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आजीविका मिशन से ग्रामीण महिलाओं ने बनाई अपनी अलग पहचान

भोपाल : रविवार, जुलाई 1, 2018, 16:00 IST

राष्ट्रीय आजीविका मिशन से प्रदेश के ग्रामीण अंचल की महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। सीधी जिले की निशा साहू, अनूपपुर जिले की पवन कुमारी, पन्ना जिले की श्रीमती सुनीता विश्वकर्मा इन महिलाओं के लिये प्रेरणा-स्त्रोत बन गई हैं। इन महिलाओं ने सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से स्वयं को सशक्त बना लिया है।

मजदूर से मालिक बनी सुनीता : पन्ना जिले की जनपद पंचायत गुनौर के ग्राम सेल्हा निवासी श्रीमती सुनीता विश्वकर्मा एक साधारण मजदूर से किराने की दुकान की मालिक बन गई है। सुनीता ने स्वयंसिद्धा तेजस्विनी महिला संघ-सलेहा से जुड़कर अपनी मजदूरी के पैसों से बचत करना सीखा। फिर समूह से 30 हजार रुपये उधार लेकर ग्राम में ही किराने की दुकान खोल ली है। दुकान से 150 से 200 रुपये तक की बिक्री से शुरू हुआ उसका व्यवसाय अब 400 से 500 रुपये प्रति-दिन तक पहुँच गया है। इस आय से उसका घर अब ठीक से चल रहा है। दुकान की मालिक बन जाने से गाँव में सुनीता का सम्मान बढ़ गया है और वह आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन गई है।

पवन कुमारी का आजीविका किराना जनरल स्टोर : अनूपपुर जिले के विकासखण्ड जैतहरी के ग्राम खूंटाटोला निवासी पवन कुमारी कल तक एक घरेलू महिला थी, पूरा दिन घर-गृहस्थी के काम में समय व्यतीत करती थी। जब से गाँव में आजीविका मिशन के तहत गठित समूह से जुड़ी है, उसमें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनने की इच्छा जागृत हुई। पवन कुमारी ने वैष्णवी स्व-सहायता समूह से जुड़कर 50 हजार रुपये का ऋण लिया। घर पर ही किराने की दुकान और जनरल स्टोर खोल लिया। जब पैसा मिला, तो चाह और बढ़ी। पवन कुमारी ने मनिहारी, सब्जी, किराना, मुर्गी-पालन का व्यवसाय भी शुरू कर दिया। पति भी मजदूरी छोड़कर पवन कुमारी के काम में सहयोग करने लगे हैं। पूरे क्षेत्र में पवन कुमारी के आजीविका किराना स्टोर की धूम है।

निशा बनी समाज की प्रेरणा : सीधी जिले के विकासखण्ड मझौली के ग्राम सोंधिया की निशा ने कभी सोचा भी नहीं था कि वह समाज के लिये प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

निशा साहू ने गाँव में अपने समाज की महिलाओं का एक समूह ओम सांईं स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह की बचत से मात्र 9 हजार का ऋण लेकर घर से ही किराने की दुकान का काम शुरू किया। धीरे-धीरे दुकान जमी और ऐसी चली कि अब तो निशा हर महीने 9-10 हजार रुपये मुनाफा आसानी से कमा रही है।
सक्सेस स्टोरी (पन्ना, अनूपपुर, सीधी)


अनिल वशिष्ठ
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