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शिशु
मृत्यु
दर,
मातृ
मृत्यु
दर
और
सकल
प्रजनन
दर
कम
करने
के
कार्य
में
ग्राम
स्वास्थ्य
समितियों
की
भूमिका
को
महत्वपूर्ण
बनाया
जाएगा।
इसके
लिए
स्वास्थ्य
समितियों
के
सदस्यों
को
विशेष
प्रशिक्षण
भी
दिया
जाएगा।
यह
निर्णय
भोपाल
में
9
जुलाई
को
मंत्रालय
में
संपन्न
राज्य
स्वास्थ्य
समिति
की
कार्यकारिणी
समिति
की
बैठक
में
लिया
गया।
बैठक
की
अध्यक्षता
मुख्य
सचिव
श्री
आर.
परशुराम
ने
की।
समुदाय
आधारित
नवाचारों
के
प्रोत्साहन
से
नागरिकों
को
बेहतर
स्वास्थ्य
सेवाएं
देने
में
मदद
मिलेगी।
मुख्य
सचिव
श्री
परशुराम
ने
प्रशिक्षण
कार्यक्रमों
को
अधिक
उपयोगी,
प्रभावशाली
और
परिणाम
मूलक
बनाने
के
लिए
स्वास्थ्य
और
महिला
बाल
विकास
विभाग
द्वारा
संयुक्त
प्रयास
बढ़ाने
के
निर्देश
दिए।
उन्होंने
कहा
कि
पंचायत
एवं
ग्रामीण
विकास
विभाग
भी
ग्रामीण
स्वच्छता
और
ग्रामों
में
स्वास्थ्य
सेवाओं
को
बेहतर
बनाने
के
कार्य
में
सहयोग
करें।
मुख्य
सचिव
ने
संपूर्ण
स्वास्थ्य
सबके
लिए,
मलेरिया
एवं
टीबी
पर
नियंत्रण
और
संपर्क
सेतु
के
अंतर्गत
स्वास्थ्य
विभाग
के
अधिकारियों,
कर्मचारियों
और
आशा
कार्यकर्ताओं
को
निःशुल्क
मोबाइल
फोन
कनेक्शन
देने
के
प्रस्ताव
के
संबंध
में
जानकारी
प्राप्त
की।
बैठक
में
प्रमुख
सचिव
स्वास्थ्य
श्री
प्रवीर
कृष्ण
ने
बताया
प्रदेश
के
सभी
जिला
चिकित्सालयों,
सिविल
अस्पतालों,
सामुदायिक
स्वास्थ्य
और
प्राथमिक
स्वास्थ्य
केंद्रों
में
रोगियों
को
औषधि
आपूर्ति
की
व्यवस्था
बेहतर
बनाने
के
लिए
योजना
तैयार
की
गई
है।
रोगियों
को
24
घंटे
दवाएं
उपलब्ध
कराने
के
साथ
ही
108
एवं
अन्य
एम्बुलेंस
सेवाओं
को
एक
कॉल
सेंटर
के
माध्यम
से
संचालित
किए
जाने
पर
विचार
किया
जा
रहा
है।
राज्य
में
टीकाकरण,
शिशु
स्वास्थ्य,
मातृ
स्वास्थ्य,
जननी
सुरक्षा
योजना,
शहरी
स्वास्थ्य,
अस्पतालों
के
सुदृढ़ीकरण,
ग्राम
स्वच्छता,
कुष्ठ
उन्मूलन,
क्षय
नियंत्रण
आदि
के
संबंध
में
विस्तार
से
चर्चा
हुई।
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