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प्रदेश
में
श्रमिक
परिवारों
को
शिक्षा
और
स्वास्थ्य
योजनाओं
से
लाभान्वित
करने
के
लिए
श्रम
विभाग
के
प्रयासों
में
महिला
एवं
बाल
विकास,
शिक्षा
और
स्वास्थ्य
विभाग
द्वारा
भी
सहयोग
दिया
जाएगा।
इसके
लिए
अधिकारी
सांझे
दौरे
भी
करेंगे।
विशेषकर
खनन
श्रमिकों
के
बच्चों
के
लिए
बेहतर
सुविधाएं
जुटाई
जाएँगी।
यह
जानकारी
भोपाल
में
12
जुलाई
को
मंत्रालय
में
राष्ट्रीय
बाल
अधिकार
संरक्षण
आयोग
के
सदस्य
डॉ.
योगेश
दुबे
को
दी
गई।
प्रमुख
सचिव
श्रम
श्री
अजय
तिर्की,
खनिज
सचिव
श्री
एस.एन.
मिश्रा
एवं
संबंधित
अधिकारी
बैठक
में
उपस्थित
थे।
बैठक
में
बताया
गया
कि
बाल
श्रम
अधिनियम
1986
के
अंतर्गत
पिछले
वर्ष
6,636
निरीक्षण
किए
गए
और
300
प्रकरण
में
अभियोजन
की
कार्यवाही
भी
की
गई।
राष्ट्रीय
बाल
अधिकार
संरक्षण
आयोग
के
सदस्य
श्री
दुबे
ने
इस
अवसर
पर
मध्यप्रदेश
में
बीड़ी
उद्योग
से
जुड़े
श्रमिकों
और
उन्हें
दी
जा
रही
सुविधाओं
की
जानकारी
प्राप्त
की।
श्री
दुबे
को
बताया
गया
कि
परिवहन,
होटल,
ऑॅटो
गैरेज
और
अन्य
घरेलू
कार्यों
में
लगे
बाल
श्रमिकों
को
समय-समय
पर
मुक्त
करवाने
और
उन्हें
पढ़ाई-लिखाई
से
जोड़ने
के
प्रयास
किए
जाते
हैं।
प्रदेश
में
विमुक्त
बाल
श्रमिकों
के
नियोजकों
के
विरुद्ध
विभिन्न
प्रकरणों
में
कार्यवाही
भी
की
गई
है।
बैठक
में
मध्यप्रदेश
भवन
एवं
अन्य
संनिर्माण
कर्मकार
कल्याण
मंडल
के
तहत
21
लाख
निर्माण
श्रमिकों
के
पंजीयन
और
10
लाख
से
अधिक
श्रमिकों
को
विभिन्न
योजनाओं
से
लाभान्वित
करने
की
जानकारी
दी
गई।
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