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मतगणना के बाद वोटिंग मशीन को पुन: सील किया जायेगा

काउंटिंग एजेंट भी रहेंगे उपस्थित 

भोपाल : रविवार, मई 11, 2014, 17:24 IST
 

प्रदेश में 16 मई को लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिग मशीन को पुन: सील (मुद्राबंद) किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान काउंटिंग एजेन्ट भी मौजूद रह सकेंगे।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के कंट्रोल यूनिट में रिकार्ड किये गये मतदान का परिणाम उम्मीदवार वार सुनिश्चित कर लेने एवं प्रारूप 17-ग के 'भाग-2 मतगणना का परिणाम' में और प्रारूप 20 में अंतिम परिणाम प्रपत्र में प्रविष्टि कर लेने के बाद कंट्रोल यूनिट को रिटर्निंग ऑफिसर की मुद्रा और आयोग की गुप्त मुद्रा से पुन: मुद्राबंद किया जायेगा। पुन: मोहरबंद ऐसी रीति से किया जायेगा कि कंट्रोल यूनिट में रिकार्ड किये गये मतदान परिणाम नहीं मिटे और यूनिट ऐसे परिणाम मेमोरी को बनाये रखें एवं जहाँ पेपर ट्रेल के लिये प्रिन्टर का प्रयोग हो। रिटर्निंग ऑफिसर पेपर स्लिप को निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सील करेगा। कंट्रोल यूनिट के केण्डीडेट सेट अनुभाग से बेटरी हटा दी जायेगी और बेटरी को हटाने के बाद केण्डीडेट सेट अनुभाग के आवरण को पुन: मुद्राबंद किया जायेगा। आयोग ने निर्देश में कहा है कि बेटरी को हटाया जाना इसलिये आवश्यक है कि यह समय के साथ फूले नहीं और मशीन को नुकसान न करे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बेटरी के हटाये जाने के बाद यूनिट में रिकार्ड किये मतदान के परिणाम नहीं मिटेंगे, क्योंकि यूनिट बिना बेटरी के भी अपनी मेमोरी को बनाये रख सकती है। इसके बाद परिणाम अनुभाग बाहरी आवरण बंद किया जायेगा और उसे पुन: मुद्राबंद किया जायेगा।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मुद्राबंद की गई कंट्रोल यूनिट को वापस इसके केरिंग केस में रखा जायेगा और केरिंग केस को पुन: मुद्राबंद किया जायेगा। केरिंग केस के हेंडल से एक पहचान टेग कस कर बाँधा जायेगा, जिसमें निर्वाचन का विवरण, निर्वाचन क्षेत्र का नाम, पोलिंग स्टेशन, जहाँ कंट्रोल यूनिट का प्रयोग किया गया था, का विवरण कंट्रोल यूनिट की क्रम संख्या, मतदान की तारीख और मतगणना की तारीख लिखी होगी।

आयोग ने कहा है कि मतगणना अभिकर्ता चाहें तो वोटिंग मशीन पर अपनी मुद्रा लगा सकता है, जिस उम्मीदवार का वह प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन आयोग ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिये हैं कि वह स्वयं मशीन पर इस तरह से मुद्रा लगायें जिससे समस्त उम्मीदवार और उनके गणना अभिकर्ता इससे सहमत हो जायें और उसके बाद उन्हें पृथक से मुद्रा लगाने की आवश्यकता न पड़े।


मुकेश मोदी