सक्सेस स्टोरीज

आत्मा परियोजना से सफल डेयरी व्यवसायी बने रमेश यादव

भोपाल : शनिवार, मई 12, 2018, 14:42 IST
 

सागर जिले के राहतगढ ब्लॉक के जरारा गांव के श्री रमेश यादव के पास खेती के लिये बहुत कम जमीन थी। खेती से परिवार के पालन-पोषण में मुश्किल होती थी। तब उन्होंने पशुपालन शुरू किया, लेकिन दूध के विक्रय से होने वाली आय पशुओं की खुराक में ही खर्च हो जाती थी।

आत्मा परियोजना की कृषक संगोष्ठी में रमेश यादव ने कृषि वैज्ञानिक श्रीमती विवेकिन पचौरी से इस बारे में चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक के मार्गदर्शन में रमेश ने डेयरी स्थापित की। शासकीय योजनाओं की जानकारी लेकर उन्होंने नये सिरे से दुग्धोत्पादन शुरू किया। अब उनके पास मुर्रा एवं देसी नस्ल की लगभग 50 भैंसे और 25 नवजात पशु हैं। रमेश को इनसे रोजाना 300 से 350 लीटर दूध मिल रहा है, जिससे रोजाना 2500 रूपये शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।

रमेश अपनी डेयरी के पशुओं के लिये खुद ही चारा पैदा करते हैं। इसके अलावा गोबर खाद बनाकर अपने खेत की उर्वरा-शक्ति भी बढ़ा रहे हैं। बची हुई खाद अन्य किसानों को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्नत पशुपालक के रूप में रमेश ने अपने सभी पशुओं का बीमा करवाया है। वे समय-समय पर पशुओं को टीके लगवाते हैं। दुधारु पशु वत्सोत्पादन के लिए वे कृत्रिम गर्भाधान तकनीक का इस्तेमाल करते है। यदि पशु बीमार हो जाता है, तो तुरंत प्राथमिक उपचार भी करवाते हैं। रमेश अब अपने बेटे के साथ एक सफल डेयरी व्यवसायी के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं।

सक्सेस स्टोरी (सागर)


दुर्गेश रायकवार
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