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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में की कोरोना संक्रमण रोकने के उपायों की समीक्षा

कोरोना संक्रमण को रोकने टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के दिये निर्देश 

भोपाल : मंगलवार, नवम्बर 24, 2020, 19:38 IST

मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने आज बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा पहुँच कर इन जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी ने संबंधित जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या, अब तक ठीक हो चुके मरीजों की संख्या, मरीजों के उपचार के लिए बेड की उपलब्धता एवं प्रतिदिन किये जा रहे टेस्ट के बारे में जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बालाघाट अस्पताल में सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि तीन दिनों के भीतर जरूरी उपकरणों की पूर्ति कर आईसीयू को चालू कराया जाये। ब्लड बैंक को व्यवस्थित करने के लिए शीघ्र कार्यवाही करने एवं सीटी स्केन की सुविधा प्रारंभ की जाये। उन्होंने कहा कि डायलिसिस यूनिट की संख्या बढ़ाने के लिए भी कार्य किया जाये।

 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ चौधरी ने कहा कि बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में अपेक्षाकृत कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या जरूर कम है, लेकिन हमें अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा जिला महाराष्ट्र से एवं बालाघाट छत्तीसगढ़ राज्य से भी लगा हुआ है। इन राज्यों से लोगों का आना-जाना अधिक संख्या में होता है, जिसके कारण इन जिलों में कोरोना संक्रमण फैलने की अधिक संभावना हो सकती है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोगों के मास्क पहनकर ही बाहर निकलने पर अधिक ध्यान दिया जाये और इसके लिए अभियान चलाया जाये। कोरोना टेस्टिंग पर अधिक ध्यान दिया जाये और टेस्टिंग की संख्या बढ़ायी जाये।

 मंत्री डॉ चौधरी ने कहा कि अभी भी लोगों में डर बना हुआ है कि वे बुखार या सर्दी खांसी होने पर कोरोना टेस्ट करायेंगें तो उन्हें 10 दिन तक अस्तपाल में रखा जायेगा। लोगों के इस डर को निकाला जाये और उन्हें कोरोना टेस्ट के प्रति जागरूक किया जाये। यदि बुखार या सर्दी खांसी का मरीज कोरोना टेस्ट नहीं करायेगा और वह संक्रमित हो चुका है, तो वह अपने परिवार एवं पड़ोस के अधिक लोगों को संक्रमित कर सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए लोगों में जागरूकता लायी जाये और उन्हें फीवर क्लीनिक में जांच कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री रामपाल सिंह और संबंधित जिलों की समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के जन-प्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।


महेश दुबे
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