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प्रदेश
के
सभी
सरकारी
प्राथमिक
और
माध्यमिक
स्कूलों
में
‘‘पंच-प’’
अभियान
प्रारंभ
हुआ।
स्कूल
शिक्षा
मंत्री
श्रीमती
अर्चना
चिटनीस
ने
अभियान
की
अवधारणा
स्पष्ट
करते
हुए
बताया
कि
विद्यार्थियों
में
पर्यावरण
संवर्धन
के
प्रति
अपनत्व
पैदा
कर
अपने
परिवेश
और
परम्पराओं
की
पहचान
के
दृष्टिगत
‘‘पंच-प’’
आस-पास
की
खोज
अभियान
प्रारंभ
किया
गया
है।
उत्कृष्ट
कार्य
करने
वाले
विद्यार्थी
15
अगस्त
को
शाला
प्रबंध
समिति
द्वारा
पुरस्कृत
किए
जाएँगे।
स्कूल
शिक्षा
मंत्री
ने
भोपाल
में
नौ
जुलाई
को
बताया
कि
शैक्षणिक
गतिविधियों
के
साथ
इस
तरह
के
ज्ञान
की
अरसे
से
आवश्यकता
महसूस
की
जा
रही
थी।
उन्होंने
बताया
कि
15
अगस्त
तक
यह
अभियान
चलेगा।
इस
अवधि
में
विद्यार्थियों
के
समग्र
विकास
को
सुनिश्चित
करने
की
दृष्टि
से
विद्यार्थी
अपने
बुजुर्गों
और
शिक्षकों
से
सहयोग
और
मार्गदर्शन
लेंगे।
वे
अपने
परिवार-परिवेश-परम्परा
एवं
पर्यावरण
के
बारे
में
जानेंगे
और
पराक्रम
के
तहत
समुदाय,
राष्ट्र
के
वीर
सेनानियों
तथा
अमर
शहीदों
के
जीवन
से
परिचित
होंगे।
राज्य
शिक्षा
केन्द्र
ने
इस
संबंध
में
निर्देश
जारी
किए
हैं।
कक्षा
पहली
और
दूसरी
के
बच्चे
अपने
परिवार
के
सदस्यों
के
नाम,
रिश्ते
का
संबोधन,
पड़ोसी
परिवार
का
परिचय,
मोहल्ले
की
जानकारी,
आस-पास
के
पेड़-पौधों
के
नाम,
प्रमुख
त्यौहारों
की
जानकारी
संकलित
करेंगे।
ये
बच्चे
मौखिक
रूप
से
अपनी
दादी-नानी
से
सुनी
कहानियाँ
भी
सुनाएँगे।
इससे
बड़ी
कक्षाओं
के
विद्यार्थी
परिवार
की
पीढ़ियों
के
परिचय
के
साथ
वंश-वृक्ष
का
आकल्पन
करेंगे।
ये
बच्चे
अपने
गाँव-शहर,
समुदाय,
राष्ट्र
की
विभिन्न
विशेषताओं
यथा
लोकगीत,
लोक-कलाएँ,
तीज-त्यौहार,
ऐतिहासिक
धरोहरों,
दर्शनीय
स्थलों,
स्मारकों,
अमर
शहीदों
और
वीर
सैनिकों
की
गाथाओं
से
‘‘पंच-प’’
की
अवधारणा
के
दृष्टिगत
गतिविधि
में
सम्मिलित
होंगे।
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