आज के समाचार

पिछला पृष्ठ
.

ब्लैक फंगस के नियंत्रण, चिन्हांकन एवं प्रबंधन को सुनिश्चित करें - स्वास्थ्य आयुक्त

सभी जिलों को निर्देश जारी 

भोपाल : सोमवार, मई 17, 2021, 18:41 IST

स्वास्थ्य आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने कहा कि ब्लैक फंगस के संक्रमण से उत्पन्न लक्षणों का चिन्हांकन कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि समस्त कोविड संदिग्ध, पुष्ट रोगी और स्वस्थ हो चुके छुट्टी प्राप्त कोविड रोगियों में मधुमेह का उचित चिन्हांकन एवं नियंत्रण किया जाना होगा। सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, प्रभारी कोविड अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता को निर्देश दिये गये है कि ब्लैक फंगस से होने वाले रोगों के प्रति सजग रहकर रोगियों का उचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।

राज्य शासन भी ब्लैक फंगस की रोकथाम के लिये गंभीरता से प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रतिदिन कोरोना समीक्षा में इसकी समीक्षा भी कर रहे है। राज्य शासन द्वारा ब्लैक फंगस संक्रमण के नि:शुल्क उपचार के लिए प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा चिकित्सा महाविद्यालयों में ईकाइयों का गठन किया गया है। इनमें मेडिसन विभाग, नेत्र विभाग, न्यूरो सर्जरी एवं नाक, कान, गला विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं।

स्वास्थ्य आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने ब्लैक फंगस के संक्रमण को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के पुष्ट रोगी के साथ-साथ कोविड-19 के संदिग्ध रोगी एवं कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्तियों में डायबिटीज की प्रतिदिन निगरानी रखी जाये एवं उस पर नियंत्रण किया जाये। जिन रोगियों को चिकित्सीय परामर्श अनुसार स्टेरॉयड दिया जा रहा है, उनमें रेंडम ब्लड शुगर स्तर की दैनिक निगरानी हर 8 घंटे के अंतराल पर सुनिश्चित की जाये। किसी भी स्थिति मे स्टेरॉयड एवं ब्रॉड स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक्स का अनावश्यक अनुचित सेवन नहीं कराया जाये। ऑक्सीजन सपोर्टेड रोगियों के लिए ह्यूमिडिफायर बॉटल में स्टराइल अथवा डिस्टिल्ड वाटर का उपयोग किया जाये एवं नियमित रूप से पानी को बदलते रहें। मरीजों के लिये उपयोग होने वाला ऑक्सीजन मास्‍क, कैनुला को नियमित रूप से सैनेटाइज किया जाये। अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों में संक्रमण के नियंत्रण के लिए प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन किया जाये।

संकम्रण के लक्षण

ब्लैक फंगस संक्रमण की पहचान रोगियों के नाक, मुख और आँख से काले कण अथवा काला रिसाव होना, नाक बंद होना, नाक के आस-पास गालों की हड्डियों में दर्द, चेहरे में दर्द, लगातार सिर दर्द होना, जबड़े, दांत, आँख में दर्द, बुखार आना, शरीर में नील पड़ना, साँस लेने में परेशानी होना, सीने में दर्द, फेफड़ों में पानी आना, खून की उल्टी होना, मुँह से बदबू आना और मानसिक भ्रम जैसे लक्षणों से होती है।


के.के. जोशी
Post a Comment

मुख्यमंत्री श्री चौहान से केंद्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने मुलाकात की
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्य न्यायाधीश श्री रफ़ीक़ से सौजन्य भेंट की
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बुधनी में 300 बिस्तरों वाले कोविड-19 सेंटर का किया शुभारंभ
कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए नहीं छोड़ेंगे कोई कसर - मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान का किया स्वागत
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्मार्ट पार्क में सप्तपर्णी का पौधा लगाया
संभावित तीसरी लहर के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें : डॉ. मिश्रा
जीएसटी काउंसिल की 44वीं बैठक
विनय नगर में बनेगा प्रदेश का आदर्श विद्युत उपभोक्ता केन्द्र - ऊर्जा मंत्री श्री तोमर
श्रम मंत्री श्री सिंह के अथक प्रयासों से श्री यशवंत सोनी का पार्थिव शरीर रविवार को भारत पहुँचेगा
साढ़े सात नदी होंगी जीवित - मंत्री सुश्री ठाकुर
नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन
सभी के सहयोग से नीमच जिले में कोरोना पर नियंत्रण पाने में सफल हुए: मंत्री श्री सखलेचा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वर्गीय श्री विजेश लुनावत के परिवार जनों को सांत्वना दी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व मंत्री श्री दीपक जोशी से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी
समाज की मानसिकता सकारात्मक बनाने में युवा शक्ति -कोरोना मुक्ति अभियान मील का पत्थर साबित होगा
प्रदेश में नई तकनीक से होगा भण्डारणः वेयर हाऊस कार्पोरेशन अध्यक्ष श्री राहुल सिंह
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री कुट्टी मेनन के निधन पर शोक व्यक्त किया
1