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दूसरे चरण के मतदान के लिये तैयारियाँ अंतिम चरण में

18 हजार से अधिक मतदान केन्द्रों में 29 हजार से अधिक ईव्हीएम इस्तेमाल होगी
104 सीएपीएफ और 50 एसएएफ की कम्पनी संभालेंगी सुरक्षा मोर्चा
 

भोपाल : मंगलवार, अप्रैल 15, 2014, 20:35 IST
 

मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव का दूसरा चरण 10 संसदीय क्षेत्र में 17 अप्रैल को मतदान के साथ संपन्न होगा। इन संसदीय क्षेत्रों में मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, गुना, सागर, टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, भोपाल और राजगढ़ शामिल हैं। भिण्ड और टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित है। दस संसदीय क्षेत्र में 19 जिले और 80 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ मतदान के दिन सुबह 7 बजे शाम 6 बजे तक वोट डाले जायेंगे। एक करोड़ 67 लाख 12 हजार 806 मतदाता इस दिन अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। ग्यारह महिला उम्मीदवारों सहित कुल 142 उम्मीदवार 10 संसदीय क्षेत्र में अपना भाग्य आजमायेंगे। चुनाव वाले इन सभी क्षेत्रों में मतदान और कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। मतदान दलों को पूर्ण तैयारियों से लेस कर दिया गया है। सभी मतदान दल 16 अप्रैल को मतदान केन्द्र की ओर रवाना होंगे तथा रात्रि विश्राम मतदान केन्द्र में ही करेंगे।

दस संसदीय क्षेत्र में 18 हजार 796 मतदान केन्द्र स्थापित किये गये हैं। इसमें 313 सहायक मतदान केन्द्र भी सम्मिलित हैं। सर्वाधिक 1977 मतदान केन्द्र भोपाल संसदीय क्षेत्र में और सबसे कम 1612 टीकमगढ़ में हैं। मुरैना में 1882, भिण्ड में 1846, ग्वालियर में 1996, गुना में 1911, सागर में 1811, दमोह में 1967, खजुराहो में 1864 और राजगढ़ में 1930 मतदान केन्द्र स्थापित किये गये हैं। दूसरे चरण में कुल 29 हजार 200 बेलेट यूनिट (ईव्हीएम) और 20 हजार 711 कंट्रोल यूनिट (सीयू) उपयोग में लाई जायेंगी।

दूसरे चरण के संसदीय क्षेत्रों में 19 जिले शामिल हैं। इनमें मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, गुना, सागर, टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, भोपाल, राजगढ़, श्योपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, छतरपुर, कटनी, सीहोर और आगर-मालवा शामिल हैं। 80 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 10 संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं। दूसरे चरण में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में सबसे अधिक 28 भोपाल में तथा सबसे कम 6 राजगढ़ में हैं। मुरैना, ग्वालियर, खजुराहो और भोपाल ऐसे संसदीय क्षेत्र है, जहाँ 16 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

मतदाताओं की संख्या के आधार पर भोपाल सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र और सागर छोटा संसदीय क्षेत्र है। द्वितीय चरण में 14 सामान्य प्रेक्षक तथा 10 निर्वाचन व्यय प्रेक्षक, तीन पुलिस प्रेक्षक और 4462 माइक्रो आब्जर्वर तैनात किये गये हैं। पुलिस प्रेक्षक भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर के लिये नियुक्त किये गये हैं। दूसरे चरण का चुनाव संपन्न कराने के लिये कोई एक लाख 20 हजार शासकीय अधिकारी-कर्मचारी तैनात किये गये हैं। इनमें से मतदान टीम में 92 हजार 202, पुलिस कर्मी 23 हजार 375 और 4 हजार 854 ड्रायवर-कंडक्टर शामिल हैं। चुनाव डयूटी करने वाले इन सभी मतदान कर्मियों को इलेक्शन डयूटी सर्टिफिकेट (ईडीसी) और डाक मतपत्र जारी किये जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

दस संसदीय क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर सहित अन्य क्षेत्र में सीएपीएफ (सेन्ट्रल आर्म्स पुलिस फोर्स) की कम्पनी तैनात की गई है। इसके अलावा एसएएफ की 50 कम्पनी भी इन क्षेत्रों में सुरक्षा का मोर्चा संभालेंगी। लगभग 2852 पुलिस अधिकारी, 16 हजार 309 प्रधान आरक्षक/आरक्षक, 10 हजार 789 होमगार्ड के जवान तथा 18 हजार 790 विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) सुरक्षा की चॉक-चौबंद व्यवस्था रखेंगे। अंतर्राज्यीय सीमा वाले जिले में भी कड़ी चौकसी रहेगी। संसदीय क्षेत्रों से जोड़ने वाली सीमाओं पर नाकेबंदी की गई है। बिना तलाशी के वाहनों को वहाँ से गुजरने नहीं दिया जा रहा है। वल्नरेबल मेपिंग के तहत 2026 मजरे-टोलों की पहचान कर 37 हजार 202 मतदाताओं को चिन्हांकित किया गया है। इन क्षेत्रों में एक लाख 63 हजार 8 लायसेंसी शस्त्रों को जमा करवाया गया है। सीआरपीसी की धारा 107 के तहत 93 हजार 332 व्यक्तियों को बाउण्ड ओवर किया गया है। चुनाव के दौरान 714 फ्लाइंग स्कवाड और 692 एसएसटी तैनात रहेंगी।


प्रलय श्रीवास्तव