social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

फ्लेसिड और मोटर डिले बिमारी से ग्रसित मासूम ऋषभ को मिला नि:शुल्क उपचार

भोपाल : गुरूवार, दिसम्बर 21, 2017, 15:52 IST

 

मासूम ऋषभ पिता सुखदेव महोबे जन्म से ही फ्लेसिड एवं मोटर डिले से ग्रसित था। जन्म के समय जब वो रोया नहीं तो मां ज्योति और परिजन घबरा गए। ज्योति के पति सुखदेव महोबे ड्रायवर हैं। सुखदेव की आमदनी भी ज्यादा नहीं है। कहीं बाहर उपचार कराना इनके लिये संभव नहीं था। ऋषभ की स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र चिकित्सकों ने बताया कि ऋषभ फ्लेसिड (अंगो का लुंजपुंजपन) एवं शरीर के विकास की धीमी गति (मोटर डिले) बीमारी से ग्रसित है।

ऋषभ को 15 दिन एस.एन.सी.यू. (गहन शिशु चिकित्सा इकाई) में भर्ती किया गया। ऋषभ ने रोना तो शुरू किया किन्तु उसे बहुत ज्यादा झटके आने लगे। तत्कालीन जिला टीकाकरण अधिकारी एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा ऋषभ पर विशेष ध्यान देकर उपचार किया गया। चिकित्सकों ने परिजनों को बताया कि इस प्रकार की बीमारी में बच्चा धीरे-धीरे सीखेगा उसकी प्रगति देर से होगी।

इस बीच मई 2016 में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमला में आर.बी.एस.के. (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) का शिविर हुआ। ऋषभ को लेकर माता-पिता पहुंचे। चिकित्सकों ने डी.ई.आई.सी. सेंटर (जिला शीध्र हस्ताक्षेप केन्द्र) बैतूल ले जाने की सलाह दी एवं संपूर्ण जानकारी से अवगत कराया। ज्योति ऋषभ को लेकर उपचार हेतु जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में आने लगी। यहां ज्योति को डी.ई.आई.सी. ने धीरज रखकर रोज आने के लिये परामर्श दिया। अब ज्योति को ऋषभ में थोड़ा सुधार परिलक्षित हुआ तो वह रोज आने लगी।

ज्योति के चेहरे पर असीम मुस्कान और संतोष के भाव हैं। वह कहती हैं कि जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में कार्यरत स्टाफ का व्यवहार बहुत सहयोगात्मक है। ऋषभ को मिली नि:शुल्क सहायता और सेवा से ज्योति बहुत प्रसन्न है। अब ऋषभ गर्दन सम्भाल लेता है, बैठ जाता है, खड़ा भी हो जाता है और मम्मी-पापा, अम भी बोल लेता है। अब मां को विश्वास है कि ऋषभ भी सामान्य बच्चे की तरह एक दिन स्कूल जायेगा। उनके सूने जीवन में उजियारा करेगा।


सुनीता दुबे
मंशाराम ने पत्नी से 45 वर्ष पहले के वादे को पूरा किया
सोलर पम्प से रूपवती की खेती लाभ का धंधा बनी
प्रधानमंत्री सड़क से ग्राम गांगपुर बना रमणीक स्थल
स्व-सहायता समूह से जुड़कर सशक्त महिला बनी अनीता
गरीबों के हमदर्द हैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
कम्बाइन हारवेस्टर और व्हील स्प्रेयर अविष्कार के लिये पुरस्कृत होंगे कृषक राजपाल
खानाबदोशों को प्रधानमंत्री आवास योजना में मिले पक्के घर
फिर से मुस्कुराने लगी है मासूम गरिमा
जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से सालाना मुनाफा हुआ 5 लाख
मासूम नमन को मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना से मिला नया जीवन
मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना से स्वावलम्बी बनते लोग
बकाया बिजली बिल माफी से गरीबों के घर फिर हुए रौशन
मछली पालन और पशुपालन से करोड़पति बने वर्मा बंधु
केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री वीरेन्द्र कुमार ने सराही प्रधानमंत्री आवास की गुणवत्ता
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बदली नन्ही सविता की जिंदगी
कुपोषण से मुक्त हुआ छोटू ; यूनीसेफ के रिकार्ड में दर्ज हुई अनुसुईया
मासूम सीता, गीता और मीनाक्षी के होठों पर आई मुस्कान : रीतेश पैरों पर खड़ा हुआ
अनाज-दालों के साथ सब्जी से आई रामरतन के जीवन में खुशहाली
प्रधानमंत्री आवास योजना ने बढ़ाया लक्ष्मणदास का मान सम्मान
कुपोषण से मुक्ति के अभियान में मुनगा (सुरजना) से मिल रही कामयाबी
मासूम बच्चों को गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलवा रहीं स्वास्थ्य योजनायें
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से कैलाश धुर्वे बने इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी
मुख्यमंत्री बिजली बिल माफी स्कीम से गरीबों के घरों में आयी खुशहाली
आदिवासी युवक उमाशंकर को झोपड़ी की जगह पर ही मिला पक्का मकान
20 लाख से अधिक का लेन-देन कर रही है बैक-सखियाँ
विलुप्त बाघों ने पन्ना टाइगर रिजर्व को बनाया शोध एवं अध्ययन केन्द्र
खेती में रेज्डवेड विधि अपना कर किसानों ने लिया दोगुना उत्पादन
बंजर भूमि को फलदार-छायादार पेड़-पौधों से किया हरा-भरा
प्रधानमंत्री आवास योजना में 6 लाख 16 हजार जरूरतमंदों को मिले पक्के मकान
कड़कनाथ योजना से करवाई बेटियों की पढ़ाई
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...