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लोक शक्ति से हो रहा है नये मध्यप्रदेश का उदय - शिवराज सिंह चौहान

भोपाल : रविवार, दिसम्बर 31, 2017, 17:08 IST

वर्ष 2017 बीत गया। हमने कई नवाचारी प्रयासों और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ 2017 को यादगार बना दिया। इन्हीं मधुर स्मृतियों के साथ आइए हम 2018 का स्वागत करें।

आज मध्य प्रदेश किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। प्रदेश के नागरिकों में अद्भुत क्षमता, प्रतिभा और प्रदेश के लिए कुछ कर गुजरने की दक्षता है। वर्ष 2017की उपलब्धियां इस बात को मुखरता से रेखांकित करती हैं कि प्रदेश के नागरिकों में भरपूर आत्मविश्वास और संकल्प शक्ति है।

नागरिकों की रचनात्मक ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ ही मध्यप्रदेश ने विकास के नए कीर्तिमान बनाए हैं और 2018 में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। सरकार के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी थी कि वे विकास में पूरे मनोयोग से अपना योगदान दें। इस जिम्मेदारी को नागरिकों ने अच्छी तरह निभाया है। इसलिए मध्य प्रदेश का कायाकल्प करने का श्रेय सरकार की अपेक्षा नागरिकों को ज्यादा है। नागरिकों के सहयोग और समर्थन के बिना हर काम अधूरा रहता है। मैं नागरिकों को विशेषज्ञ मानता हूं और उनके विवेक का मैंने हमेशा सम्मान किया है।

यह सर्वमान्य तथ्य है कि विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। एक मुद्दा हल होता है तो दूसरे मुद्दे खड़े हो जाते हैं और फिर उनके समाधान के प्रयासों की श्रृंखला शुरू हो जाती है। सरकार के लिए बिना थके और बिना रुके काम करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसे में सिर्फ लोगों के विश्वास की शक्ति ही संबल बढ़ाती है। हम सब नई ऊर्जा, नई आशाओं और अपेक्षाओं के साथ 2018 में प्रवेश कर रहे हैं। जहां एक ओर 2017 में ढेरों उपलब्धियां रही, वहीं कुछ नई चुनौतियां भी सामने आईं जो हमारे संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने टिक नहीं पाईं। हमारे प्रयासों में किसी प्रकार की कोताही नहीं रहना चाहिए।

लोकशक्ति और लोक-विश्वास की अभिव्यक्ति हमने नर्मदा सेवा यात्रा में देखी। नर्मदा मैया जीवनदायी नदी है। हमारी आस्था में उन्हें मां का दर्जा मिला है। नर्मदा का जीवन ही हमारा जीवन है, इसका बोध होते ही लाखों लोग नर्मदा सेवा यात्रा से जुड़ गए और यह विश्व का सबसे बड़ा नदी बचाओ अभियान बन गया। आज हर तरफ चर्चा है कि जैसा मध्य प्रदेश के लोगों ने अपनी नर्मदा मैया के प्रति आस्था और समर्पण दिखाया, वैसा अन्यत्र संभव क्यों नहीं ? आज कई राज्यों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बन गया है। सरकार और समाज के साथ- साथ मिलकर काम करने का यह सबसे अच्छा उदाहरण है।

पिछले साल कई चुनौतीपूर्ण क्षण आए जो समुदाय के सहयोग से समाप्त हो गए हैं। कई चुनौतियों का स्थाई समाधान हो गया। भावांतर भुगतान योजना इसका अच्छा उदाहरण है। अब किसानों को फसलों के दाम गिरने पर भी नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। ऐसे ही हमारे प्रतिभाशाली बच्चों की चिंता हमेशा के लिए समाप्त हो गई है कि उच्च स्तर की पढ़ाई का खर्चा कौन उठाएगा? अब बच्चों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें सिर्फ पढ़ना है, अच्छे नंबर लाना है। बाकी चिंता करने के लिए सरकार है। परीक्षा को शुरू होने में अब कुछ ही समय रह गया है। मैं बच्चों से कहना चाहूंगा कि खूब पढ़े और अच्छे नम्बर लाकर अपने माता-पिता को 2018 का सर्वश्रेष्ठ उपहार दें।

वर्ष 2017 में युवाओं की अपेक्षाएं पूरा करने के लिये युवा सशक्तिकरण मिशन की शुरुआत हुई थी। नये साल में इसके परिणाम मिलेंगे। इसी प्रकार महिलाओं के स्व-सहायता समूह के रूप में नारी शक्ति का उदय हुआ है। नये साल में यह एक सशक्त आर्थिक आंदोलन बन जायेगा।

ऐसे ही लोक-विश्वास की अभिव्यक्ति देने वाली हमारी 'एकात्म यात्रा' उज्जैन से शुरू हुई और 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में समाप्त होगी। एकात्म यात्रा से भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक एकात्मकता के ध्वजवाहक आदि शंकराचार्य की स्मृति जनमानस में ताजा हो रही है। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा की स्थापना होगी। यह मध्य प्रदेश की आदरांजली है, ऐसे महाअवतारी पुरुष को जिसने भारत के अखंड स्वरूप को गढ़ा। यह सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाली यात्रा है। मैं समझता हूं कि विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रगति भी जरूरी है। इससे शासन, प्रशासन के प्रति नजरिया बदलता है। भ्रष्टाचार के तौर तरीकों से ध्यान हटता है। ईमानदार प्रयासों और परिणामों के प्रति रुझान बढ़ता है और जनमानस में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है। इसलिए मैंने कुछ प्रयास जैसे तीर्थ दर्शन योजना, नर्मदा सेवा और एकात्म यात्रा इस दिशा में शुरु किए हैं जो विकास के दृष्टिकोण के साथ-साथ आध्यात्मिक पूंजी को समृद्ध करने वाले हैं। सरकार, समाज और अध्यात्म का एकीकरण भी सुशासन का जरूरी आयाम है।

नए साल की शुरुआत में एक और बात का स्मरण कराना चाहूंगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। नए संकल्पों के साथ नया भारत उभर रहा है। हम संकल्प लें कि मध्य प्रदेश के संवेदनशील नागरिक के रूप में हमारा भी सर्वश्रेष्ठ योगदान होगा। अपनी पूरी क्षमता और प्रतिभा के साथ नया भारत बनाने में सहयोग करें। नए भारत में नया मध्य प्रदेश बनाना हमारा मिशन है। सभी नागरिकों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, सब सुखी हों, सबका मंगल हो, नए साल में सब स्वस्थ रहें, यही ईश्वर से प्रार्थना है।


(लेखक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)
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