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विदेश
में
अध्ययन
हेतु
छात्रवृत्ति
योजना
उद्देश्य-
अनुसूचित
जाति
जनजाति
वर्ग
के
ऐसे
अभ्यार्थी
जो
स्नातक
उपाधि,
स्नातकोत्तर
उपाधि,
शोध
उपाधि
प्राप्त
करने
के
लिये
विदेशों
में
अध्ययन
करना
चाहते
हैं,
उन्हें
राज्य
शासन
द्वारा
छात्रवृत्ति
के
रूप
में
अधिकतम
15.00
लाख
रुपये
प्रतिवर्ष
दिये
जाने
का
प्रावधान
है।
योजना
का
स्वरूप
और
कार्यक्षेत्र-
विदेश
में
उच्च
शिक्षा
ग्रहण
करने
के
लिये
योजना
संपूर्ण
मध्यप्रदेश
के
जिलों
के
लिये
लागू
है।
पात्रता-
1.
आवेदन
हितग्राही
को
60
प्रतिशत
अंक
प्राप्त
हो।
2.
मध्यप्रदेश
में
निवासरत
अनुसूचित
जाति-जनजाति
का
सदस्य
हो।
3.
आयु
18
वर्ष
से
अधिक
एवं
35
वर्ष
से
कम
हो।
4.
आवेदक
या
उसके
अभिभावक
की
आय
सीमा
अधिकतम
5
लाख
रुपये।
5.
विदेश
में
मान्यता
प्राप्त
विश्वविद्यालय/महाविद्यालय
में
चयन
होने
व
प्रवेश
का
प्रमाण।
योजना
क्रियान्वयन
की
प्रक्रिया-
आवेदक
विज्ञापन
जारी
होने
के
उपरांत
निर्धारित
समयावधि
में
निर्धारित
प्रपत्र
में
आवेदन-पत्र,
आयुक्त,
अनुसूचित
जाति/आदिवासी
विकास
मध्यप्रदेश
भोपाल
को
प्रेषित
करेगा।
योजना
हेतु
संपर्क-
विकासखंड
शिक्षा
अधिकारी
या
जिला
संयोजक
अथवा
संंबंधित
महाविद्यालय
के
प्राचार्य।
स्रोत-
आगे
आयें
लाभ
उठायें
संस्करण
नवंबर
2011।
विशेष-
शासन
के
विभिन्न
विभागों
की
जानकारी
का
प्रकाशन
रोज़गार
और
निर्माण
में
किया
जा
रहा
है।
प्रकाशन
के
लिए
सभी
प्रकाशकीय
सामग्री
संबंधित
विभागों
से
ली
गई
है,
फिर
भी
उचित
होगा
कि
योजना
संबंधी
किसी
भी
प्रकार
की
अन्य
सूचना
पुष्टि
के
लिये
संबंधित
विभाग
से
संपर्क
करें।
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