Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

 
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन साल में बने 73.66 लाख शौचालय
 

भोपाल, मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अभियान में सभी 22 हजार 824 ग्राम पंचायतों के एक करोड़ 18 लाख 15 हजार आवासीय घरों में स्वच्छ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित कर लक्ष्य पूर्ति की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य सरकार का संकल्प प्रदेश के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्र को ‘खुले में शौच’ मुक्त बनाना है।

11 जिले, 51 विकासखण्ड और 18 ग्राम हुए ओडीएफ

अभियान में अब तक प्रदेश के 11 जिलों, 51 विकासखण्डों और सात हजार 532 ग्राम पंचायतों और 17 हजार 989 ग्राम खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। खुले में शौच मुक्त जिलों में आगर-मालवा, भोपाल, बुरहानपुर, ग्वालियर, हरदा, इन्दौर, खरगोन, नीमच, सीहोर, उज्जैन और नरसिंहपुर शामिल हैं। ओडीएफ घोषित 59 विकासखण्ड में आगर, बारोद, नलखेड़ा, सुसनेर, बैरसिया, फन्दा, बुरहानपुर, खाकनार, छिन्दवाड़ा, धार, भितरवार, डबरा, घाटीगाँव, मोरार, हरदा, खिरकिया, टिमरनी, देपालपुर, इन्दौर, महू, साँवेर, बड़वाह, भगवानपुरा, भिकनगाँव, गोगाँव, कसरावद, खरगोन, महेश्वर, सेगाँव, झिरण्या, मल्हारगढ़, बाबई चीचली, चाँवरपाठा, गोटेगाँव, करेली, नरसिंहपुर, सांईखेड़ा, जावद, मनासा, नीमच, आष्टा, बुधनी, इछावर, नसरुल्लागंज, सीहोर, बड़नगर, घटिया, खाचरौद, महिदपुर, तराना और उज्जैन।

वर्ष 2013-14 में अभियान की शुरुआत पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में पाँच लाख 15 हजार 584 शौचालय थे, जो अब 78 लाख 81 हजार से ज्यादा हैं। इस वर्ष सितम्बर तक शौचालय विहीन 99 लाख 92 हजार 103 परिवारों ने शौचालय निर्माण के लिये पंजीयन करवाया। इसमें से अब तक 78 लाख 81 हजार 74 शौचालय निर्मित हो चुके हैं।