Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

जीएसटी में बदलाव
कंपोजीशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़कर हुई एक करोड़ रुपये

नई दिल्ली, गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में छोटे और मझौले व्यापारियों को राहत देने के लिए केन्द्र सरकार ने कदम उठाये हैं। वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्न ओवर वाले 90 प्रतिशत कारोबारियों को हर माह रिटर्न भरने से छूट प्रदान की गई है। अब इन कारोबारियों को एक अक्टूबर से तीन महीने में रिटर्न भरना होगा। सरकार ने छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए कंपोजीशन स्कीम की सीमा 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ करने का निर्णय लिया है।

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में कहा कि जीएसटी के पिछले तीन माह की समीक्षा के बाद सरकार ने छोटे एवं मझौले कारोबारियों का बोझ कम करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों का कुल राजस्व में योगदान सिर्फ पाँच से छह प्रतिशत है। वित्त मंत्री ने कहा कि बड़े व्यापारियों को मासिक रिटर्न और कर जमा करने होंगे।

  • अप्रैल 2018 के बाद रिफंड जमा करने के लिए ई-वॉलेट की होगी व्यवस्था।
  • जीएसटी काउंसिल ने ई-वे बिल की व्यवस्था देशभर में अप्रैल 2018 से लागू करने का निर्णय लिया।
  • अब दो लाख रुपये तक की ज्वेलरी खरीदने पर पैन जरूरी नहीं होगा। पहले यह सीमा 50 हजार रुपये थी।
  • ज्वेलर्स को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट से रखा जायेगा बाहर।
  • जीएसटी काउंसिल ने 27 वस्तुओं पर कर की दर कम की।
  • अपंजीकृत कारोबारियों का सामान ले जाने पर ट्रांसपोर्टर को रिवर्स चार्ज में टैक्स देना पड़ता था, इस टैक्स को किया गया खत्म।
  • दूसरे राज्यों में माल सप्लाई करने वाले व्यापारी जिनका टर्न ओवर 20 लाख रुपये तक है उन्हें अब रजिस्ट्रेशन से मिलेगी छूट।
  • वाहन लीजिंग पर वाहन के बराबर टैक्स लगता था, अब इसमें 35 प्रतिशत की छूट मिलेगी।