Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

श्रीलंका के कैंडी में दस दिनों का आपातकाल लागू
 

श्रीलंका सरकार ने कैंडी जिले में सिंहल बौद्ध और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच हिंसक झड़पों और मस्ज़िदों पर हमले के बाद दस दिनों के आपातकाल का ऐलान कर दिया है। सरकार के प्रवक्ता दयासिरी जयशेखर ने बताया कि एक विशेष कैबिनेट मीटिंग में दस दिन के लिये आपातकाल घोषित करने का फैसला लिया गया है, ताकि सांप्रदायिक दंगों को देश के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त ऐक्शन लियँ जाने का फैसला भी हुआ है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हिंसा और आगजनी के मामले में अभी तक दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। श्रीलंकाई मीडिया के अनुसार कैंडी जिले में हिंसा भड़कने के बाद से ही सभी स्कूलों को बंद करा दिया गया। अशांति को काबू करने में नाकाम रहने के बाद कई विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की निंदा की है। इसके पहले श्रीलंका में 2011 में आपातकाल हटाया गया था, जिसके बाद फिर अब एक बार आपातकाल लागू किया गया है। 1971 से संक्षिप्त अंतराल को छोड़कर लगभग चार दशकों तक श्रीलंका में आपातकाल लागू रहा है।

4 मार्च को कैंडी ज़िले में एक हिंसक झड़प में दो लोगों की हत्या हुई, कई धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसके बाद राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने छह मार्च को दस दिनों के लिये आपातकाल की घोषणा की।इस हिंसा के बीच रॉनिल विक्रमसिंघे को कानून और व्यवस्था मंत्री के पद से हटा दिया गया है। रॉनिल कुछ दिनों पहले ही इस पद के प्रमुख बनें थे। इनकी जगह अब रंजीत मुदडूमा बंडारा को कानून और व्यवस्था मंत्री बनाया गया है।