Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

नहीं रहे नर्मदा संरक्षण के पुरोधा अमृतलाल बैगड़

माँ नर्मदा के जीवनदायिनी स्वरूप को साहित्य से गढ़ने वाले और ‘सौंदर्य की नदी नर्मदा’ एवं ‘अमृत्स्य नर्मदा’ जैसी कालजयी कृतियों के रचनाकार और पर्यावरणविद श्री अमृतलाल बैगड़ नहीं रहे। वे 90 साल के थे। उनका अंतिम संस्कार उनके गृह नगर जबलपुर में संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और श्रद्धांजलि दी है। श्री चौहान ने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय बैगड़ साहित्य ही नहीं समाज की भी अमूल्य धरोहर हैं। उनके असामयिक निधन से पर्यावरण, साहित्य और नर्मदा सेवकों सहित देश को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने 82 वर्ष की आयु तक नर्मदा और सहायक नदियों की 4000 किलोमीटर से भी अधिक की पदयात्रा की और सौंदर्य की नदी नर्मदा सहित तीन पुस्तकें लिखीं।