Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

एशिया-प्रशांत व्यापार समझौता
चौथे दौर की बैठक में लिये गए निर्णय लागू हुये

पिछले वर्ष 13 जनवरी को छह एशियाई देशों भारत, बांग्लादेश, चीन, लाओ पीडीआर, दक्षिण कोरिया और श्रीलंका के बीच हुई चौथे दौर की बैठक में एशिया-प्रशांत व्यापार समझौते (आप्टा) पर कर रियायत को लेकर सहमति बनी थी, जिस पर सभी देशों ने हस्ताक्षर किये थे। वह समझौता इस वर्ष 1 जुलाई से लागू हो गया है।

इस समझौते के तहत भारत सभी सदस्य देशों को 3142 वस्तुओं पर करों में छूट देगा। वहीं अल्प विकसित देशों (एलडीसी) बांग्लादेश तथा लाओ पीडीआर को भारत 48 वस्तुओं पर विशेष छूट देगा।

चौथे दौर के पूरा होने के साथ ही प्रत्येक सदस्य देश के लिए कुल वस्तुओं की वरीयता की कवरेज बढ़कर 10677 वस्तुओं के स्तर पर पहुंच जाएगी, जबकि तीसरे दौर के समापन पर वस्तुओं या आइटमों की कुल संख्या 4270 थी।

जानिये आप्टा के बारे में
  • पहले इसे बैंकॉक समझौते के नाम से जाना जाता था।
  • इसके अंतर्गत एशिया के विकासशील देशों को रखा गया है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र के एस्कैप (एशिया-प्रशांत के लिए आर्थिक एवं सामाजिक आयोग) द्वारा आप्टा की पहल की गयी थी।

  • इसमें शुल्क रियायतों की सीमा को समय-समय पर होने वाली व्यापार वार्ताओं के दौरान बढ़ाया जाता है।
  • भारत आप्टा के संस्थापक सदस्यों में शामिल है।