Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

मेक इन इंडिया के तहत
के तहत अगले छह माह में 75 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से लैस होगी ब्रह्मोस

इंडिया सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अगले 6 माह में 75 प्रतिशत स्वदेशी हो जाएगी। डीआरडीओ ने इस प्रक्षेपास्त्र को स्वदेशी उपकरणों से लैस करना शुरू कर दिया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर मिश्रा ने एलएंडटी डिफेंस द्वारा निर्मित क्वैड लॉन्चर को समर्पित करने के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ब्रह्मोस 65 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरणों से लैस हो चुकी है और जल्द ही यह 75 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरणों से लैस हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों की भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना में तैनाती शुरू हो चुकी है। अभी तक ब्रह्मोस आवाज से 2.8 गुना अधिक गति से 290 किलोमीटर दूर तक जा सकती है। लेकिन नयी तकनीक के तहत ब्रह्मोस मिसाइल की आठ सौ किलोमीटर मारक क्षमता के साथ आवाज से सात गुना अधिक गति से अपने लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता विकसित की जा रही है।

    ब्रह्मोस मिसाइल को ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड, भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के तहत रूस के संयुक्त तत्वावधान में निर्मित किया गया है।    इस प्रक्षेपास्त्र का नाम दो नदियों ब्रह्मपुत्र और मोस्कवा के नाम पर रखा गया है।
   क्वैड लॉन्चर ब्रह्मोस की मारक क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। यह लॉन्चर कैनिस्टराइज्ड इंक्लाइंड लॉन्चर के नाम से भी जाना जाता है।