सक्सेस स्टोरीज

आजकल सतवंती बाई के पाँव जमीं पर नहीं पड़ते

प्रधानमंत्री ने रेशम-पालन हितग्राही की मेहनत को सराहा

भोपाल : शुक्रवार, अक्टूबर 13, 2017, 15:24 IST

बालाघाट जिले की मनरेगा की रेशम परियोजना की लाभार्थी सतवंती बाई के पाँव अब जमीन पर नहीं पड़ते। यह फिल्मी गीत जैसा भले ही लगता हो परन्तु है सच। सतवंती की खुशी उस समय देखते ही बनती थी जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं उसकी सफलता के मॉडल को देखा और उसका राज भी जाना। यह वाक्या है अक्टूबर माह की 11 तारीख को नई दिल्ली स्थित पूसा के मेला मैदान का। प्रधानमंत्री श्री मोदी नानाजी देशमुख के जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत लगी प्रदर्शनी को देखने आये थे। प्रधानमंत्री को सतवंती ने बताया कि रेशम की खेती से उसकी आय चौगुनी हो गई और उसके परिवार के अच्छे दिन आ गए हैं।

प्रधानमंत्री के सामने मॉडल का प्रेजेंटेशन देते हुए बालाघाट जिले के बुदबुदा गाँव की सतवंती ने बताया कि वो पहले परम्परागत खेती में धान, ज्वार आदि की फसल उगाती थी, जिससे सालाना 30 से 35 हजार रुपये की आमदनी हो पाती थी। इतनी कम आय में परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थी। अब दो एकड़ जमीन में वह पहले से चौगुना मुनाफा कमा रही है। एक साल में चार बार रेशम का उत्पादन कर एक से सवा लाख रुपये सालाना आय हो रही है। इस आमदनी की बदौलत घर की सारी जरूरतें पूरी हो रही हैं। दोनों बच्चे अच्छी तरह पढ़-लिख पा रहे हैं।

मेले में सतवंती बाई ने रेशम उपयोजना की सफलता का मॉडल प्रस्तुत कर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम में सतवंती ने देश के कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अपनी सफलता की दास्तान सुनाई। सतवंती का कहना है कि प्रदेश सरकार ने उसे मेले में भेजकर प्रतिनिधित्व करने का जो अवसर दिया, उससे वह खुश है। खुशी इस बात की भी है कि प्रधानमंत्री ने उसकी मेहनत को सराहा।

सफलता की कहानी (बालाघाट)


के.के. जोशी
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से युवा बन रहे हैं सफल व्यवसायी
फार्म पौण्ड और स्प्रिंकलर से सिंचाई कर बढ़ाया फसल उत्पादन
दीनदयाल रसोई में पाँच रुपये में मिल रहा भरपेट स्वादिष्ट भोजन
आजीविका मिशन ने गरीब परिवारों को बनाया आर्थिक रूप से सशक्त
"नैचुरल हनी" ब्राँड शहद के मालिक हैं युवा किसान अनिल धाकड़
बच्चों की गंभीर बीमारियों का हुआ मुफ्त इलाज
प्रेमसिंह और राधेश्याम की पक्के मकान की चाह पूरी हो गई
टमाटर की खेती से किसान लखनलाल की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
श्रमिकों के आये अच्छे दिन, मिले पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी हुई अपने घर की अभिलाषा
श्रमिक पर्वतलाल और महेश को भी मिला पक्का घर
मछली विक्रेता की बेटी मनीषा ने शूटिंग में बनाया विश्व रिकॉर्ड
समाधान एक दिन में योजना से आम आदमी को मिली राहत
दुर्लभ और विलुप्त पौधों की प्रजातियों को संरक्षित कर रहे हैं दिनेश गजानन
अलीराजपुर जिले को निरक्षरता के कलंक से मुक्त कर रहा सक्षम अभियान
कमलेश रजक और मेंतीबाई को मिला शौचालययुक्त पक्का घर
सोलर पंप से बची बिजली, कम हुई खेती की लागत
चित्रकूट की गौशाला में किया जा रहा है गौवंश नस्ल सुधार
कृषक रूपेश ने मक्का खेती से कमाया दोगुना फायदा
बकाया बिजली बिल माफी से गरीबों को मिली राहत
उज्जवला योजना से खुशहाल हुई रम्मोबाई, राजाबेटी, वर्षा और सुनीता की जिन्दगी
बुढ़ापे का सहारा बना प्रधानमंत्री आवास योजना में मिला पक्का घर
खेती के साथ पशुपालन कर रही है महिला कृषक शाँति
समाधान एक दिन योजना से तुरंत मिल रहे दस्तावेज
सरकारी मदद के बलबूते पर जिन्दगी को दी नई दिशा
हिमांशु और शीर्ष अब सुन सकते हैं माँ की आवाज़
ह्रदय रोगी बच्चों को मिली नि:शुल्क चिकित्सा
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरी हुई अपने पक्के घर की अभिलाषा
बड़वाह के किसान प्रकाश ने अजमेरी गुलकंद से बढ़ाया पान का जायका
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...