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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने
मुम्बई
में
12
जुलाई
को
उद्योग
समूहों
के
प्रतिनिधियों
से
चर्चा
करते
हुए
कहा
कि
मध्यप्रदेश
ने
12
प्रतिशत
की
वृद्धि
दर
और
18
प्रतिशत
की
कृषि
वृद्धि
दर
हासिल
की
है
जो
विकास
करने
की
दृढ़
इच्छाशक्ति
से
ही
संभव
है।
उन्होंने
कहा
कि
औद्योगिक
विकास
के
लिये
मध्यप्रदेश
में
सुशासन
को
सर्वोच्च
प्राथमिकता
दी
गई
है।
उन्होंने
कहा
कि
अगले
तीन
साल
में
गेहूं
उत्पादन
में
मध्यप्रदेश
देश
में
सबसे
आगे
होगा।
प्रदेश
में
जलराशि
के
बेहतर
प्रबंधन
से
कृषि
में
काफी
विकास
हुआ
है।
उद्यानिकी
फसलों
का
उत्पादन
और
बढ़ा
है।
अब
मूल्य
संवर्धन
पर
ध्यान
दिया
जा
रहा
है।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
सरकार
कृषि
और
औद्योगिक
विकास
के
लिये
संकल्पित
है।
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
अगले
साल
से
प्रदेश
के
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
24
घंटे
बिजली
प्रदान
की
जायेगी। |
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने
कहा
है
कि
देश
में
चल
रही
आर्थिक
मायूसी
की
स्थिति
को
बदलने
में
मध्यप्रदेश
प्रमुख
भूमिका
निभायेगा।
उन्होंने
कहा
कि
बीमारू
राज्य
कहलाने
वाले
राज्य
ने
12
प्रतिशत
की
वृद्धि
दर
और
18
प्रतिशत
की
कृषि
वृद्धि
दर
हासिल
कर
ली
है।
यह
विकास
करने
की
दृढ़
इच्छा-शक्ति
से
संभव
हुआ
है।
उन्होंने
कहा
कि
मध्यप्रदेश
देश
में
निवेश
की
नई
मंजिल
बनने
जा
रहा
है।
श्री
चौहान
12
जुलाई
को
मुम्बई
में
उद्योग
समूह
के
प्रतिनिधियों
को
संबोधित
कर
रहे
थे।
उद्योग
समुदाय
से
संवाद
के
इस
कार्यक्रम
को
भारतीय
उद्योग
परिसंघ
और
व्यापार
एवं
निवेश
सहायता
निगम
(ट्रायफेक)
द्वारा
आयोजित
किया
गया
था।
श्री
चौहान
ने
कहा
कि
औद्योगिक
विकास
के
लिये
मध्यप्रदेश
में
सुशासन
को
सर्वोच्च
प्राथमिकता
दी
गई
है।
लोक
सेवा
प्रदाय
गारंटी
अधिनियम
के
अंतर्गत
निवेशकों
को
भी
समय-सीमा
में
सभी
औपचारिकताएँ
पूरी
करते
हुए
सेवाएँ
उपलब्ध
करवायी
जायेंगी।
कृषि
क्षेत्र
में
हुई
अभूतपूर्व
प्रगति
और
मूल्य
संवर्धन
के
क्षेत्र
में
निवेश
संभावनाओं
की
चर्चा
करते
हुए
उन्होंने
कहा
कि
अगले
तीन
साल
में
गेहूँ
उत्पादन
में
देश
में
सबसे
आगे
की
पंक्ति
में
प्रदेश
खड़ा
होगा।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
की
जल
राशि
के
बेहतर
प्रबंधन
से
यह
संभव
होगा।
उद्यानिकी
फसलों
का
उत्पादन
और
क्षेत्र
उद्यानिकी
फसलों
का
उत्पादन
और
क्षेत्र
बढ़ा
है,
अब
मूल्य
संवर्धन
पर
ध्यान
दिया
जा
रहा
है।
उन्होंने
कहा
कि
औद्योगिक
और
कृषि
क्षेत्र
का
समान
गति
से
विकास
करने
के
लिये
राज्य
संकल्पित
है।
श्री
चौहान
ने
कहा
कि
अगले
साल
से
प्रदेश
के
ग्रामीण
क्षेत्रों
को
24
घंटे
बिजली
मिलने
लगेगी।
इससे
न
सिर्फ
बड़े
बल्कि
लघु
उद्योगों
को
भी
उत्पादन
में
लाभ
मिलेगा।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
में
तीन
नये
औद्योगिक
कॉरिडोर
बनाये
जा
रहे
हैं-
भोपाल-इंदौर,
भोपाल-बीना
और
जबलपुर-कटनी-सिंगरौली।
इन
कॉरिडोर
में
निवेश
की
बड़ी
संभावनाएँ
हैं।
शिक्षा
और
कौशल
विकास
के
संबंध
में
श्री
चौहान
ने
कहा
कि
उद्योगों
के
लिये
जरूरी
कौशल
संपन्न
जनशक्ति
तैयार
करने
के
लिये
कौशल
विकास
मिशन
चलाया
जा
रहा
है।
व्यावसायिक
शिक्षा
के
लिये
विश्वविद्यालय
खोलने
के
संबंध
में
निवेशकों
के
साथ
प्रारंभिक
चर्चा
चल
रही
है।
श्री
चौहान
ने
उद्योग
समूहों
को
इंदौर
में
होने
वाली
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट
में
भाग
लेने
के
लिये
आमंत्रित
किया।
कार्यक्रम
में
श्री
चौहान
ने
उद्योगपतियों
के
सवालों
के
जवाब
भी
दिये।
एक
सवाल
के
जवाब
में
उन्होंने
कहा
कि
विकासखण्ड
स्तर
पर
अस्पतालों
के
प्रबंधन
को
निजी
हाथों
में
सौंपने
पर
विचार
किया
जा
रहा
है।
उन्होंने
बताया
कि
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट
में
लघु
उद्योगों
पर
विशेष
रूप
से
चर्चा
होगी।
उद्योग
मंत्री
श्री
कैलाश
विजयवर्गीय
ने
कहा
कि
प्रदेश
ने
औद्योगिक
विकास
और
निवेश
के
लिये
सभी
आवश्यक
औद्योगिक
अधोसंरचनाएँ
तैयार
कर
ली
गयी
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
राजनैतिक
स्थिरता
और
विकास
करने
की
इच्छा-शक्ति
से
निवेशकों
का
विश्वास
और
रुझान
लगातार
बढ़
रहा
है।
भारतीय
उद्योग
परिसंघ
के
पश्चिम
क्षेत्र
के
अध्यक्ष
श्री
प्रदीप
भार्गव
ने
मुख्यमंत्री
के
नेतृत्व
की
सराहना
करते
हुए
कहा
कि
मध्यप्रदेश
के
विकास
को
नये
तरीके
से
समझने
की
जरूरत
है।
हार्डवेयर
वही
है
लेकिन
मुख्यमंत्री
की
उद्योग
मित्र
नीतियों
के
रूप
में
सॉफ्टवेयर
बदलने
से
विकास
की
गति
तेज
हो
गई
है।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
को
बड़े
स्तर
पर
अपनी
क्षमताएँ
प्रदर्शित
करने
की
जरूरत
है।
अन्य
राज्यों
में
बिजली
चमकती
है,
बादल
आते
हैं
लेकिन
बारिश
नहीं
होती
लेकिन
मध्यप्रदेश
में
बारिश
हो
रही
है
बिना
बिजली
चमके
और
बिना
बादल
गरजे।
शांतिपूर्ण
तरीके
से
हो
रहे
इस
विकास
को
समझना
होगा।
उन्होंने
कहा
कि
प्रदेश
द्वारा
12
प्रतिशत
विकास
दर
हासिल
करना
एक
इतिहास
बनाने
जैसा
काम
है।
देश
को
ऐसे
ही
जुनून
की
जरूरत
है।
मुख्य
सचिव
श्री
आर.
परशुराम
ने
कहा
कि
निवेशकों
की
सभी
प्रकार
की
प्रशासनिक
औपचारिकताएँ
पूरी
करने
के
लिये
व्यवस्थाएँ
की
गई
हैं।
उद्योगों
को
आकर्षक
पैकेज
दिया
जा
रहा
है।
अपर
मुख्य
सचिव
श्री
पी.के.
दाश
ने
प्रदेश
में
निवेश
की
संभावनाओं
और
क्षेत्र
विशेष
में
उपलब्ध
निवेश
के
अवसरों
की
विस्तार
से
चर्चा
की।
भारतीय
उद्योग
परिसंघ
के
म.प्र.
काउंसिल
के
उपाध्यक्ष
श्री
रंजन
भिमानी
ने
कार्यक्रम
का
संचालन
किया।
प्रबंध
संचालक
ट्रायफेक
(ट्रेड
एण्ड
इन्वेस्टमेंट
फेसिलीटेशन
कारपोरेशन)
श्री
ए.के.
भट्ट
ने
आभार
व्यक्त
किया।
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