सक्सेस स्टोरीज

भावान्तर भुगतान योजना से किसानों को मिली पर्याप्त आर्थिक मदद

भोपाल : रविवार, फरवरी 25, 2018, 18:49 IST
 

मध्यप्रदेश में खरीफ-2017 से शुरू की गई भावान्तर भुगतान योजना से छोटे-बड़े सभी किसानों को पर्याप्त आर्थिक मदद मिली है। प्रदेश में आठ फसलों सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द और अरहर को इस योजना में शामिल किया गया था।

झाबुआ- जिले के पेटलावद ब्लॉक के गाँव अनन्त खेड़ी के किसान राधेश्याम पाटीदार ने भावान्तर भुगतान योजना में अपना 120 क्विंटल सोयाबीन कृषि उपज मंडी में व्यापारी को बेचा था। राधेश्याम बताते है की योजना में पंजीयन होने से राज्य सरकार द्वारा उनके बैंक खाते में 46 हजार 372 रुपये जमा करवाये गये हैं। राधेश्याम भावान्तर भुगतान योजना को किसानों के लिये आर्थिक सुरक्षा कवच मानते हैं।

सीधी- जिले के किसान वृन्दावन तिवारी, अवनीश कुमार चतुर्वेदी, राम खिलावन गुप्ता, मोहनलाल और राम गोपाल सिंह जैसे सभी किसानों ने अपनी अधिसूचित फसलों को अधिसूचित कृषि उपज मंडी में बेचा था। इन्हें फसल बेचने पर फसल की विक्रय दर तथा फसल की औसत मॉडल विक्रय दर की अंतर की राशि अपने बैंक खातों में मिली। सीधी जिले में 49 किसानों के खाते में करीब 6 लाख 75 हजार रुपये की राशि जमा करवायी गयी है। किसानों का कहना है की भावान्तर भुगतान योजना ने उपज का कम भाव होने पर भी सुरक्षा प्रदान की है। अब उन्हें बाजार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है।

इंदौर- जिले के इस योजना से लाभान्वित प्रगतिशील किसान है गोकुल सिंह। इन्हें अपने बैंक खाते में 88 हजार 252 रुपये की राशि सोयाबीन फसल बेचने के कारण भावांतर राशि के रूप में सरकार की ओर से मिली है। गोकुल सिंह के पास 150 बीघा जमीन है और उन्होंने कृषि उपज मंडी सांवेर में 218 क्विंटल सोयाबीन बेची थी।

जिले में 10 हजार किसानों को 12 करोड़ रुपये की राशि भावान्तर योजना में अब तक भुगतान की जा चुकी है। यह राशि आरटीजीएस के जरिये किसानों के बैंक खातों में सीधी भेजी गयी है। लाभान्वित किसान बताते हैं कि उन्हें जीवन में पहली बार फसल का सही दाम मिला है।

 सक्सेस स्टोरी (सीधी, इंदौर, झाबुआ)


मुकेश मोदी
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से युवा बन रहे हैं सफल व्यवसायी
फार्म पौण्ड और स्प्रिंकलर से सिंचाई कर बढ़ाया फसल उत्पादन
दीनदयाल रसोई में पाँच रुपये में मिल रहा भरपेट स्वादिष्ट भोजन
आजीविका मिशन ने गरीब परिवारों को बनाया आर्थिक रूप से सशक्त
"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़
बच्चों की गंभीर बीमारियों का हुआ मुफ्त इलाज
प्रेमसिंह और राधेश्याम की पक्के मकान की चाह पूरी हो गई
टमाटर की खेती से किसान लखनलाल की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी हुई अपने घर की अभिलाषा
श्रमिक पर्वतलाल और महेश को भी मिला पक्का घर
मछली विक्रेता की बेटी मनीषा ने शूटिंग में बनाया विश्व रिकॉर्ड
समाधान एक दिन में योजना से आम आदमी को मिली राहत
दुर्लभ और विलुप्त पौधों की प्रजातियों को संरक्षित कर रहे हैं दिनेश गजानन
अलीराजपुर जिले को निरक्षरता के कलंक से मुक्त कर रहा सक्षम अभियान
कमलेश रजक और मेंतीबाई को मिला शौचालययुक्त पक्का घर
सोलर पंप से बची बिजली, कम हुई खेती की लागत
चित्रकूट की गौशाला में किया जा रहा है गौवंश नस्ल सुधार
कृषक रूपेश ने मक्का खेती से कमाया दोगुना फायदा
बकाया बिजली बिल माफी से गरीबों को मिली राहत
उज्जवला योजना से खुशहाल हुई रम्मोबाई, राजाबेटी, वर्षा और सुनीता की जिन्दगी
बुढ़ापे का सहारा बना प्रधानमंत्री आवास योजना में मिला पक्का घर
खेती के साथ पशुपालन कर रही है महिला कृषक शाँति
समाधान एक दिन योजना से तुरंत मिल रहे दस्तावेज
सरकारी मदद के बलबूते पर जिन्दगी को दी नई दिशा
हिमांशु और शीर्ष अब सुन सकते हैं माँ की आवाज़
ह्रदय रोगी बच्चों को मिली नि:शुल्क चिकित्सा
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी हुई अपने पक्के घर की अभिलाषा
बड़वाह के किसान प्रकाश ने अजमेरी गुलकंद से बढ़ाया पान का जायका
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...