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राज्य
स्तरीय
बैंकर्स
समिति
की
बैठक
भोपाल
में
12
सितंबर
को
सेन्ट्रल
बैंक
ऑफ
इंडिया
के
आंचलिक
कार्यालय
में
हुई।
बैठक
में
सैन्ट्रल
बैंक
ऑॅफ
इंडिया
के
अध्यक्ष
एवं
प्रबंध
निदेशक
श्री
एम.वी.
टांकसाले,
अपर
मुख्य
सचिव
एवं
कृषि
उत्पादन
आयुक्त
श्री
मदन
मोहन
उपाध्याय
सहित
राज्य
शासन
और
विभिन्न
बैंकों
के
वरिष्ठ
अधिकारी
शामिल
हुए।
बैठक
में
जानकारी
दी
गई
कि
चालू
माली
साल
में
मध्यप्रदेश
के
तीन
क्षेत्रीय
ग्रामीण
बैंकों
सतपुड़ा-नर्मदा
क्षेत्रीय
ग्रामीण
बैंक,
विदिशा
ग्रामीण
बैंक
तथा
महाकौशल
क्षेत्रीय
ग्रामीण
बैंक।
बैठक
में
वर्तमान
वित्त
वर्ष
के
प्रथम
त्रैमास
में
बैंकों
द्वारा
संपादित
गतिविधियों
की
समीक्षा
कार्य
निष्पादन
के
प्रमुख
क्षेत्रों
पर
ध्यान
देते
हुए
निर्धारित
लक्ष्यों
को
हासिल
करने
के
निर्देश
दिए
गए।
मध्यप्रदेश
सरकार
की
शिक्षा
ऋण
योजना
की
प्रशंसा
करते
हुए
बैंकों
को
प्रावधानों
के
अनुरूप
सहयोग
करने
को
कहा।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
के
प्रत्येक
जिले
में
कक्षा
नवमीं
से
कक्षा
बारहवीं
की
दो
छात्राओं
को
सेंट्रल
बैंक
500
रुपये
मासिक
छात्रवृत्ति
देगा।
बैठक
में
बताया
गया
कि
केंद्र
सरकार
द्वारा
भी
शिक्षा
ऋण
के
लिए
ऋण
गारंटी
निधि
उपलब्ध
करवाना
प्रस्तावित
है।
कृषि
उत्पादन
आयुक्त
श्री
उपाध्याय
ने
बताया
कि
राज्य
ने
कृषि
क्षेत्र
में
18
फीसदी
की
विकास
दर
की
उपलब्धि
प्राप्त
की
है।
उन्होंने,
यह
विकास
दर
कायम
रखते
हुए
इसे
और
अधिक
बढ़ाए
जाने
के
राज्य
सरकार
के
संकल्प
की
जानकारी
दी।
उन्होंने
बताया
कि
सहकारी
क्षेत्र
के
सशक्तीकरण,
किसानों
को
बिना
ब्याज
के
ऋण
उपलब्ध
करवाने
और
सिंचाई
की
सुविधाओं
के
फलस्वरूप,
प्रदेश
में
कभी
भी
कम
वर्षा
के
बावजूद
कृषि
उत्पादन
पर
विपरीत
प्रभाव
नहीं
पड़ता।
बैंकों
के
सहयोग
से
कृषक
वर्ग
की
समृद्धि
बढ़ाने
पर
ध्यान
दिया
जा
रहा
है।
श्री
उपाध्याय
ने
बताया
कि
कृषि
क्षेत्र
में
उत्कृष्ट
कार्यों
के
लिए
मध्यप्रदेश
का
प्रतिष्ठित
कृषि
नेतृत्व
अवार्ड
के
लिए
चयन
किया
गया
है।
प्रो.
एम.एस.
स्वामीनाथन
की
अध्यक्षता
में
एग्रीकल्चर
टुडे
द्वारा
इस
प्रतिष्ठित
अवार्ड
के
लिए
गठित
समिति
ने
मध्यप्रदेश
के
कृषि
क्षेत्र
में
ओवर
ऑॅल
सर्वश्रेष्ठ
प्रदर्शन
के
लिए
यह
अवार्ड
देने
का
फैसला
किया।
प्रमुख
सचिव
वित्त
श्री
अजय
नाथ
ने
बताया
कि
उच्च
शिक्षा
के
लिए
बैंक
से
लिए
गए
ऋण
पर
राज्य
सरकार
की
महत्वपूर्ण
अनुदान
योजना
एक
जुलाई
2012
से
लागू
की
गई
है।
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