Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

पाटीदार समाज महिला संगठन-प्रांतीय महाधिवेशन
बेटियों को भी बेटों के समान दी जाये शिक्षा - राज्यपाल
बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने के करें प्रयास

उज्जैन, प्रत्येक परिवार में बेटा और बेटी के साथ एक समान व्यवहार करना चाहिये। बेटों की तरह बेटियों को भी शिक्षा मिलनी चाहिये। बेटियों को कुपोषण से बचाने के लिये वर्ष में एक बार उनका हीमोग्लोबिन परीक्षण अवश्य करवायें। यह बात राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उज्जैन में मध्यप्रदेश पाटीदार समाज महिला संगठन के प्रांतीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुये कही।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। मातायें अपने बच्चों को आठ वर्ष की आयु तक अच्छे संस्कार दें। विवाह समारोह में अनावश्यक धनराशि व्यय नहीं करें। बचत राशि को बेटे-बेटियों की पढ़ाई और काम-धंधे में लगायें, ताकि परिवार और समाज का समुचित विकास हो सके।

श्रीमती पटेल ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति से बचना चाहिये। वयस्क होने पर ही बालक और बालिका का विवाह सम्पन्न कराया जाना चाहिये। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुये कहा कि मैंने अपने भतीजे की कम उम्र में होने वाली शादी को रुकवाया था। अच्छे काम में थोड़ी कठिनाई जरूर आती है, परन्तु अच्छे काम करते रहना चाहिये। समाज में सुख-समृद्धि के लिये सबको मिलकर, संकल्प लेकर अच्छे काम के लिये आगे बढ़ते रहना चाहिये।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पाटीदार समाज महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा पाटीदार ने कहा कि समाज में फैली कुप्रथाओं को दूर करने के लिये महाधिवेशन बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये कार्य किये जा रहे हैं।