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अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच ईरान ने दी हारमुज जलसन्धि बंद करने की धमकी

पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन सहित दुनिया के सभी देशों को चेतावनी दी थी कि कोई भी देश ईरान से तेल आयात नहीं करेगा और 4 नवम्बर तक अगर ऐसा नहीं किया गया, तो उन देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

अमेरिका के इस कदम के बाद ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर ऐसा हुआ, तो हम हारमुज जलसन्धि से सभी देशों के तेल टैंकरों की आवाजाही बंद कर देंगे। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण यह जलसन्धि मध्य-पूर्व के तेल उत्पादक देशों को एशिया-प्रशांत, यूरोप तथा अमेरिका के बाजार से जोड़ती है। गौरतलब है कि ईरान ओपेक देशों में दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है।

हारमुज जलसन्धि की खासियतें
  • समुद्र के रास्ते से होने वाले विश्व के लगभग 30 प्रतिशत तेल का निर्यात इसी रास्ते से होता है।
  • पश्चिम एशिया में स्थित यह जलसन्धि दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण चेक पॉइंट है।
  • ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित यह जलसन्धि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ती है।

उल्लेखनीय है कि ईरान ने इस जलसन्धि पर अपनी सैन्य तैयारी मजबूत कर ली है। ईरान ने यहां कई एंटी शिप मिसाइल, पनडुब्बियां और वारशिप को तैनात कर रखा है। इसके साथ ही ईरानी नौसेना आवाजाही को बंद करने के लिये यहां मजबूती से तैनात है।