सक्सेस स्टोरीज

जड़ी-बूटियाँ बनीं चित्रकूट की वनवासी महिलाओं का आर्थिक संबल

भोपाल : बुधवार, जुलाई 18, 2018, 23:27 IST

प्राचीन तीर्थ चित्रकूट की वनवासी महिलाओं के लिये प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का संग्रहण उन्हें आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने के साथ आत्म-विश्वास से भरपूर भी बना रहा है। इन महिलाओं के पति पेशे से मजदूर हैं, फिर भी अब उन्हें यह डर नहीं सताता कि किसी दिन दिहाड़ी न मिली, तो घर कैसे चलेगा।

इन वनवासी महिलाओं में से 55 वर्षीय संतोषिया बाई ने बताया कि उनके वृद्ध पति अब मजदूरी पर नहीं जा सकते। लिहाजा जड़ी-बूटियों की कमाई से ही घर चल रहा है। चुन्नीबाई बिलकुल अकेली हैं। उनका भी भरण-पोषण जड़ी-बूटी संग्रहण से ही हो रहा है। सुशीला बाई के पति दिहाड़ी मजदूर हैं। कई बार काम न मिलने पर जड़ी-बूटी की कमाई से ही घर चलता है।

विंध्य पर्वत श्रंखलाओं के बीच बसे चित्रकूट के जंगल में दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ और कीमती वृक्ष प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। यहाँ का कामदगिरि पर्वत प्रदेश के समृद्ध वनों में शुमार है। इस वन में 100 से अधिक जड़ी-बूटियाँ हैं, जिनका आसपास रहने वाले वनवासी कई पीढ़ियों से संग्रहण कर रहे हैं। वन विभाग अब जड़ी-बूटियों के संग्रहण को बढ़ाने और उन्हें बाजार में खुद बेचने में संग्राहकों की सहायता कर रहा है। संग्राहकों में अधिकतर वनवासी महिलाएँ शामिल हैं।

चित्रकूट के जंगलों में सफेद-काली मूसली, शतावर, सेमर मूसली, केव कन्द, करिहारी, केशरिया कन्द, पताल कुमण्डी, बिलारी कन्द (वन सिंघाड़ा), बिदारी कन्द, अमलोशा, लिलगुंडी, अश्वगंधा, नागरमोथा, भृंगराज, भुई आँवला, शंखपुष्पी, इन्नीपत्री, रतनज्योति, बिधारा, चिरायता, पुनर्नवा, गुड़मार पत्री, नारी दमदरी आदि अनेक दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ पायी जाती हैं। जड़ी-बूटी के संग्रहण में चार वन ग्राम समितियाँ वनवासियों की मदद करती हैं। भीषण गर्मी को छोड़कर वर्षभर इन जड़ी-बूटियों के संग्रहण से महिलाओं को रोजगार मिलता है।


सक्सेस स्टोरी (सतना)


सुनीता दुबे
स्व-सहायता समूह बनाकर ग्रामीण महिलाएँ बनीं आत्म-निर्भर
शासन से मिली सहायता तो नीरज पहुंचे विदेश पढ़ाई करने
राजबहोट में दस मिनट में मिला विकलांग पेंशन का लाभ
वॉटर शेड परियोजना से खेतों को मिल रहा भरपूर पानी
मासूम भोला की हुई नि:शुल्क चिकित्सा : दस्तक अभियान से स्वस्थ हुआ ओमप्रकाश
आजीविका मिशन से सीमा ने बनाई नई पहचान
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से समृद्ध बनीं महिला किसान जानकी बाई
स्व-रोजगार योजना से कमलेश जाटव बने डेयरी मालिक
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ अपने घर का सपना
नन्हीं पायल बोलने और सुनने लगी है
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई और उद्यानिकी विकास योजनाओं से किसान हुए समृद्ध
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से ग्राम औरीना और मुडकी में पहुँची विकास की रोशनी
आजीविका मिशन से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल
मनरेगा की मदद से कृषक गोविंद के खेतों में बना कूप और तालाब
तत्काल आवश्यक दस्तावेज मिलने से आम आदमी को मिली राहत
गुलाब की खेती से सालाना 10-12 लाख कमा रहे युवा किसान आशीष
शाहपरी, सज्जाद और नासिर का माफ हुआ बकाया बिजली बिल
आजीविका मिशन की ताकत से महिलाओं के लिये प्रेरणा बनी किरणदीप कौर
प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को बनाया पक्के घरों का मालिक
श्रमिक सुनीता, संध्या और शशि को मिले पक्के घर
गरीबों, जरूरतमंदों का भोजनालय बनी दीनदयाल रसोई
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से युवा बन रहे हैं सफल व्यवसायी
फार्म पौण्ड और स्प्रिंकलर से सिंचाई कर बढ़ाया फसल उत्पादन
दीनदयाल रसोई में पाँच रुपये में मिल रहा भरपेट स्वादिष्ट भोजन
आजीविका मिशन ने गरीब परिवारों को बनाया आर्थिक रूप से सशक्त
"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़
बच्चों की गंभीर बीमारियों का हुआ मुफ्त इलाज
प्रेमसिंह और राधेश्याम की पक्के मकान की चाह पूरी हो गई
टमाटर की खेती से किसान लखनलाल की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...