Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

आजीविका मिशन
महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से बनाया आत्मनिर्भर

भोपाल, मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन से समाज में महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। आजीविका मिशन से महिलायें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह बात सहकारिता तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री  विश्वास सारंग ने भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन द्वारा ‘आजीविका एवं कौशल विकास दिवस’ पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुये कही।

राज्यमंत्री श्री सारंग ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिला को शक्ति की प्रतिमूर्ति माना जाता है। जब महिलायें सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनेंगी, तब ही परिवार, प्रदेश एवं राष्ट्र सशक्त बनेगा। उन्होंने महिलाओं से आजीविका के 12 सूत्रों के साथ 13वें सूत्र के रूप में ‘संस्कार, संस्कृति और सभ्यता’ को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में राज्य कौशल एवं रोज़गार बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमन्त विजय राव देशमुख ने कहा कि आजीविका मिशन ने महिलाओं को घर की चार दीवारी से बाहर निकालकर आर्थिक स्वावलंबन प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कौशल एवं रोज़गार बोर्ड भी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में 15 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में रोज़गार मेलों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें अधिक से अधिक युवाओं को रोज़गार मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल.एम. बेलवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्व-सहायता समूह से 25 लाख महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। इनमें से डेढ़ लाख से अधिक महिला सदस्यों की आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है।