना-जाना तेज हो गया है। बच्चों को स्कूल आने-जाने की सुविधा मिली है। इस पिछड़े क्षेत्र के किसान अब अपनी फसलों को कृषि उपज मंडी में लाकर बेचने लगे हैं। पहले शहरों से व्यापारी आता था और अपनी मर्जी की दरों पर फसल खरीदकर ले जाता था। इन सड़कों के बन जाने से किसानों को फसल का मनचाहा दाम भी मिल रहा है।

छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा विकासखण्ड के ग्राम बेलगांव दवामी में 78.09 लाख रूपये लागत से बनाई गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क ने 450 से अधिक ग्रामवासियों के जीवन में विकास की नई रोशनी पैदा कर दी है। पाढुर्णा बेलगांव दवामी के जाम नदी पर पुल और 1.80 कि.मी. डामरीकृत सड़क ने गाँव में स्वास्थ, शिक्षा, व्यापार के नये मार्ग खोल दिए हैं। अब शासन की योजनाओं का लाभ गाँव के लोगों को मिल रहा है। किसानों की फसलें भी आसानी से पाढुर्णा गल्ला मड़ी पहुँच रही है। यह क्षेत्र कपास, संतरा के उत्पादन के लिए पहचाना जाता है। प्रधानमंत्री सड़क बेलगाँव दवामी के निवासियों की आर्थिक उन्नति का मार्ग बन गई है।


सक्सेस स्टोरी (उमरिया, छिंदवाड़ा)


अनिल वशिष्ठ
-
स्व-सहायता समूह बनाकर ग्रामीण महिलाएँ बनीं आत्म-निर्भर
शासन से मिली सहायता तो नीरज पहुंचे विदेश पढ़ाई करने
राजबहोट में दस मिनट में मिला विकलांग पेंशन का लाभ
वॉटर शेड परियोजना से खेतों को मिल रहा भरपूर पानी
मासूम भोला की हुई नि:शुल्क चिकित्सा : दस्तक अभियान से स्वस्थ हुआ ओमप्रकाश
आजीविका मिशन से सीमा ने बनाई नई पहचान
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से समृद्ध बनीं महिला किसान जानकी बाई
स्व-रोजगार योजना से कमलेश जाटव बने डेयरी मालिक
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ अपने घर का सपना
नन्हीं पायल बोलने और सुनने लगी है
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई और उद्यानिकी विकास योजनाओं से किसान हुए समृद्ध
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से ग्राम औरीना और मुडकी में पहुँची विकास की रोशनी
आजीविका मिशन से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल
मनरेगा की मदद से कृषक गोविंद के खेतों में बना कूप और तालाब
तत्काल आवश्यक दस्तावेज मिलने से आम आदमी को मिली राहत
गुलाब की खेती से सालाना 10-12 लाख कमा रहे युवा किसान आशीष
शाहपरी, सज्जाद और नासिर का माफ हुआ बकाया बिजली बिल
आजीविका मिशन की ताकत से महिलाओं के लिये प्रेरणा बनी किरणदीप कौर
प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को बनाया पक्के घरों का मालिक
श्रमिक सुनीता, संध्या और शशि को मिले पक्के घर
गरीबों, जरूरतमंदों का भोजनालय बनी दीनदयाल रसोई
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से युवा बन रहे हैं सफल व्यवसायी
फार्म पौण्ड और स्प्रिंकलर से सिंचाई कर बढ़ाया फसल उत्पादन
दीनदयाल रसोई में पाँच रुपये में मिल रहा भरपेट स्वादिष्ट भोजन
आजीविका मिशन ने गरीब परिवारों को बनाया आर्थिक रूप से सशक्त
"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़
बच्चों की गंभीर बीमारियों का हुआ मुफ्त इलाज
प्रेमसिंह और राधेश्याम की पक्के मकान की चाह पूरी हो गई
टमाटर की खेती से किसान लखनलाल की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...