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जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की सिफारिश पर कोरोना की चेन तोड़ने के लिए कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया गया है 

ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को नियंत्रित करने भोपाल मॉडल अपनाया जा रहा है  - मंत्री श्री सारंग  

भोपाल : शुक्रवार, मई 7, 2021, 18:12 IST

चिकित्सा शिक्षा एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि कोरोना को हराने का सबसे सशक्त तरीका संक्रमण की चेन को तोड़ना है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए जरूरी है कि लोग घरों में रहें। इसलिए प्रत्येक जिले की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी  ने सलाह दी कि कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया जाए। इसलिए राज्य शासन ने 15 मई तक कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया है।

श्री सारंग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण पर नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए किल कोरोना अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर कोरोना से संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी, साथ ही उन्हें उचित इलाज भी मुहैया कराया जाएगा। किल कोरोना अभियान के तहत जो पॉजिटिव मिलेंगे, उन्हें आइसोलेट करेंगे। इसके लिए हमने ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख बिस्तरों की व्यवस्था की तैयारी की हैं। 

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कोविड सहायता केन्द्र वाला भोपाल मॉडल काफी सफल रहा है। इसके तहत शहर के सभी 19 जोन में दो-दो कोविड सहायता केंद्र शुरू किये गये। इन केंद्रों पर नियुक्त डॉक्टर जाँच के बाद यह सुनिश्चित करते थे कि मरीज का अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है या घर में रहकर ही वह स्वस्थ हो जाएगा। मरीज में मामूली या कम लक्षण होने पर डॉक्टर उसे आवश्यक दवाएँ और समझाइश देकर घर में ही आइसोलेट करते थे। साथ ही मरीज को अपना संपर्क नंबर देते थे, ताकि किसी तकलीफ पर वो डॉक्टर से संपर्क कर सकें। यह व्यवस्था अस्पतालों में मरीजों के बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए की गई थी। मालूम हो कि शहर में अभी 47 फीवर क्लीनिक भी संचालित हो रहे हैं। इस मॉडल के तहत भोपाल में पॉजिटिव रेट कम हुआ है। इसी मॉडल को अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को नियंत्रित किया जायेगा।

श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के कार्ड धारकों को कोरोना का प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके लिये मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिये हैं। जिन पात्र लोगों के कार्ड नहीं बन पाए हैं, उसे जल्द ही योजना में शामिल किया जाएगा। यदि एक व्यक्ति का कार्ड है, तो उसके पूरे परिवार को प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकार के खजाने से प्राइवेट अस्पतालों को अन्य बीमारियों के पैकेज में कोरोना का इलाज करने के लिए 40 प्रतिशत अतिरिक्त राशि दी जाएगी। योजना के तहत प्रदेश के 579 प्राइवेट अस्पताल में अब कमजोर वर्ग के लोग कोरोना का निःशुल्क इलाज करा सकेंगे। प्रदेश में आयुष्मान कार्ड धारकों की संख्या 2 करोड़ 42 लाख है। कोरोना  इलाज के दौरान मरीज को भोजन, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन, सीटी स्केन समेत अन्य सुविधाएँ भी योजना के तहत मुफ्त मिलेंगी।

मंत्री श्री सारंग ने बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी पर कहा कि इस समय किसी भी वर्ग की हड़ताल सही नही है। इस महामारी के दौर में सबको मिलकर काम करना होगा, तभी हम कोरोना को हरा पायेंगे।

श्री सारंग ने कहा कि सरकार का चिकित्सा व्यवस्था पर फोकस है। हमने टीम बनाई है, जो भी निजी अस्पताल या इससे जुड़े लोग लूटपाट करेंगे, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर सरकार ने अभी से तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।


दुर्गेश रायकवार
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