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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की
अध्यक्षता
में
भोपाल
में
चार
सितंबर
को
सम्पन्न
राजीव
आवास
योजना
साधिकार
समिति
की
बैठक
में
भोपाल
और
उज्जैन
के
लिए
मलिन
बस्ती
मुक्त
नगर
पायलट
परियोजना
का
अनुमोदन
किया
गया।
परियोजना
के
तहत
दोनों
नगर
में
262
करोड़
की
लागत
से
4
हजार
आवास
निर्मित
किये
जायेंगे।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
मलिन
बस्ती
समस्या
समाधान
के
लिए
दीर्घकालिक
योजना
बनाने
के
निर्देश
दिये।
उन्होंने
कहा
कि
शहरों
में
मजदूरी
के
लिए
आने
वालों
की
समुचित
आवासीय
व्यवस्था
आवश्यक
है।
उन्होंने
इस
संबंध
में
केन्द्र
सरकार
के
समक्ष
विस्तृत
परियोजना
प्रस्तुत
करने
के
भी
निर्देश
दिये।
श्री
चौहान
ने
मलिन
बस्ती
मुक्त
नगरों
के
विकास
के
कार्यों
में
जन-प्रतिनिधियों
की
भूमिका
को
महत्वपूर्ण
बताया।
उन्होंने
कहा
कि
क्षेत्र
के
पार्षद,
महापौर,
विधायक
एवं
अन्य
जन-प्रतिनिधि
योजना
और
उसके
लाभों
के
संबंध
में
बस्ती
के
रहवासियों
को
जागृत
करने
का
कार्य
करें।
बैठक
में
बताया
गया
कि
पायलट
प्रोजेक्ट
के
तहत
भोपाल
में
अर्जुन
नगर,
झील
नगर,
शांति
नगर,
क्रशर
नगर
और
अम्बेडकर
नगर
की
पाँच
बस्तियाँ
शामिल
की
गई
हैं।
प्रोजेक्ट
के
तहत
5,697
जनसंख्या
के
लिए
1,663
आवास
बनाए
जाएंगे।
आवास
की
प्रति
इकाई
लागत
5
लाख
44
हजार
रुपये
है।
इसमें
70
प्रतिशत
शासन
अनुदान
के
रूप
में
उपलब्ध
करवाये।
शेष
सवा
लाख
रुपये
संबंधित
हितग्राही
का
अंश
होगा।
इसी
प्रकार
उज्जैन
में
भेरूगढ़
तोड़ी
मौजन
खेड़ी,
शांति
नगर,
हरी
फाटक,
राजीव
नगर,
लौहार
पट्टी,
मोती
नगर
और
एकता
नगर
सात
बस्तियाँ
राजीव
आवास
योजना
में
शामिल
की
गई
हैं।
इन
बस्तियों
की
9,596
आबादी
के
लिए
2,395
आवास
बनाए
जाएंगे।
प्रति
आवास
5
लाख
93
हजार
रुपये
की
लागत
आएगी।
इसमें
से
70
प्रतिशत
राशि
शासकीय
अनुदान
के
रूप
में
होगी।
शेष
30
प्रतिशत
राशि
हितग्राही
अंश
होगा।
बैठक
में
बताया
कि
राजीव
आवास
योजना
प्रदेश
के
भोपाल,
उज्जैन
सहित
इंदौर,
जबलपुर,
ग्वालियर
और
सागर
में
संचालित
है।
बैठक
में
नगरीय
विकास
मंत्री
श्री
बाबूलाल
गौर,
सांसद
श्री
प्रेमचंद
गुड्डू,
महापौर
भोपाल
श्रीमती
कृष्णा
गौर,
जबलपुर
महापौर
श्री
प्रभात
साहू,
उज्जैन
महापौर
श्री
रामेश्वर
अखण्ड,
सागर
की
महापौर
सुश्री
सुमन
अहिरवार,
मुख्य
सचिव
श्री
आर.
परशुराम
एवं
अन्य
अधिकारी
उपस्थित
थे।
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