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डिजिटल इण्डिया की ओर अग्रसर हुआ उमरिया : ई-दक्ष केन्द्र बना माध्यम

भोपाल : रविवार, फरवरी 25, 2018, 18:48 IST
 

उमरिया जिले में ई-दक्ष केंद्र जुलाई 2016 से संचालित किया गया है। इसमें अब तक 3500 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं को सूचना प्रौद्योगिकी विषय मे दक्षता हासिल कराई गई है। यह केन्द्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के स्वप्न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है।

अत्याधुनिक उपकरण से सुसज्जित ई-दक्ष केंद्र में कलेक्टर, अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आधारभूत कम्प्यूटर, यूनिकोड, सायबर सुरक्षा, इंटरनेट, कैशलेस लेन-देन, डिजिटल ई-हस्ताक्षर, बेसिक ट्रावल सूटिंग, एमएस आफिस, डिजिटल इंडिया एवं कैशलेस, आरसीएमएस, आईसीटी स्कूल शिक्षा विभाग, आनलाइन नाम निर्देशन, सीपीसीटी, समाधान एक दिन, ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा (बीटीआरटी) , आईसीएसडी, स्वच्छ भारत एक, भारत नेट, सीएससी एवं लोक सेवा इंट्रीगेशन आदि का प्रशिक्षण देकर दक्षता हासिल कराई जा रही है। प्रशिक्षण का सिलसिला अनवरत जारी है।

केन्द्र में प्रशिक्षण प्रक्रिया की सहजता एवं डिजिटल इंडिया की दक्षता ने प्रशिक्षणर्थियों को कम्प्यूटर की विभिन्न बारीकियों से ऐसा परिचित कराया है कि अब अपना समस्त कार्य कम्प्यूटर के माध्यम से करने लगे हैं। प्रशिक्षणार्थी कम्प्यूटर पर बैठकर एक क्लिक से जहां एक ओर दुनिया की समस्त जानकारियां हासिल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सौंपे गये दायित्वों एवं अपने निजी कार्यों को भी बाखूबी निर्वहन करने में गतिशील हुए हैं। शासकीय काम काज जहां मैन्युल के माध्यम से हजारों हाथों से होते थे, वे सब काम कम्प्यूटर में क्लिक के माध्यम से होने लगे हैं। इससे श्रम और समय की बचत हुई है और शासकीय कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ी है।

स्व-सहायता समूह की 10वीं कक्षा पास 38 वर्षीय जानकी बाई ने बताया कि जीवन में कल्पना भी नहीं की थी कि कम्प्यूटर से अपने समूह के कार्यों का हिसाब-किताब रखूंगी। प्रधानमंत्री के उद्बोधनों में अक्सर डिजिटल इंडिया का नाम बार-बार मन में गूँजता रहा, लेकिन इसके संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। इसी दरम्यान ई-दक्ष में हुए प्रशिक्षण से ज्ञान मिला कि वास्तव में डिजिटल इंडिया होता क्या है।

 सक्सेस स्टोरी (उमरिया)


राजेश मलिक
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