Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालयों में बनेंगे आधार नामांकन केंद्र

भोपाल, मध्यप्रदेश के लगभग 2 करोड़ आदिवासी एवं अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों का आधार नामांकन कार्य तथा आधार में उनकी जानकारी को अद्यतन रखने के लिये जनजातीय कार्य विभाग द्वारा पहल कर विभाग की विभिन्न संस्थाओं तथा कार्यालयों में आधार नामांकन केंद्र स्थापित किये जा रहे हैं।

भारत शासन एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं में डीबीटी को अनिवार्य करने के चलते यह आवश्यक हो गया है कि सभी हितग्राहियों के पास आधार नंबर हो तथा उनके बैंक अकाउंट आधार से लिंक हो।

यूआईडीएआई द्वारा निजी संस्थाओं एवं किओस्क के माध्यम से आधार एनरॉलमेंट एवं आधार में जानकारी अद्यतन रखने का काम बंद करने से प्रदेश में आधार केंद्रों की संख्या घट गई थी। इसके चलते व्यक्तियों को आधार संबंधी कार्य कराने में परेशानी हो रही थी। विभाग द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यालयों तथा संस्थाओं में 1 हजार 10 आधार एनरॉलमेंट एवं अपडेशन सेंटर स्थापित करने के लिये भारत शासन के जनजातीय कार्य मंत्रालय को 10 करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा गया था जो भारत शासन के द्वारा संविधान की धारा 275(1) के अंतर्गत स्वीकृत कर दिया गया है।

प्रदेश के 20 जनजातीय जिलों में विभाग की सभी संकुल शालाओं, विकासखंड कार्यालयों तथा जिला कार्यालयों में यह केंद्र शीघ्र ही स्थापित किये जा रहे हैं। अन्य जिलों में जनजातीय/अनुसूचित जाति विभाग के जिलाधिकारी कार्यालय में तथा संभागीय कार्यालय में आधार नामांकन सेंटर स्थापित किये जायेंगे।