सक्सेस स्टोरीज

अच्छे स्कूल में पढ़ रही हैं ज्योति और जानकी की बेटियॉं

भोपाल : शुक्रवार, अक्टूबर 20, 2017, 17:48 IST

भोपाल की बरखेड़ा निवासी ज्योति खरे एवं जानकी की बेटियाँ लाड़ली लक्ष्मी योजना के सहारे अब अच्छे स्कूल में पढ़ रही हैं। ज्योति विधवा है और जानकी दृष्टिहीन है। दोनों की दो-दो बेटियाँ हैं।

ज्योति आर्थिक तंगी और दो बेटी की पढ़ाई का खर्चा वहन करने में असमर्थ थी। एक दिन उसकी मुलाकात आँगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता से हुई तो उसने समझाया कि परिवार नियोजन करा लो, तो बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल जायेगा। ज्योति को यह बात समझ में आई, पर इसी बीच उसके पति का असमायिक निधन होने से वह असहाय हो गई। ज्योति ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मदद से माता/पिता की मृत्यु होने पर परिवार नियोजन की शर्त से छूट देने की माँग की। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के नियमों में संशोधन किया। अब ज्योति की दोनों बेटी अच्छे स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं। सरकार पढ़ाई करवा रही है।

जानकी दृष्टिहीन है। प्रकृति की मार ऊपर से आर्थिक तंगी और दो बेटी की पढ़ाई-लिखाई। जानकी बहुत मजबूर थी फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। नजदीक के  आँगन बाड़ी केन्द्र में दीदी शादाब से मिली तो उन्होंने उसे लाड़ली लक्ष्मी योजना के बारे में बताया और सुझाव दिया कि वह परिवार नियोजन करवा ले तो उसकी बेटियों को इस योजना का लाभ मिलने लगेगा। जानकी ने परिवार नियोजन करा लिया है। अब उसकी बेटियों को  लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलने लगा है। ज्योति और जानकी अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखाकर उनका जीवन सँवारने में व्यस्त हैं।

सफलता की कहानी (भोपाल)


ऋषभ जैन
दीनदयाल रसोई में पाँच रुपये में मिल रहा भरपेट स्वादिष्ट भोजन
आजीविका मिशन ने गरीब परिवारों को बनाया आर्थिक रूप से सशक्त
"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़
बच्चों की गंभीर बीमारियों का हुआ मुफ्त इलाज
प्रेमसिंह और राधेश्याम की पक्के मकान की चाह पूरी हो गई
टमाटर की खेती से किसान लखनलाल की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी हुई अपने घर की अभिलाषा
श्रमिक पर्वतलाल और महेश को भी मिला पक्का घर
मछली विक्रेता की बेटी मनीषा ने शूटिंग में बनाया विश्व रिकॉर्ड
समाधान एक दिन में योजना से आम आदमी को मिली राहत
दुर्लभ और विलुप्त पौधों की प्रजातियों को संरक्षित कर रहे हैं दिनेश गजानन
अलीराजपुर जिले को निरक्षरता के कलंक से मुक्त कर रहा सक्षम अभियान
कमलेश रजक और मेंतीबाई को मिला शौचालययुक्त पक्का घर
सोलर पंप से बची बिजली, कम हुई खेती की लागत
चित्रकूट की गौशाला में किया जा रहा है गौवंश नस्ल सुधार
कृषक रूपेश ने मक्का खेती से कमाया दोगुना फायदा
बकाया बिजली बिल माफी से गरीबों को मिली राहत
उज्जवला योजना से खुशहाल हुई रम्मोबाई, राजाबेटी, वर्षा और सुनीता की जिन्दगी
बुढ़ापे का सहारा बना प्रधानमंत्री आवास योजना में मिला पक्का घर
खेती के साथ पशुपालन कर रही है महिला कृषक शाँति
समाधान एक दिन योजना से तुरंत मिल रहे दस्तावेज
सरकारी मदद के बलबूते पर जिन्दगी को दी नई दिशा
हिमांशु और शीर्ष अब सुन सकते हैं माँ की आवाज़
ह्रदय रोगी बच्चों को मिली नि:शुल्क चिकित्सा
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी हुई अपने पक्के घर की अभिलाषा
बड़वाह के किसान प्रकाश ने अजमेरी गुलकंद से बढ़ाया पान का जायका
स्व-रोजगार योजनाओं से व्यवसायी बने शिवनारायण, चेतराम और मो. अवसार
कृषक गणपत लाल ने खेत में बनाया प्याज भण्डार-गृह
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...