Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
लड़कों के समान लड़कियों को भी दें गुणवत्तायुक्त शिक्षा - प्रधानमंत्री

झुंझुनू, भारत में लड़के और लड़कियों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिये। लड़कियों को भी लड़कों के समान गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जानी चाहिये। बेटियां बोझ नहीं हैं, बल्कि देश के गौरव और समृद्धि का जरिया हैं।

लड़कियों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह बात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनू जिले में ‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के विस्तार का शुभारंभ करते हुए कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को कन्या भ्रूण हत्या जैसी विकृति और कुपोषण जैसी समस्या से मुक्त करने के लिये हर परिवार को साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि जिस देश की महान संस्कृति और परंपरायें रही हों, वहाँ बेटी बचाने के लिये लोगों को समझाना पड़े, यह पीड़ादायक है, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को सफलता मिली तो मन में संतोष हुआ कि स्थिति में सुधार आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बेटा हो या बेटी सभी का सम्पूर्ण विकास होना चाहिये। बच्चों के विकास में कुपोषण बड़ी बाधा है। कुपोषण को दूर करने के लिये ‘राष्ट्रीय पोषण मिशन’ लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिये मिशन इंद्रधनुष चलाया गया। इस मिशन से टीकाकरण के काम में तेज़ी आई है। हमारा प्रयास है कि हम वर्ष 2018 के अंत तक 90 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करें।

  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना 161 से बढ़ाकर 640 जिलों में होगी संचालित।
  • मिशन इंद्रधनुष के जरिये महिलाओं और बच्चों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना’ योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को दी जायेगी छह हजार रुपये की आर्थिक मदद।