Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

कॉमेट-2018
पिछले एक दशक में मेट्रो रेल के क्षेत्र में हुये क्रांतिकारी बदलाव
 

नई दिल्ली, भारत में पिछले एक दशक में मेट्रो रेल के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुये हैं। वर्ष 2002 में सिर्फ आठ किलोमीटर मेट्रो लाइन के साथ शुरू हुई मेट्रो सेवा अब 425 किलोमीटर लंबी हो चुकी है। पूरे देश में 10 विभिन्न शहरों में मेट्रो रेलों का परिचालन हो रहा है। यह बात केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में कम्युनिटीज़ ऑफ मेट्रो (कॉमेट-2018) की प्रबंधन बैठक को संबोधित करते हुये कही।

श्री पुरी ने वैश्विक स्तर पर मेट्रो रेल प्रणाली के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिये आपसी जानकारियों को साझा करने का अवसर प्रदान कर दुनिया भर के मेट्रो पेशेवरों को एक मंच पर लाने के लिये कॉमेट के प्रयासों की सराहना की।

श्री पुरी ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में कई शहरों में नई मेट्रो लाइन शुरू करने की योजना भी है, जिससे आने वाले समय में देश में मेट्रो लाइन का कुल विस्तार 700 किलोमीटर हो जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मेट्रो रेल सेवा के अलावा क्षेत्रीय स्तर पर रेल ट्रांजिट प्रणाली विकसित करने की भी योजना है।

श्री पुरी ने बताया कि भारत में सुनियोजित तरीके से मेट्रो रेल परिवहन सेवा विकसित करने के लिए सरकार की ओर से गत वर्ष मेट्रो रेल नीति बनाई गयी। उन्होंने कहा कि इसके तहत देश में मेट्रो रेल के लिए आधारभूत संरचना खड़ा करने के लिए जरूरी वित्तीय मदद के वास्ते सरकार ने इसमें निजी क्षेत्र के सहयोग के अतिरिक्त धन जुटाने के कई अभिनव विकल्प प्रदान किये हैं। उन्होंने कहा कि यह नीति भविष्य में मेट्रो रेल के विकास को और गति देगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो देश में मेट्रो रेल की प्रगति का प्रतीक बन चुकी है। दिल्ली मेट्रो का 230 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है। रोजाना इसमें 30 लाख लोग यात्रा करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार आगामी एक वर्ष के भीतर 350 किलोमीटर को पार कर जायेगा। ऐसा होते ही दिल्ली उन पांच शहरों में शामिल हो जायेगी, जिनके पास दुनिया की सबसे बड़ी मेट्रो रेल सेवायें हैं।