Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

कृत्रिम बुद्धिमत्ता बढ़ाने के लिए
नीति आयोग और गूगल में हुआ करार

भारत की उदीयमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीनी ज्ञान (एमएल) के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नीति आयोग और गूगल कई पहलों पर एक साथ काम करेंगे, जिससे देश में एआई पारिस्थितिक तंत्र निर्मित करने में मदद मिलेगी। इसके लिए नीति आयोग की सलाहकार सुश्री अन्ना रॉय और गूगल के भारत तथा दक्षिण पूर्व एशिया के उपाध्यक्ष श्री राजन आनंदन ने एक साथ आशय-पत्र पर हस्ताक्षर किये।

    प्रशिक्षण, हैकेथॉन, स्टार्टअप के लिए सलाह देने और अनुसंधान अनुदान प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
    नीति आयोग को एआई को जैसी प्रौद्योगिकियां विकसित करने और अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस साझेदारी के महत्व के बारे में बताते हुए श्री अमिताभ कांत ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश में व्यवसाय करने के तरीके को बदलने जा रही है। विशेष रूप से देश की सामाजिक और समावेशी भलाई के लिए नवाचारों में विशिष्ट रूप से एआई का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में क्षमता, शिक्षा में सुधार लाने, हमारे नागरिकों के लिए अभिनव शासन प्रणाली विकसित करने और देश की समग्र आर्थिक उत्पादकता में सुधार के लिए भारत मशीनी ज्ञान और एआई जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों को स्वीकार कर रहा है। गूगल के साथ नीति आयोग की साझेदारी से कई प्रशिक्षण पहलें शुरू होंगी, स्टार्टअप को समर्थन मिलेगा और पीएचडी छात्रवृत्ति के माध्यम से एआई अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।