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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
प्रदेश
में
होने
वाली
ग्लोबल
इन्वेस्टर
मीट
से
पहले
देश
के
प्रमुख
औद्योगिक
नगरों
और
निवेश
की
भरपूर
संभावना
वाले
राष्ट्रों
में
जायेंगे।
श्री
चौहान
इन
राष्ट्रों
के
निवेशकों
से
मिलकर
अलग-अलग
सेक्टर
में
निवेश
के
लिये
प्रेरित
करेंगे।
श्री
चौहान
ने
भोपाल
में
9
जुलाई
को
निर्देश
दिये
हैं
कि
अधिकारियों
के
दल
प्रस्तावित
नगरों
और
राष्ट्रों
में
पहले
से
पहुँचकर
प्रमुख
निवेशकों
तथा
अन्य
संबंधितों
से
मिलें
तथा
यात्रा
को
अधिक
से
अधिक
परिणामदायी
बनायें।
श्री
चौहान
ने
प्रति
सोमवार
उद्योग
एवं
निवेश
से
संबंधित
मसलों
की
समीक्षा
के
लिये
निश्चित
अपनी
प्रथम
बैठक
में
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
मीट
की
तैयारियों
की
भी
समीक्षा
की।
उन्होंने
निर्देश
दिये
कि
प्रदेश
में
स्थापित
उद्योगों
की
प्रमुख
समस्याओं
का
भी
समाधान
किया
जाये।
उन्होंने
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
मीट
को
स्तरीय
बनाने
के
निर्देश
दिये।
श्री
चौहान
ने
निर्देश
दिये
कि
आवश्यक
होने
पर
उद्योग
पॉलिसी
में
व्यवहारिक
सुधार
के
प्रस्ताव
प्रस्तुत
कर
ग्लोबल
इन्वेस्टर
मीट
से
पहले
निर्णय
लिया
जाये।
बैठक
में
वित्त
मंत्री
श्री
राघव
जी
एवं
मुख्य
सचिव
श्री
आर.
परशुराम
भी
मौजूद
थे।
तीन
दिवसीय
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
मीट
इन्दौर
में
28
अक्टूबर
से
होना
है।
निश्चित
समय
पर
निराकरण
के
लिये
औद्योगिक
निवेश
से
संबंधित
विषय
लोक
सेवा
गारंटी
अधिनियम
के
दायरे
में
लाये
जायेंगे।
बैठक
में
मुख्यमंत्री
ने
निर्देश
दिये
कि
निवेशकों
को
यह
विश्वास
दिलाया
जाये
कि
मध्यप्रदेश
में
बगैर
भटकाव
के
उद्योग
जगत
की
अपेक्षित
जरूरतें
पूरी
होती
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
आने
वाले
उद्योगों
को
भूमि
की
उपलब्धता,
उसकी
कीमत,
जल
तथा
विद्युत
आपूर्ति
आदि
की
पूरी
जानकारी
उपलब्ध
करवायी
जाये।
बैठक
में
अतिरिक्त
मुख्य
सचिव
उद्योग
ने
प्रदेश
के
जिलेवार
उद्योगों
की
स्थापना
के
लिये
उपलब्ध
जमीनों
की
जानकारी
प्रस्तुत
करते
हुये
बताया
कि
16
हजार
हेक्टर
भूमि
चिन्हित
की
गयी
है।
मुख्यमंत्री
इसकी
अगली
बैठक
में
विस्तृत
समीक्षा
करेंगे।
बैठक
में
उद्योग
पॉलिसी
में
सेक्टरवार
आवश्यक
परिवर्तन
के
सुझाव
दिये
गये।
बैठक
में
अपर
मुख्य
सचिव
उद्योग
श्री
प्रसन्न
कुमार
दास,
प्रमुख
सचिव
वित्त
श्री
अजयनाथ,
ट्रायफेक
के
प्रबंध
संचालक
श्री
अरुण
भट्ट
भी
उपस्थित
थे।
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