सक्सेस स्टोरीज

झाबुआ की वीणा और देवास की सबूबाई बनी लखपति

भोपाल : शुक्रवार, मई 11, 2018, 14:39 IST

आजीविका मिशन ने 'जहाँ चाह-वहाँ राह' की कहावत को चरितार्थ किया है। मिशन की सहायता से खातेगाँव की सबूबाई और झाबुआ की 'वीणा' गरीबी से मुक्त हो गई हैं, अपने-अपने परिवार की आर्थिक ताकत बन गई हैं।

चूड़ियों ने वीणा को बनाया लखपति : झाबुआ जिले के ग्राम गोपालपुर की वीणा म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन में आशा स्व-सहायता समूह से जुड़कर लखपति बन गई है। आज वह स्वयं के सिलाई और चूड़ी के काम तथा किराना दुकान से डेढ़ से दो लाख रूपये सालाना कमा रही है।

आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले वीणा की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। थोड़ी-सी जमीन पर खेती से घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई के कारण साहूकारों का कर्ज का बोझ भी वीणा पर आ गया था। वीणा ने समूह से ऋण लेकर सिलाई का काम शुरू किया, पति को किराने की दुकान खुलवाई। वीणा ने समूह से 5 बार में 90 हजार ऋण लिया। उसने चूड़ी बनाने का काम भी शुरू किया। अब वीणा और उसका पति साल भर में 2 लाख रुपये से अधिक कमाते हैं। खुशहाली के साथ साहूकार के कर्ज से भी मुक्त हो गये है।

डेरी संचालन से सबूबाई बनी लखपति : देवास जिले में खातेगांव विकासखण्ड के ग्राम कुंडगांवखुर्द की सबूबाई ने आजीविका मिशन से अपने परिवार को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना दिया है। मजदूरी से घर चलाने वाली सबूबाई अब डेरी संचालक बन गई है और सालना लगभग डेढ़ लाख रूपये कमा रही है।

स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले सबूबाई और उसका परिवार मजदूरी करता था। जब से इसने आजीविका मिशन से जुड़कर डेरी का व्यवसाय शुरू किया है, तब से सालाना डेढ़ लाख रुपये कमा रही है।

सक्सेस स्टोरी (झाबुआ, देवास)


अनिल वशिष्ठ
बकाया बिजली माफी से चाय वाले विजय को मिली राहत
प्रसूति सहायता से जच्चा और बच्चा दोनों ही हैं स्वस्थ
मुस्कराने लगी है मासूम कामिनी, सुनने लगे है बुजुर्ग बगदीराम
सत्तर वर्षीय चरवाहे जागेश्वर ने ली पशु नस्ल सुधार की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना ने मासूम भावना और प्रियंका को दी नई जिंदगी
अनार की फसल से सँवरी ओमप्रकाश की आर्थिक स्थिति
15 हजार गरीब बिजली उपभोक्ताओं के माफ हुए 651 लाख
कॉलेज में पढ़ रही है अब धारे गाँव की बेटियाँ
आदिवासी महिलाओं ने अपनाया कड़कनाथ पालन व्यवसाय
आजीविका मिशन से 25 लाख महिलाएँ बनीं आत्म-निर्भर
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से बचपन के हुनर को बनाया जीने का सहारा
मासूम अखिलेश को आरबीएसके टीम ने ह्रदय रोग से दिलाई मुक्ति
विशेषज्ञों की सलाह पर कृषि को लाभकारी बना रहे किसान
गरीबों के लिये मुसीबत में सहारा बन रही संबल योजना
बिजली माफी से खिले गरीबों के चेहरे
स्व-रोजगार योजनाओं से आत्म-निर्भरता की ओर बढ़ता युवा वर्ग
मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना से प्रसन्न है कमजोर वर्ग
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने दिलवाया आत्म-सम्मान
डॉ. रूपाली का है अब अपना क्लीनिक
ई-रिक्शा से रवि रैकवार की आमदनी हुई दोगुनी
प्रधानमंत्री सड़कें बनने से ग्रामीणों को साहूकारों से मिली मुक्ति
रवि ने साइबर कैफे से पाई आत्म-निर्भरता
गरीबों का संबल बनी मुख्यमंत्री जन-कल्याण और स्व-रोजगार योजना
रेवाराम के परिवार का संबल बने 4 लाख रुपये
समाधान एक दिन में योजना से समय पर मिल रहीं लोक सेवायें
आत्म-निर्भर बने युवा नरेन्द्र, दिलीप और शरीफ
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से गंगाराम बने साड़ी व्यापारी
बुरे वक्त का सहारा बनी संबल योजना
स्नेह सरोकार की मदद से सुपोषित हो रहे बच्चे
स्वस्थ जिंदगी बितायेंगी शिखा और माही
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...