Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

मजदूरों के लिये बनाई गई ‘मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना’
बजट का पचास प्रतिशत मजदूरों के कल्याण पर होगा खर्च
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान के अभियान के बारे में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से चर्चा करते हुये।

मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का महत्वपूर्ण योगदान है। मजदूरों के बिना दुनिया नहीं चल सकती, उनके परिश्रम से जीवन चलता है। प्रदेश सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के कल्याण के लिये संकल्पित है। राज्य के बजट का 50 प्रतिशत हिस्सा मजदूरों के कल्याण में खर्च किया जायेगा। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये क्रांतिकारी और ऐतिहासिक ‘मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना’ बनाई गई है। इस योजना से मजदूरों का जीवन बदल जायेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को संबोधित करते हुये कही।

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मजदूर कल्याण योजना का लाभ लेने के लिये पंजीयन की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू हो गई है। यह 14 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने कहा कि गाँवों में ग्राम पंचायतों में पंजीयन के शिविर लगेंगे और शहरों में नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और उनके जोनल कार्यालयों में पंजीयन का काम होगा। पंजीयन के बाद मजदूरों को पंजीयन कार्ड दिया जायेगा। श्री चौहान ने सभी समाजसेवी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पंजीयन के काम में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मजदूरों को सिर्फ यह बताना होगा कि वे आयकर नहीं भरते। किसी सरकारी नौकरी में नहीं हैं और उनके पास ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं है।

श्री चौहान ने मजदूर कल्याण योजना के लाभ गिनाते हुए कहा कि मजदूर बहनों को प्रसूति सहायता के लिये छह से नौ महीने में चार हजार रुपये उनके खाते में डाले जायेंगे। प्रसव के बाद उन्हें बारह हजार रुपये दिये जायेंगे, ताकि वे खुद की और अपने बच्चे की देखभाल कर सकें।

श्री चौहान ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्चा सरकार उठायेगी। यदि बच्चे कोचिंग जाना चाहें, तो निःशुल्क व्यवस्था करवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उन्नत औजार के लिये अनुदान दिया जायेगा।

  • तेंदूपत्ता तोड़ने के कार्य में लगे मजदूरों का पारिश्रमिक एक हजार दो सौ रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति मानक बोरा किया जायेगा।
  • तेंदूपत्ता बीनने वालों को सीजन के बोनस के रूप में 207 करोड़ रुपये दिये जायेंगे।
  • मजदूरों के पुराने बिजली बिल फ्रीज किये जायेंगे, उन्हें दो सौ रुपये प्रति माह फ्लैट रेट पर मिलेगी बिजली।
  • साइकिल रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा दिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी मजदूर की स्थाई अपंगता या मृत्यु की दशा में उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। आंशिक स्थाई अपंगता पर एक लाख रुपये, स्थाई अपंगता पर दो लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु पर दो लाख रुपये दिये जायेंगे। दुर्घटना में मृत्यु की दशा में एफ.आई.आर. की प्रति एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र के साथ उन्हें आवेदन देना होगा।

श्री चौहान ने कहा कि महुआ फूल/महुआ गुल्ली को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा। महुआ का फूल और गुल्ली 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदेंगे। अचार गुठली सौ रुपये प्रति किलो की दर से और साल बीज 20 पैसे प्रति नग खरीदा जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में मजदूर सम्मेलनों का आयोजन 17 अप्रैल को होगा।