सक्सेस स्टोरीज

कुपोषण से मुक्ति के अभियान में मुनगा (सुरजना) से मिल रही कामयाबी

भोपाल : शुक्रवार, जुलाई 6, 2018, 13:56 IST

कुपोषण से मुक्ति के अभियान में मुनगा (सुरजना) के उपयोगी होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से आँगनवाड़ी केन्द्रों में मुनगा के पौधे लगाये जा रहे है। पौधों को लगाने के लिये और मुनगा के फल-फूल को पोषण आहार में शामिल करने के लिये आँगनवाड़ी कार्यकताओं और अभिभावकों को प्रशिक्षण देने की पहल की गयी है।

सिवनी जिले में अभियान के तहत प्रत्येक कुपोषित बच्चों वाले परिवार और आँगनवाड़ी केन्द्रों में मुनगा पौध-रोपण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जबलपुर जिले में मुनगा से सुपोषण अभियान में अधिकारियों को मुनगा पौध-रोपण के लिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुनगा के बीज किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा तैयार कर आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करवाये जा रहे है।

बड़वानी जिले में मुनगा की किस्म पीकेएम 1 के अच्छी गुणवत्ता के पौधे कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा विक्रय के लिये उपलब्ध करवाये जा रहे है। बालाघाट जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विभाग द्वारा आँगनवाड़ी केन्द्र में मुनगा के पौधे लगाये जाने में सहयोग दिया जा रहा है।

मुनगा (सुरजना) एक औषधी और पोषक तत्वों से भरपूर पौधा है। मुनगा की फल और फूल पोषण-आहार में शामिल करने से पोषक तत्वों की शरीर में होने वाली कमी दूर होती है। मुनगा के फल-फूल को पोषण आहार में लेने से विभिन्न प्रकार की बीमारियों पर भी नियंत्रण होता है। ग्रामीण क्षेत्र में मुनगा के पौधे के जड़, पत्ती, छाल और फल-फूल को अनेक बीमारियों में औषधि के तौर पर भी उपयोग में लिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में आँगनवाड़ी केन्द्रों में पर्याप्त स्थान और आसानी से मुनगा के पौधो को लगाने की सुविधा होती है। मुनगा का पौधा बारहमासी होता है। नगरीय क्षेत्र में भी आँगनवाड़ी में जहां स्थान उपलब्ध वहां पर मुनगा के पौधे को लगाया जा रहा है। मुनगा का पौधा सिर्फ आँगनवाड़ी केन्द्र में ही नहीं बल्कि ऐसे अभिभावकों, जिनके यहाँ कुपोषित बच्चे हैं, वहाँ पर भी लगवाया जा रहा है। कुपोषण से मुक्ति के अभियान में मुनगा एक महत्वपूर्ण और कारगर पोषण आहार देने वाला पौधा है। इसकों अपनाकर अनेक जिलों में पोषण-आहार से मुक्ति की दिशा में पहल की जा रही है।

सक्सेस स्टोरी (सिवनी, जबलपुर, बड़वानी, बालाघाट)


महेश दुबे
स्व-सहायता समूह बनाकर ग्रामीण महिलाएँ बनीं आत्म-निर्भर
शासन से मिली सहायता तो नीरज पहुंचे विदेश पढ़ाई करने
राजबहोट में दस मिनट में मिला विकलांग पेंशन का लाभ
वॉटर शेड परियोजना से खेतों को मिल रहा भरपूर पानी
मासूम भोला की हुई नि:शुल्क चिकित्सा : दस्तक अभियान से स्वस्थ हुआ ओमप्रकाश
आजीविका मिशन से सीमा ने बनाई नई पहचान
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से समृद्ध बनीं महिला किसान जानकी बाई
स्व-रोजगार योजना से कमलेश जाटव बने डेयरी मालिक
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ अपने घर का सपना
नन्हीं पायल बोलने और सुनने लगी है
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई और उद्यानिकी विकास योजनाओं से किसान हुए समृद्ध
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से ग्राम औरीना और मुडकी में पहुँची विकास की रोशनी
आजीविका मिशन से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल
मनरेगा की मदद से कृषक गोविंद के खेतों में बना कूप और तालाब
तत्काल आवश्यक दस्तावेज मिलने से आम आदमी को मिली राहत
गुलाब की खेती से सालाना 10-12 लाख कमा रहे युवा किसान आशीष
शाहपरी, सज्जाद और नासिर का माफ हुआ बकाया बिजली बिल
आजीविका मिशन की ताकत से महिलाओं के लिये प्रेरणा बनी किरणदीप कौर
प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को बनाया पक्के घरों का मालिक
श्रमिक सुनीता, संध्या और शशि को मिले पक्के घर
गरीबों, जरूरतमंदों का भोजनालय बनी दीनदयाल रसोई
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से युवा बन रहे हैं सफल व्यवसायी
फार्म पौण्ड और स्प्रिंकलर से सिंचाई कर बढ़ाया फसल उत्पादन
दीनदयाल रसोई में पाँच रुपये में मिल रहा भरपेट स्वादिष्ट भोजन
आजीविका मिशन ने गरीब परिवारों को बनाया आर्थिक रूप से सशक्त
"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़
बच्चों की गंभीर बीमारियों का हुआ मुफ्त इलाज
प्रेमसिंह और राधेश्याम की पक्के मकान की चाह पूरी हो गई
टमाटर की खेती से किसान लखनलाल की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...