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राज्यपाल
श्री
राम
नरेश
यादव
ने
कहा
है
कि
देश
के
उच्च
और
उत्कृष्ट
शिक्षा
संस्थानों
से
शिक्षा
पूरी
करने
वाले
छात्र
देश
में
ही
रहकर
अपने
ज्ञान,
कौशल
तथा
विभिन्न
विषयों
की
विशेष
दक्षताओं
का
सदुपयोग
देश
की
प्रगति
और
देश
के
लोगों
का
जीवन
स्तर
ऊँचा
उठाने
में
करें।
राज्यपाल
भोपाल
में
10
जुलाई
को
नई
विधानसभा
के
सभागार
में
राजीव
गांधी
प्रौद्योगिकी
विश्व
विद्यालय
के
सातवें
दीक्षांत
समारोह
को
संबोधित
कर
रहे
थे।
श्री
यादव
ने
कहा
कि
देश
के
युवकों
को
उच्चतम
और
उत्कृष्ट
श्रेणी
की
शिक्षा
ग्रहण
करने
के
लिए
अधिकतम
अवसर
और
पर्याप्त
संस्थान
देश
में
ही
उपलब्ध
कराये
जाने
चाहिए।
इस
अवसर
पर
राज्यपाल
श्री
यादव
ने
भारत
सरकार
की
राष्ट्रीय
मूल्यांकन
एवं
प्रत्यायन
परिषद,
नई
दिल्ली
के
अध्यक्ष
प्रो.
गोवर्धन
मेहता
को
अधोसंरचना
के
क्षेत्र
में
महत्वपूर्ण
योगदान
के
लिए
विश्वविद्यालय
की
मानद
उपाधि
डॉक्टर
ऑॅफ
साइंस
से
विभूषित
किया।
राज्यपाल
श्री
यादव
ने
छात्रों
से
कहा
कि
भारतीय
परम्पराओं
में
ज्ञान
को
जीवन
का
पथ-प्रदर्शक
बताया
गया
है।
उन्होंने
कहा
कि
शिक्षा
ग्रहण
करने
के
साथ-साथ
ही
छात्रों
को
अपना
दृष्टिकोण,
आचरण
और
व्यवहार
ऐसा
बनाना
होगा
जो
उन्हें
राष्ट्र
विकास
के
लिए
प्रेरित
करता
रहे।
राज्यपाल
श्री
यादव
ने
कहा
कि
हमारे
देश
की
शिक्षा
पद्धति
का
प्राचीन
इतिहास
अत्यंत
गौरवपूर्ण
रहा
है।
गुरू-शिष्य
परम्परा
और
गुरू-दीक्षा
जैसी
परम्पराओं
से
हमारा
इतिहास
समृद्ध
है।
मुझे
विश्वास
है
कि
हमारे
इंजीनियर्स
अपनी
तकनीकी
दक्षता
और
ज्ञान
के
समुचित
उपयोग
से
हमारे
संसाधनों
का
बेहतर
इस्तेमाल
कर
सकेंगे।
उन्होंने
शिक्षा
संस्थानों
से
उत्कृष्टता
और
गुणवत्ता
बनाये
रखते
हुए
अपनी
स्थापना
की
सार्थकता
सिद्ध
करते
रहने
का
आग्रह
किया।
समारोह
में
66
छात्रों
को
पीएच.डी.
की
डिग्री
दी
गई।
प्रावीण्य
सूची
में
स्थान
प्राप्त
करने
वाले
वर्ष
2010
और
वर्ष
2011
के
लिए
तीन-तीन
छात्रों
को
कुलाधिपति
स्वर्ण
पदक
दिया
गया।
विश्वविद्यालय
की
ओर
से
वर्ष
2010
के
लिए
25
और
वर्ष
2011
के
लिए
28
छात्र
को
विश्वविद्यालय
स्वर्ण
पदक
दिये
गये।
इसी
प्रकार
वर्ष
2010
के
लिए
25
छात्र
और
वर्ष
2011
के
लिए
27
छात्रों
को
विश्वविद्यालय
रजत
पदक
से
सम्मानित
किया
गया।
दीक्षांत
समारोह
में
तकनीकी
शिक्षा
मंत्री
श्री
लक्ष्मीकांत
शर्मा
ने
कहा
है
कि
शहडोल
और
झाबुआ
के
साथ
ही
छतरपुर
जिले
के
नौगाँव
में
भी
नया
इंजीनियरिंग
कॉलेज
खोलने
का
निर्णय
लिया
गया
है।
उन्होंने
बताया
कि
इस
वर्ष
समय
पर
पी.ई.टी.
एवं
पी.पी.टी.
परीक्षाएँ
करवाई
जाकर
विद्यार्थियों
के
प्रवेश
की
प्रक्रिया
जारी
है।
श्री
शर्मा
ने
कहा
कि
प्रदेश
में
शिक्षा
का
स्तर
इतना
श्रेष्ठ
बनाना
है
कि
अन्य
प्रदेशों
के
छात्र
यहाँ
पढ़ने
आएँ।
उन्होंने
बताया
कि
युवाओं
को
तकनीकी
शिक्षा
से
जोड़ने
के
लिए
अनेक
पॉलीटेक्निक
और
आई.टी.आई.
प्रारंभ
किए
जा
रहे
हैं।
तकनीकी
शिक्षा
राज्यमंत्री
श्री
महेन्द्र
हार्डिया
ने
कहा
कि
विद्यार्थी
यहां
ली
गई
शपथ
का
हमेशा
पालन
करें।
प्रो.
गोवर्धन
मेहता
ने
कहा
कि
विद्यार्थी
देश
और
मानवता
की
सेवा
के
लिए
हमेशा
तत्पर
रहें।
उन्होंने
कहा
कि
इस
जमाने
में
गुड
नहीं,
बेस्ट
बनने
की
जरूरत
है।
राजीव
गाँधी
प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय
के
कुलपति
डॉ.
पीयूष
त्रिवेदी
ने
विश्वविद्यालय
में
पाठ्यक्रमों
एवं
कार्यक्रमों
के
बारे
में
जानकारी
दी।
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