Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

तेंदूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन
श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड जारी करने वाला पहला जिला बना बालाघाट
गरीब परिवारों के बच्चों की फीस भरने के लिये चलाया जायेगा अभियान

बालाघाट, मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में पंजीकृत सभी गरीब परिवारों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक शिक्षण संस्थानों की फीस राज्य सरकार द्वारा भरी जायेगी। जुलाई माह में गरीब परिवार के बच्चों की फीस भरने के लिये अभियान चलाया जायेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बालाघाट में तेंदूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुये कही।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना समाज में गरीबी और अमीरी के बीच की खाई को समाप्त करने के लिये चलाई जा रही है। इस योजना में हितग्राहियों के लिये जाति, धर्म और वर्ग का कोई बंधन नहीं है। हर गरीब और मेहनतकश व्यक्ति इस योजना का लाभ पाने के लिये हकदार है। योजना की विस्तृत जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री ने लोगों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

  • जिले की कटंगी तहसील में सूखे से प्रभावित किसानों का किया जायेगा सर्वे।
  • सम्मेलन में 71 हजार 125 तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि ऑनलाइन वितरित की गई।
  • सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 64 करोड़ रुपये की लागत के 13 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में असंगठित श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड वितरित करते हुये कहा कि इस कार्ड में हितग्राही की पूरी जानकारी समाहित है। यह कार्ड हितग्राही को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मददगार होगा। श्री चौहान ने श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड प्रदान करने में बालाघाट को पहला जिला बताया। उन्होंने कहा कि आगामी 13 जून को सभी जनपद मुख्यालयों पर पंजीकृत श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के हित-लाभ वितरित करने के लिये विशेष समारोह आयोजित किये जायेंगे।

निःशक्त अनाथ बालिका से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री चौहान जब सम्मेलन से लौटने लगे तो उन्हें पास ही खड़ी निःशक्त बच्ची दिखी। मुख्यमंत्री जब उसके पास पहुंचे तो उसने बताया कि उसका नाम कुशवंती नगपुरे है और वह अनाथ है। उसे मदद की आवश्यकता है। श्री चौहान ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस बच्ची को 2 लाख रुपये सहायता राशि और नियमित रूप से निःशक्त पेंशन भी दी जाये।